रात्रि चौपाल जनकल्याण शिविर बना ग्रामीण समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच,
सारंगपुर के कुड़लासा गांव में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को मिला त्वरित समाधान का भरोसा
सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुड़लासा में आयोजित रात्रिकालीन चौपाल जनकल्याण शिविर ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखीं, जिनके निराकरण के लिए मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
मध्य प्रदेश शासन के राज्य Minister Dr Gautam Tetwal ने शिविर में उपस्थित होकर आसपास के गांवों से आए नागरिकों, किसानों, महिलाओं और युवाओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
10 गांवों के ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएं
जनकल्याण शिविर में ग्राम कुड़लासा सहित बुढ़नपुर, निशाना, टीकोद, निनोर, लाटा हैंडी, अनुनी, बनी और कोडियाखेड़ी समेत आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। लोगों ने सड़क, बिजली, राजस्व, कृषि और सामाजिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर ही आवेदन प्राप्त किए तथा समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने का प्रयास
शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबी प्रक्रिया और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सरकार लगातार जनसंपर्क आधारित कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
उन्होंने कहा कि रात्रि चौपाल केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनता और शासन के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करने का माध्यम है। जब अधिकारी गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और समाधान करते हैं, तभी सुशासन की वास्तविक अवधारणा साकार होती है।

किसानों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
शिविर के दौरान कृषि विभाग द्वारा किसानों को विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने फार्मर आईडी निर्माण, ई-केवाईसी, ई-विकास प्रणाली के माध्यम से खाद वितरण, टोकन व्यवस्था और निःशुल्क मृदा परीक्षण की जानकारी साझा की।
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और शासन द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने किसानों को कृषि उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया।
राजस्व एवं महिला बाल विकास विभाग की सक्रिय भागीदारी
राजस्व विभाग द्वारा खाद्यान्न पर्ची, पात्रता पर्ची और अन्य राजस्व संबंधी मामलों से जुड़े आवेदन प्राप्त किए गए। अधिकारियों ने पात्र हितग्राहियों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया तत्काल शुरू की।
वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित पोषण अभियान, मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं तथा महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीण महिलाओं को दी। विभागीय अधिकारियों ने महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक भी किया।
शिक्षा और बिजली संबंधी समस्याओं पर भी हुई चर्चा
शिविर में शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने, स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने और मध्याह्न भोजन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर चर्चा की गई।
इसके साथ ही विद्युत विभाग ने ग्रामीणों से प्राप्त बिजली संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया। अधिकारियों ने लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। मंत्री डॉ. टेटवाल ने भी विभागीय अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
सड़क निर्माण और विकास कार्यों को लेकर उठी मांग
ग्रामीणों ने क्षेत्र में सड़क निर्माण और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत से जुड़ी कई मांगें मंत्री के समक्ष रखीं। ग्रामीणों का कहना था कि बेहतर सड़क सुविधाएं गांवों के विकास के लिए आवश्यक हैं।
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने और प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा से ग्रामीणों में उत्साह
शिविर के दौरान ग्राम कुड़लासा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा भी की गई। इस घोषणा से क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
ग्रामीणों ने मंदिर के संरक्षण और विकास की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

जनकल्याण शिविरों से बढ़ रहा जनता का विश्वास
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने सरकार द्वारा गांव स्तर पर आयोजित किए जा रहे ऐसे जनकल्याण शिविरों की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि इन शिविरों के माध्यम से समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो रहा है और शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है।
ग्रामीणों ने कहा कि जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि सीधे गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं, तो आम नागरिकों को राहत मिलती है और विकास योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंचता है।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता निर्मल जैन, जिला मंत्री मनोहर सिंह परमार, मंडल अध्यक्ष शेखर शर्मा, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष सतीश बैस, जिला सोशल मीडिया प्रभारी लोकेंद्र गुर्जर, सरपंच गोपाल परमार, सरपंच महेश गुर्जर, महामंत्री जगदीश राजपूत, कैलाश चौहान और कुड़लासा सरपंच महेश जाट सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा एसडीएम रोहित बामोरे, एसडीओपी अरविंद सिंह, सीईओ हेमेन्द्र गोविल, बीएमओ मनीष चौहान तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने शिविर को सफल और प्रभावी बनाया।
ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रात्रि चौपाल जनकल्याण शिविर ने एक बार फिर यह साबित किया कि जब शासन और प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनता है और समाधान की दिशा में कार्य करता है, तब विकास की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनती है।
ग्रामीण विकास, जनसुनवाई और त्वरित समस्या समाधान की यह पहल न केवल शासन की जनकल्याणकारी सोच को साकार कर रही है, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प को भी मजबूत बना रही है। ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास, पारदर्शिता और जनभागीदारी को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
