विधवा विकलांग और वृद्ध पेंशन 1500 रुपए करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम मंत्री चेतन काश्यप को सौंपा गया ज्ञापन।
विधवा विकलांग और वृद्ध पेंशन 1500 रुपए करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
रतलाम प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश में निवासरत विधवा, विकलांग और वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों की पेंशन राशि बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
यह मांग पत्र प्रदेश के लघु सूक्ष्म उद्योग मंत्री Chetan Kashyap के माध्यम से दिया गया। ज्ञापन में मांग की गई कि वर्तमान में दी जा रही 600 रुपए की पेंशन राशि को बढ़ाकर लाडली बहना योजना की तर्ज पर 1500 रुपए किया जाए।
चेतन काश्यप के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई मांग
ज्ञापन में बताया गया कि आज के समय में बढ़ती महंगाई ने गरीब मजदूर, किसान एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति को बेहद प्रभावित किया है।ऐसे में वे लोग जो शारीरिक अक्षमता, वृद्धावस्था या जीवनसाथी के निधन के कारण आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके हैं, उन्हें सरकार की ओर से अधिक सहयोग की आवश्यकता है।इस मांग पत्र को प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav तक पहुंचाने के लिए मंत्री Chetan Kashyap को सौंपा गया।
विधवा विकलांग और वृद्ध पेंशन 1500 रुपए करने की मांग क्यों उठी
ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में प्रदेश में विधवा, विकलांग और वृद्धजनों को मात्र 600 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाती है, जो आज की महंगाई के दौर में बेहद कम है।मांगकर्ताओं का कहना है कि इतनी कम राशि से जरूरतमंद व्यक्ति अपनी दवाइयों, भोजन एवं दैनिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाते।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिन लोगों की कोई आय नहीं है और जो गरीबी में जीवनयापन कर रहे हैं, उनके लिए पेंशन राशि बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।
महंगाई के दौर में गरीब और जरूरतमंदों की बढ़ी परेशानियां
मांग पत्र में कहा गया कि देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई के कारण आम जनता को रोजमर्रा का जीवन चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।गरीब मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवार आर्थिक दबाव में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।ऐसे समय में विधवा, विकलांग एवं वृद्ध महिलाओं और पुरुषों के लिए 600 रुपए की पेंशन “ऊंट के मुंह में जीरे के समान” साबित हो रही है।
लाडली बहना योजना की तर्ज पर पेंशन बढ़ाने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि जब प्रदेश सरकार लाडली बहना योजना के अंतर्गत महिलाओं को 1500 रुपए तक आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, तो विधवा, विकलांग और वृद्ध महिलाओं को भी समान रूप से सहायता मिलनी चाहिए।मांगकर्ताओं ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका मान और सबका सम्मान” का नारा तभी सार्थक होगा जब समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग को भी समान सहायता प्रदान की जाए।
अन्य राज्यों की पेंशन योजनाओं का दिया उदाहरण
ज्ञापन में अन्य राज्यों की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया कि पश्चिम बंगाल में पूर्व में 1000 रुपए पेंशन दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 2000 रुपए किया गया।इसी प्रकार गुजरात और राजस्थान में 1200 रुपए तक तथा महाराष्ट्र में भी 1000 रुपए से अधिक पेंशन राशि दी जा रही है।मांगकर्ताओं ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी पेंशन राशि बढ़ाकर कम से कम 1500 रुपए की जानी चाहिए।
सामाजिक न्याय और लोककल्याण की भावना से जुड़ी मांग
ज्ञापन में कहा गया कि विधवा, विकलांग और वृद्ध व्यक्तियों की सहायता करना सच्ची मानव सेवा और लोककल्याण की भावना है।समाज के ऐसे लोग जो जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे हैं, उन्हें आर्थिक संबल देना सरकार की जिम्मेदारी है।मांगकर्ताओं का मानना है कि यदि पेंशन राशि बढ़ाई जाती है तो इससे हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार आएगा।
महिलाओं और वृद्धजनों के जीवन स्तर में आएगा सुधार
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पेंशन राशि बढ़ने से विधवा महिलाओं, विकलांग व्यक्तियों और वृद्धजनों को आर्थिक राहत मिलेगी।वे अपनी दैनिक जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पाएंगे और सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों और भोजन जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।
जनता के हित में बड़ा फैसला लेने की मांग
मांगकर्ताओं ने प्रदेश सरकार से अपील की कि समाज के कमजोर वर्गों को राहत देने के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाए।उन्होंने कहा कि यदि लाडली बहना योजना की तर्ज पर पेंशन राशि बढ़ाई जाती है तो यह प्रदेश की लाखों विधवा, विकलांग और वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।



