‘छात्रों की गूंज’ पर मंत्री राकेश सिंह का बयान, राहुल गांधी को बताया ‘बालबुद्धि’ वाला नेतृत्व
भाजपा ने कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर विद्यार्थियों से संवाद करने इंदौर पहुंचे राहुल गांधी
इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर मध्यप्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह ने कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी को ‘बालबुद्धि’ वाला नेतृत्व बताते हुए कार्यक्रम की राजनीतिक मंशा पर सवाल उठाए।
राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस विद्यार्थियों और युवाओं के नाम पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास युवाओं के भविष्य तथा प्रदेश के विकास के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। ऐसे में पार्टी इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।
मंत्री का बयान राजनीतिक टिप्पणी है। राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस विशेष टिप्पणी पर तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
विद्यार्थियों से संवाद के लिए पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी शनिवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर पहुंचे। एयरपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शोभा ओझा और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होटल के लिए रवाना हुए।
कांग्रेस की ओर से ‘छात्रों की गूंज’ को विद्यार्थियों और युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का मंच बताया गया है। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा रखी गई। विद्यार्थियों को राहुल गांधी के सामने अपनी समस्याएं और सवाल रखने का अवसर दिया जाना था।
इंदौर इस अभियान का पांचवां आयोजन बताया गया है। इससे पहले कांग्रेस कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में इस तरह के कार्यक्रम कर चुकी है। पार्टी पारंपरिक सभाओं के बजाय विद्यार्थियों से सीधे संवाद को प्रमुखता दे रही है।
भाजपा ने कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर उठाए सवाल
राकेश सिंह ने राहुल गांधी के नेतृत्व की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल कार्यक्रम आयोजित करने से विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कांग्रेस को अपने शासनकाल और युवाओं से जुड़े निर्णयों का हिसाब देने की चुनौती भी दी।
भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं चला रही है। विपक्ष को इन प्रयासों पर तथ्यात्मक चर्चा करनी चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस का आरोप है कि मध्यप्रदेश के युवा बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताओं और शिक्षा से संबंधित परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
दोनों दलों के दावों के बीच ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। भाजपा इसे कांग्रेस की युवा मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे विद्यार्थियों की आवाज सुनने का अभियान बता रही है।
कार्यक्रम से पहले भी हुआ विवाद
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर आयोजन से पहले भी कांग्रेस और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। कार्यक्रम पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद इसे रीजनल पार्क के पास उपलब्ध कराई गई भूमि पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
इंदौर विकास प्राधिकरण ने निर्धारित अवधि से पहले भूमि का उपयोग करने का हवाला देते हुए कांग्रेस से ₹4,03,270 अतिरिक्त शुल्क की मांग की। कांग्रेस ने इसे राजनीति से प्रेरित निर्णय बताते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। वहीं, प्राधिकरण की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार राशि मांगे जाने की बात कही गई
इंदौर पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति के साथ आयोजकों के लिए 31 सुरक्षा शर्तें निर्धारित कीं। इनमें मंच की संरचना, प्रवेश व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्थाओं से जुड़े निर्देश शामिल थे। सुरक्षा दस्तावेज में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की जांच से जुड़े वर्मा आयोग का संदर्भ दिए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सुरक्षा के नाम पर पार्टी और आयोजकों पर अनावश्यक दबाव बनाया गया। पुलिस का कहना था कि सभी निर्देश राहुल गांधी और कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी किए
राहुल गांधी के कार्यक्रम और मंत्री राकेश सिंह की टिप्पणी के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। अब कांग्रेस की ओर से मंत्री के ‘बालबुद्धि’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
