मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की चर्चा तेज, 16-17 नए चेहरों को मिल सकती है जगह; वैष्णव के प्रमोशन और गडकरी के विभाग बदलने की अटकलें
भाजपा संगठन में बदलाव के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार पर सियासी हलचल, कई मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव की चर्चा
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक बदलावों के बाद अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में बड़े विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में संभावित कैबिनेट ओवरहॉलिंग को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में 16 से 17 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों और विभागों में बदलाव संभव है।
संभावित फेरबदल को लेकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और नितिन गडकरी के नाम विशेष रूप से चर्चा में हैं। वैष्णव को और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर उनका राजनीतिक कद बढ़ाए जाने की अटकलें हैं। वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के विभाग में बदलाव की संभावना को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है।
हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार या विभागों में बदलाव को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए सामने आ रही जानकारियों को फिलहाल संभावित फेरबदल से जुड़ी राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।
16 से 17 नए चेहरों की एंट्री की चर्चा
संभावित कैबिनेट विस्तार का सबसे बड़ा पहलू नए चेहरों की एंट्री माना जा रहा है। चर्चा है कि मोदी सरकार अपने मंत्रिमंडल में करीब 16 से 17 नए सदस्यों को जगह दे सकती है।
यदि ऐसा होता है तो मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश भी देखने को मिल सकती है। अलग-अलग राज्यों को प्रतिनिधित्व देने के साथ संगठन में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुछ नेताओं को सरकार में जिम्मेदारी मिलने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है।
नए मंत्रियों की नियुक्ति के साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, जबकि कुछ को अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
अश्विनी वैष्णव के प्रमोशन की अटकलें
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं के केंद्र में हैं। राजनीतिक गलियारों में उन्हें और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
वैष्णव मोदी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। सरकार की तकनीक, रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना-प्रसारण से जुड़ी नीतियों में उनकी भूमिका प्रमुख रही है। ऐसे में संभावित फेरबदल में उनके राजनीतिक और प्रशासनिक कद में बढ़ोतरी की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि उन्हें कौन-सी नई जिम्मेदारी मिल सकती है या उनके मौजूदा विभागों में क्या बदलाव होगा, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
नितिन गडकरी के विभाग में बदलाव की चर्चा
मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल नितिन गडकरी को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है। लंबे समय से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे गडकरी के विभाग में बदलाव की संभावना की चर्चा है।
गडकरी का नाम देश में हाईवे, एक्सप्रेस-वे और सड़क बुनियादी ढांचे के विस्तार से प्रमुखता से जुड़ा रहा है। इसलिए यदि उनके मंत्रालय में बदलाव किया जाता है तो इसे मोदी सरकार के महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलावों में गिना जाएगा।
फिलहाल इस संबंध में सरकार या भाजपा की ओर से कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
संगठन में बदलाव के बाद मंत्रिमंडल पर नजर
भाजपा संगठन में बदलाव की प्रक्रिया के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं ने राजनीतिक दिलचस्पी बढ़ा दी है। आमतौर पर बड़े संगठनात्मक बदलावों के बाद सरकार और संगठन के बीच जिम्मेदारियों के नए संतुलन को लेकर अटकलें तेज हो जाती हैं।
संभावित कैबिनेट विस्तार के जरिए सरकार अलग-अलग राज्यों और सामाजिक समूहों के प्रतिनिधित्व के साथ आगामी राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रख सकती है।
कई नेताओं को संगठन से सरकार और कुछ को सरकार से संगठन में जिम्मेदारी दिए जाने जैसी संभावनाओं की भी राजनीतिक स्तर पर चर्चा हो सकती है।
क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरण भी रहेंगे अहम
यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होता है तो नए चेहरों के चयन में क्षेत्रीय संतुलन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन राज्यों पर विशेष नजर रह सकती है जहां आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं या जहां भाजपा अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत करना चाहती है।
इसके अलावा सहयोगी दलों के प्रतिनिधित्व पर भी नजर रहेगी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विभिन्न घटक दलों के बीच संतुलन बनाए रखना किसी भी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की तारीख, नए मंत्रियों के नाम अथवा मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदलने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अश्विनी वैष्णव के प्रमोशन, नितिन गडकरी के विभाग में बदलाव और 16 से 17 नए चेहरों की एंट्री जैसी बातें अभी राजनीतिक चर्चाओं और मीडिया रिपोर्टों तक सीमित हैं।
ऐसे में वास्तविक तस्वीर प्रधानमंत्री कार्यालय अथवा केंद्र सरकार की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि बड़े स्तर पर फेरबदल होता है तो यह मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल के महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों में से एक हो सकता है।
