पेटलावद में मंत्री निर्मला भूरिया ने किया सखी-वन स्टॉप सेंटर का शुभारंभ, महिलाओं को एक छत के नीचे मिलेगी सहायता
हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए नई सुविधा की शुरुआत, चिकित्सा, कानूनी और पुलिस सहायता होगी उपलब्ध
पेटलावद , मनीष कुमट। महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने पेटलावद में ‘सखी-वन स्टॉप सेंटर’ का विधिवत शुभारंभ किया। मंत्री ने फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन के साथ हुई।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित रहे। सखी-वन स्टॉप सेंटर के शुरू होने से अब हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं को एक ही स्थान पर कई प्रकार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
एक ही छत के नीचे मिलेगी महिलाओं को सहायता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि सखी-वन स्टॉप सेंटर राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य ऐसी महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराना है, जो किसी भी प्रकार की हिंसा या संकट की स्थिति से गुजर रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को अस्थायी आश्रय, चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता, कानूनी सलाह और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
मंत्री ने कहा कि यह केंद्र सभी महिलाओं और बालिकाओं के लिए खुला रहेगा। यहां सहायता प्रदान करते समय किसी भी महिला के साथ उम्र, जाति, वर्ग या अन्य किसी आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराना इस केंद्र की प्राथमिकता होगी।

महिला सशक्तीकरण पर मंत्री ने दिया जोर
मंत्री निर्मला भूरिया ने अपने संबोधन में महिलाओं की बदलती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लाडली लक्ष्मी योजना और लाडली बहना योजना जैसी योजनाएं महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश और प्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने महिलाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

कुपोषण और सिकल सेल बीमारी के खिलाफ मिलकर प्रयास का आह्वान
मंत्री भूरिया ने क्षेत्र में कुपोषण और सिकल सेल जैसी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से निपटने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कन्या जन्म पर माताओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान जनपद अध्यक्ष रमेश सोलंकी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कन्या को जन्म देने वाली माताओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कन्या किट वितरित की गईं।
इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को लाडली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। आयोजन स्थल पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी गई।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान
कार्यक्रम में पेटलावद क्षेत्र की दस उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इन कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनी और आयोजन स्थल की बेहतर सजावट सहित विभागीय कार्यों में योगदान के लिए सम्मान मिला।
अधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
बड़ी संख्या में अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
सखी-वन स्टॉप सेंटर के शुभारंभ कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष हेमंत भट्ट, मंडल अध्यक्ष संजय कहार, एसडीपीओ राजेश सुलिया, तहसीलदार यशपाल मुजाल्दे, नगर पंचायत अध्यक्ष ललिता गामड़, व्यापारी प्रकोष्ठ के संजय भंडारी और जगदीश जाटव सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण डीपीएम मोनिका बघेल ने दिया। संचालन महिला एवं बाल विकास अधिकारी अजय तिवारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन वन स्टॉप सेंटर की जिला संयोजिका लीला परमार ने किया।
महिलाओं की सुरक्षा और सहायता की दिशा में अहम पहल
पेटलावद में सखी-वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता केंद्र के रूप में देखी जा रही है। इस पहल से संकटग्रस्त महिलाओं को त्वरित सहायता मिलने के साथ-साथ उन्हें कानूनी और सामाजिक सहयोग भी उपलब्ध हो सकेगा।
प्रशासन का उद्देश्य है कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और जरूरत के समय उन्हें सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
