मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड, कोर्ट ने सुनाया फैसला — दैनिक स्वराज वाणी
मेरठ। उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। फैसला सुनाए जाने के दौरान मृतक सौरभ की मां रेनू राजपूत और उनके भाई कोर्ट रूम में मौजूद रहे।
सजा सुनाने से पहले अदालत ने मुस्कान और साहिल से अलग-अलग पूछा कि क्या वे कुछ कहना चाहते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों ने कोई बात नहीं रखी। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सजा पर फैसला सुनाया। 30 सितंबर को अदालत दोनों को हत्या का दोषी करार दे चुकी थी।
अभियोजन ने मांगी थी कड़ी सजा
सजा पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और वारदात की प्रकृति का हवाला देते हुए दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष ने मुस्कान की बेटियों के भविष्य और परवरिश का मुद्दा उठाते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया।
अदालत में पेश मामले के अनुसार, मुस्कान और साहिल पर सौरभ राजपूत की हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने का आरोप था। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए नीले ड्रम का इस्तेमाल किया गया था। इसी वजह से यह मामला देशभर में ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से चर्चा में आया।
2025 में सामने आई थी वारदात
सौरभ राजपूत की हत्या का मामला वर्ष 2025 में सामने आया था। पुलिस जांच के दौरान घर में रखे नीले ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया गया। इस घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया था और मामले की जांच के साथ अदालत की सुनवाई पर भी लगातार नजर बनी रही।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुनवाई के दौरान 22 गवाहों के बयान दर्ज हुए और मामले में कई पेशियां हुईं। अभियोजन ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका साबित करने की दलील दी। बचाव पक्ष ने सुनवाई के दौरान अपने तर्क रखे और सजा में राहत देने की मांग की।
फैसले के समय जेल से जुड़े थे दोनों दोषी
सजा सुनाए जाने के समय मुस्कान और साहिल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जुड़े थे। अदालत ने सजा से पहले दोनों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। इसके बाद न्यायाधीश ने फैसला सुनाया। कोर्ट रूम में सौरभ की मां और भाई मौजूद रहे।
सौरभ की हत्या और शव को ड्रम में छिपाने की घटना ने पूरे मामले को व्यापक चर्चा में ला दिया था। अब सजा पर अदालत के फैसले के बाद मामले ने एक नया चरण पूरा किया है। यह फैसला अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आया है।
