रणायरा में विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय ने की गो-सेवा, मंदिर व शेड निर्माण के लिए 5 लाख की घोषणा
गो-पूजन कर गोशाला का किया निरीक्षण, राम जानकी मंदिर में भागवत कथा का किया श्रवण
रणायरा/जावरा। क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रणायरा का प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने डॉ. लक्ष्मीनारायण जी पांडेय गोशाला पहुंचकर गो-सेवा एवं गो-पूजन किया। इसके बाद ग्राम रणायरा स्थित राम जानकी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित होकर कथा का श्रवण किया।
अपने प्रवास के दौरान विधायक ने धार्मिक आयोजनों में सहभागिता के साथ क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने राम जानकी मंदिर के निर्माण कार्य के लिए 2 लाख रुपये तथा मंदिर परिसर में शेड निर्माण के लिए 3 लाख रुपये देने की घोषणा की। दोनों कार्यों के लिए कुल 5 लाख रुपये की राशि की घोषणा की गई।
जन्माष्टमी पर गो-माता का विधि-विधान से किया पूजन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर डॉ. लक्ष्मीनारायण जी पांडेय गोशाला, रणायरा में विशेष गो-पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
विधायक ने विधि-विधान से गो-माता का पूजन किया और अपने हाथों से गुड़ खिलाकर गो-सेवा की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों एवं प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
गो-पूजन के दौरान गोशाला समिति के सदस्यों एवं उपस्थित ग्रामीणों ने विधायक का स्वागत किया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ गो-सेवा का भाव भी देखने को मिला।
गोशाला की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
गो-पूजन के बाद विधायक डॉ. पांडेय ने गोशाला परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंश की देखरेख, चारे-पानी की व्यवस्था तथा परिसर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी ली।
विधायक ने गोशाला समिति के सदस्यों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। समिति सदस्यों ने गोशाला में संचालित गतिविधियों और गोवंश की देखभाल से संबंधित जानकारी विधायक के समक्ष रखी।
डॉ. पांडेय ने गोशाला में किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर चर्चा की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने भी गोशाला से संबंधित आवश्यकताओं और विकास कार्यों को लेकर अपनी बात रखी।

राम जानकी मंदिर में भागवत कथा का किया श्रवण
गो-सेवा के बाद विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय ग्राम रणायरा स्थित राम जानकी मंदिर पहुंचे। यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उन्होंने सहभागिता की और कथा का श्रवण किया।
मंदिर पहुंचने पर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं आयोजकों ने विधायक का स्वागत किया। भागवत कथा के दौरान उन्होंने धार्मिक वातावरण में उपस्थित होकर कथा का लाभ लिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मंदिर निर्माण के लिए 2 लाख और शेड के लिए 3 लाख की घोषणा
भागवत कथा में सहभागिता के दौरान विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राम जानकी मंदिर परिसर में विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग की घोषणा की।
उन्होंने राम जानकी मंदिर के निर्माण कार्य के लिए 2 लाख रुपये तथा मंदिर परिसर में शेड निर्माण के लिए 3 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस प्रकार दोनों विकास कार्यों के लिए कुल 5 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की गई।
विधायक की इस घोषणा का उपस्थित ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। मंदिर परिसर में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार से धार्मिक आयोजनों के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद जताई गई।

धार्मिक आस्था के साथ विकास कार्यों पर भी जोर
विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय के रणायरा प्रवास के दौरान धार्मिक आस्था और क्षेत्रीय विकास दोनों पहलू देखने को मिले। एक ओर उन्होंने जन्माष्टमी के अवसर पर गो-पूजन एवं गो-सेवा की, वहीं दूसरी ओर भागवत कथा में शामिल होकर धार्मिक आयोजन के प्रति अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
इसके साथ ही मंदिर निर्माण एवं शेड निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग की घोषणा कर स्थानीय स्तर पर आवश्यक विकास कार्यों को गति देने की पहल की।
पार्टी पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में सुखेड़ा मंडल अध्यक्ष रितेश जैन सहित क्षेत्र के विभिन्न पार्टी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, ग्रामीण, श्रद्धालु एवं गोशाला समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
गोशाला में गो-पूजन से लेकर राम जानकी मंदिर में आयोजित भागवत कथा तक पूरे प्रवास के दौरान स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने विधायक की धार्मिक आयोजनों में सहभागिता और विकास कार्यों की घोषणाओं का स्वागत किया।
विधायक के रणायरा प्रवास का समापन धार्मिक वातावरण में हुआ। जन्माष्टमी के अवसर पर गो-सेवा, भागवत कथा में सहभागिता तथा मंदिर एवं शेड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।

