विशाल वृक्षारोपण अभियान में मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल का आह्वान: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के साथ नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
सारंगपुर/पचोर।
मध्य प्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने पचोर स्थित शासकीय गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ पौधारोपण किया। यह आयोजन प्रदेश सरकार के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भाव विकसित करना है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ. टेटवाल ने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य दिया और उनसे पौधों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न मानते हुए इसे प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व बताया। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान भी किया।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ पौधारोपण
विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल द्वारा पौधारोपण कर की गई। उनके साथ विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। पूरे परिसर में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में पौधे रोपे गए।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी माँ के नाम के साथ-साथ अपने माता-पिता और पूर्वजों की स्मृति में भी कम से कम एक-एक पौधा अवश्य लगाएँ तथा उसकी नियमित देखभाल करें।
उन्होंने कहा कि पौधारोपण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण, छाया और जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करें। इसलिए पौधे लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उनका संरक्षण करना है।
विद्यार्थियों को दिया अधिक से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने विद्यालय के विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक विद्यार्थी अपने जीवन में नियमित रूप से पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे तो पूरे प्रदेश में हरियाली का विस्तार तेजी से हो सकता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनके छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक छात्र अपने जन्मदिन, परिवार के किसी विशेष अवसर या राष्ट्रीय पर्व पर एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करे तो पर्यावरण संरक्षण का अभियान स्वतः जनआंदोलन बन जाएगा।
मंत्री ने शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे विद्यालय स्तर पर पौधारोपण को नियमित गतिविधि बनाएं और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक महत्व से जोड़ें।
हरित, स्वच्छ और समृद्ध मध्य प्रदेश बनाने का आह्वान
अपने संबोधन में मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और तापमान में वृद्धि जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में ही निहित है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपने जीवनकाल में अधिक से अधिक पौधे लगाए और उनका संरक्षण करे तो मध्य प्रदेश को हरित, स्वच्छ और समृद्ध प्रदेश बनाने का सपना साकार किया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। प्रकृति की रक्षा केवल सरकार का कार्य नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है।
जल, भूमि और पर्यावरण संरक्षण पर दिया विशेष जोर
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने अपने संबोधन में जल और भूमि संरक्षण का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, भूमि संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने विद्यार्थियों से वर्षा जल संरक्षण, जल का सीमित उपयोग, प्लास्टिक के कम प्रयोग तथा स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए सभी नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल व्यवहार अपनाना होगा।
उनके अनुसार यदि समाज जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के प्रति गंभीर होगा तो भविष्य की अनेक पर्यावरणीय समस्याओं से बचा जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील
मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी सफल होगा जब इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों से इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले तो पूरे क्षेत्र का पर्यावरण बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि विवाह, जन्मदिन, वर्षगांठ, धार्मिक आयोजन और अन्य सामाजिक अवसरों पर पौधारोपण को परंपरा बनाया जाए।
युवाओं को दिया नशामुक्त जीवन का संदेश

वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए गंभीर खतरा है। नशे की लत युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है और उनकी ऊर्जा को गलत दिशा में ले जाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति यदि शिक्षा, कौशल विकास, खेल और राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाएगी तो देश का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।
उन्होंने “नशे से दूरी है जरूरी” का संदेश देते हुए सभी विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। साथ ही उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें।
विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति का संकल्प

कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की जिम्मेदारी भी विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा स्वीकार की गई। छात्रों ने यह संकल्प लिया कि वे केवल पौधे लगाकर ही नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का प्रयास करेंगे।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की रही सक्रिय सहभागिता
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में पौधारोपण कर अभियान को सफल बनाने में सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष विकास दीक्षित, नगर परिषद अध्यक्ष विकास करोड़िया, नगर परिषद उपाध्यक्ष राम भरोसे यादव, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नीलम मनीष सक्सेना, भगवान सिंह गुर्जर, रघु राणा, सीताराम लहरी, दीपक जाटव, राधेश्याम गुर्जर, अमित गोस्वामी, सुदर्शन सोनी, नगर परिषद के पार्षदगण, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और भविष्य में भी ऐसे अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल एवं भूमि संवर्धन, स्वच्छता और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने अपने अंतिम संबोधन में कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भारत का निर्माण संभव होगा।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि “एक पौधा लगाएँ, पर्यावरण बचाएँ, भविष्य सँवारें और नशामुक्त भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।”
पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता का मिला प्रभावी संदेश
पचोर के शासकीय गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित यह विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता और नशामुक्त समाज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक जनजागरूकता का माध्यम बना। विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि जब समाज और सरकार मिलकर कार्य करते हैं, तब पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकते हैं।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों के भीतर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक उत्तरदायित्व का भी संदेश दिया। यदि ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहते हैं, तो न केवल प्रदेश में हरियाली बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त समाज की दिशा में भी उल्लेखनीय परिणाम देखने को मिलेंगे।
