कंकरखेड़ा मेरठ के आनंदम आश्रम में हिंदी पखवाड़े के अवसर पर इंटेक ने काव्य गोष्ठी आयोजित की। कवियों ने हिंदी, पर्यावरण, प्रेम, देशभक्ति और राधा-कृष्ण पर रचनाएं प्रस्तुत कीं।
हिंदी पखवाड़े में इंटेक की काव्य गोष्ठी, कवियों ने रचनाओं से बिखेरे रंग
हिंदी, पर्यावरण, प्रेम और देशभक्ति पर कवियों ने सुनाईं रचनाएं, आनंदम आश्रम में सजी साहित्यिक महफिल
कंकरखेड़ा, मेरठ। हिंदी भाषा पखवाड़े के उपलक्ष्य में इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटेक) की ओर से श्रद्धापुरी स्थित आनंदम आश्रम में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्य और हिंदी भाषा को समर्पित इस कार्यक्रम में विभिन्न कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी, पर्यावरण संरक्षण, प्रेम, देशभक्ति और राधा-कृष्ण जैसे विषयों को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष आरके भटनागर, एके जौहरी, तेजभान सक्सेना, संजय जैन सत्यम और मुक्ता शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद कोमल चौहान ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर काव्य गोष्ठी का वातावरण साहित्य और भक्ति के रंग में रंग दिया। काव्य गोष्ठी का संचालन संजय जैन सत्यम ने किया, जबकि कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी एके जौहरी ने निभाई।
हिंदी की स्थिति पर अतिवीर जैन ‘पराग’ ने रखी बात
वरिष्ठ कवि अतिवीर जैन ‘पराग’ ने हिंदी भाषा की स्थिति को केंद्र में रखते हुए अपनी रचना प्रस्तुत की। उन्होंने महाराष्ट्र में हिंदी भाषी ऑटो चालकों के साथ कथित मारपीट की घटनाओं का उल्लेख करते हुए अपनी कविता में कहा, “अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाती है हिंदी, कभी मुंबई तो कभी पुणे में, पीटी जाती है हिंदी।” उनकी रचना में हिंदी भाषा के सम्मान और उसके सामाजिक महत्व का विषय प्रमुखता से सामने आया।
पर्यावरण संरक्षण और प्रेम का दिया संदेश
कवि राम लखन पटेल ने पर्यावरण संरक्षण पर कविता प्रस्तुत करते हुए प्रकृति को बचाने और अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने का संदेश दिया। उन्होंने अपनी रचना के माध्यम से बताया कि मानव जीवन और प्रकृति का अस्तित्व एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।
वहीं संजय जैन सत्यम ने प्रेम पर केंद्रित अपनी रचना प्रस्तुत की। उन्होंने प्रेम को केवल व्यक्तिगत भावना तक सीमित न रखते हुए उसे उपासना, समर्पण और देशप्रेम से जोड़कर श्रोताओं के सामने रखा।
कार्यक्रम में सौरव उपाध्याय ने गजल प्रस्तुत की। नरेंद्र कुमार त्यागी, राम अवतार त्यागी और सरोज दुबे ने राधा-कृष्ण पर आधारित रचनाओं से भक्तिमय वातावरण बनाया। मुक्ता शर्मा ने हिंदी भाषा पर कविता सुनाई, जबकि कोमल चौहान और गौरव ने भी काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम के समापन पर संयोजक एके जौहरी ने सभी कवियों, साहित्यकारों, अतिथियों एवं उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।


