मोदरान व्यक्तित्व विकास एवं संस्कार शिविर का भव्य समापन, विद्यार्थियों ने योग, प्राणायाम, राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कारों की दी शानदार प्रस्तुतियां।
मोदरान व्यक्तित्व विकास एवं संस्कार शिविर का हुआ भव्य समापन
भीनमाल क्षेत्र के निकटवर्ती मोदरान गांव स्थित अणदेश्वर वाटिका सोनी समाज भवन भीमपुरा रोड मोदरान में आयोजित चार दिवसीय मोदरान व्यक्तित्व विकास एवं संस्कार शिविर का बुधवार को भव्य एवं प्रेरणादायी समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन विद्यार्थियों द्वारा योग, प्राणायाम, व्यायाम, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति एवं भारतीय संस्कारों से जुड़ी शानदार प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें देखकर उपस्थित जनसमूह भावुक और प्रेरित नजर आया।कार्यक्रम में सैकड़ों अभिभावकों, प्रवासियों, भामाशाहों एवं प्रबुद्धजनों की उपस्थिति रही। शिविर के सफल आयोजन पर समाजबंधुओं ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।
मोदरान व्यक्तित्व विकास एवं संस्कार शिविर में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
शिविर के तीसरे दिन मंगलवार सायंकाल शारीरिक सत्र, सामूहिक संध्या वंदन एवं रात्रिकालीन अंताक्षरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
बुधवार प्रातः जागरण के बाद योग, प्राणायाम एवं व्यायाम करवाया गया। इसके पश्चात अल्पाहार एवं अन्य गतिविधियों का आयोजन हुआ। शिविर प्रबंधक रमेश सोनी पुनासा ने बताया कि शिविर का उद्देश्य बच्चों में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना था।
पंच परिवर्तन विषय पर पंकज कुमार का प्रेरणादायक उद्बोधन
शिविर के अंतिम दिन प्रथम सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख Pankaj Kumar ने “पंच परिवर्तन” विषय पर उद्बोधन दिया।उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी एवं नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और ऐसे समय में भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने सभी शिविरार्थियों से राष्ट्रहित में कार्य करने तथा अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
संत कृपारामजी महाराज ने संस्कारयुक्त शिक्षा पर दिया जोर
समापन सत्र में कथावाचक संत Kriparam Ji Maharaj ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा एवं अनुशासन से ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण संभव है।उन्होंने ऐसे शिविरों को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए आयोजन समिति की सराहना की। साथ ही बच्चों को सदाचार, सेवा, अनुशासन और भारतीय संस्कृति से जुड़कर जीवन जीने की प्रेरणा दी।
ब्रह्माकुमारी संस्था की डॉ. गीताबेन ने दिया सकारात्मक सोच का संदेश
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था से आईं Dr. Gita Ben ने ज्ञान, सकारात्मक सोच एवं आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर चर्चा की।उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने, अच्छे विचार अपनाने और तनावमुक्त जीवन जीने के उपाय बताए। उनके प्रेरक विचारों ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को गहराई से प्रभावित किया।
राष्ट्रीय स्तर की योग खिलाड़ी याना पटेल बनी आकर्षण का केंद्र
समापन समारोह में पालनपुर गुजरात से आईं राष्ट्रीय स्तर की स्वर्ण पदक विजेता योग खिलाड़ी Yana Patel ने कठिन योगासनों एवं व्यायाम की शानदार प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।उनकी प्रस्तुति के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। शिविर में करवाए गए “थर्ड आई” अभ्यास का प्रदर्शन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
थर्ड आई प्रदर्शन ने लोगों को किया आश्चर्यचकित
शिविर के दौरान तीन बालकों की आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें हाथ में दी गई वस्तुओं के रंग एवं नोटों की पहचान करवाई गई। इस प्रदर्शन ने वहां मौजूद सभी लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।लोगों ने इस गतिविधि को बच्चों की एकाग्रता और मानसिक क्षमता बढ़ाने वाला अनूठा प्रयोग बताया।
विद्यार्थियों को मिली अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की सीख
शिविर में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने गीत, योग, व्यायाम एवं संस्कारों से जुड़ी अनेक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने बताया कि शिविर के दौरान उन्हें व्यक्तित्व विकास, समय प्रबंधन, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति एवं अच्छे संस्कारों की महत्वपूर्ण सीख मिली।शिविर प्रबंधन के अनुसार बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
मोदरान व्यक्तित्व विकास एवं संस्कार शिविर में हुआ सम्मान समारोह
समापन अवसर पर सभी शिविरार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। वहीं शिविर में सहयोग देने वाले भामाशाहों का सम्मान पत्र एवं साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया।शिक्षकों, प्रशिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं का भी सम्मान किया गया। शिविर प्रबंधक रमेश सोनी पुनासा ने कहा कि यह शिविर विद्यार्थियों के जीवन में नई ऊर्जा और संस्कारों की भावना जागृत करने वाला प्रेरणादायक आयोजन रहा।
महामंडलेश्वर रविशरणानंद गिरी महाराज का मिला आशीर्वाद
समापन कार्यक्रम महामंडलेश्वर Ravisharananand Giri Maharaj एवं कथावाचक संत कृपाराम महाराज के आशीर्वाद के साथ सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर सेवानिवृत्त तहसीलदार मानाराम चौधरी सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
समाजहित में प्रेरणादायक पहल बना शिविर
चार दिनों तक चले इस शिविर में विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम, व्यायाम, नैतिक शिक्षा, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, संस्कार एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया।अभिभावकों एवं समाजबंधुओं ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।


