Lavkush squareपर निर्माण कार्य बना मुसीबत, बिना सूचना खुदाई से लगा लंबा जाम, घंटों परेशान रहे वाहन चालक
इंदौर में विकास कार्यों के बीच बढ़ी ट्रैफिक की चुनौती
इंदौर शहर में तेजी से चल रहे विकास कार्यों के कारण जहां भविष्य में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है, वहीं वर्तमान में नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल इंदौर-उज्जैन रोड स्थित Lavkush square पर डबल डेकर ब्रिज और सर्विस रोड निर्माण कार्य के चलते सोमवार सुबह ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सड़क की अचानक हुई खुदाई और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था के अभाव में लंबा जाम लग गया, जिससे हजारों वाहन चालक घंटों तक सड़क पर फंसे रहे।
सुबह कार्यालय, स्कूल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए निकले लोगों को लगभग एक से डेढ़ घंटे तक जाम में खड़े रहना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हुई जो रोजाना इंदौर और उज्जैन के बीच आवागमन करते हैं। कई एंबुलेंस, स्कूल बसें और मालवाहक वाहन भी ट्रैफिक में फंस गए।
डबल डेकर ब्रिज का निर्माण जारी
लवकुश चौराहे पर इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) द्वारा डबल डेकर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना शहर के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक मानी जा रही है। इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और इंदौर-उज्जैन मार्ग को सुगम बनाना है।
निर्माण कार्य के चलते पिछले कई महीनों से इस क्षेत्र में यातायात प्रभावित हो रहा है। हालांकि नागरिकों को उम्मीद थी कि निर्माण कार्य व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा, लेकिन सोमवार को हुई घटना ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
सर्विस रोड निर्माण के दौरान हुई खुदाई
ब्रिज निर्माण के साथ-साथ सर्विस रोड का निर्माण भी किया जा रहा है। इसी कार्य के तहत काकाश्री पेट्रोल पंप के सामने सड़क की खुदाई की गई। बताया जा रहा है कि निर्माण एजेंसी ने बिना पूर्व सूचना दिए सड़क खोद दी, जिसके कारण सुबह अचानक यातायात बाधित हो गया।
चूंकि यह मार्ग पहले से ही व्यस्त रहता है, इसलिए कुछ ही मिनटों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते जाम कई किलोमीटर तक फैल गया।
इंदौर से उज्जैन जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी
इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग इंदौर से उज्जैन और उज्जैन से इंदौर का सफर करते हैं। इनमें नौकरीपेशा लोग, व्यापारी, छात्र, औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी और ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक शामिल हैं।
सोमवार सुबह अचानक लगे जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हुई। कई लोग समय पर कार्यालय नहीं पहुंच सके, जबकि स्कूल बसों में बैठे बच्चों को भी लंबा इंतजार करना पड़ा।
एक से डेढ़ घंटे तक फंसे रहे वाहन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह के व्यस्त समय में ट्रैफिक इतना बढ़ गया कि दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन पूरी तरह रुक गए। कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक रास्ते खोजने की कोशिश की, लेकिन आसपास के मार्ग भी वाहनों के दबाव के कारण जाम हो गए।
करीब एक से डेढ़ घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। गर्मी और उमस के बीच लोग वाहनों में बैठे-बैठे परेशान होते रहे।
बिना सूचना खुदाई पर उठे सवाल
यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण एजेंसी को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सड़क की खुदाई या यातायात प्रभावित करने वाले किसी भी कार्य से पहले पुलिस और यातायात विभाग को सूचना देना अनिवार्य होगा।
इसके बावजूद निर्माण एजेंसी ने बिना किसी पूर्व सूचना के सड़क की खुदाई शुरू कर दी। इससे यातायात व्यवस्था अचानक चरमरा गई।
इस घटना के बाद निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
यातायात विभाग ने संभाला मोर्चा
जाम की सूचना मिलते ही यातायात पुलिस और बाणगंगा थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर खड़े होकर यातायात को नियंत्रित किया।
वाहनों को एक-एक करके निकाला गया और वैकल्पिक मार्गों की सहायता से ट्रैफिक को धीरे-धीरे सामान्य किया गया।
पुलिसकर्मियों को काफी देर तक मौके पर रहकर व्यवस्था संभालनी पड़ी।
एसीपी ने क्या कहा
यातायात विभाग के एसीपी जगदीश पटेल ने बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा बिना सूचना सड़क की खुदाई किए जाने के कारण यह स्थिति बनी।
उन्होंने कहा कि विभाग ने पहले ही एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी प्रकार की खुदाई से पहले पुलिस को सूचना देना आवश्यक होगा ताकि ट्रैफिक डायवर्जन और अन्य व्यवस्थाएं की जा सकें।
अचानक हुई खुदाई के कारण सोमवार सुबह यातायात बाधित हुआ, लेकिन पुलिस टीम ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
सर्विस रोड की खराब हालत बनी परेशानी का कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र से लेकर अरविंदो अस्पताल तक सर्विस रोड की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है।
कई स्थानों पर सड़क उखड़ी हुई है, गड्ढे बने हुए हैं और बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाता है। ऐसे में छोटे वाहन चालकों को काफी कठिनाई होती है।
निर्माण कार्य के कारण कई हिस्सों में सड़क संकरी भी हो गई है, जिससे ट्रैफिक और अधिक प्रभावित होता है।
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों की बढ़ी चिंता
लवकुश चौराहे के आसपास स्थित दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य का असर उनके कारोबार पर भी पड़ रहा है।
ग्राहकों को दुकान तक पहुंचने में परेशानी होती है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। वहीं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो जाए तो भविष्य में यातायात काफी बेहतर हो सकता है।
विकास कार्य जरूरी, लेकिन बेहतर प्रबंधन भी आवश्यक
विशेषज्ञों का मानना है कि शहर के विकास के लिए फ्लाईओवर, ब्रिज और चौड़ी सड़कों का निर्माण आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ट्रैफिक प्रबंधन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
यदि निर्माण एजेंसियां पहले से यातायात विभाग को सूचना दें, डायवर्जन प्लान तैयार किया जाए और लोगों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, तो ऐसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
प्रशासन से लोगों की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।
- सर्विस रोड को जल्द से जल्द उपयोग योग्य बनाया जाए।
- बिना सूचना सड़क की खुदाई पर रोक लगाई जाए।
- ट्रैफिक डायवर्जन की स्पष्ट व्यवस्था की जाए।
- व्यस्त समय में निर्माण कार्य से बचा जाए।
- आम जनता को पहले से सूचना उपलब्ध कराई जाए।
लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा का भी समान रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए।
ग्राम बिसनखेड़ा में लगेगा विशेष राजस्व शिविर
इसी बीच जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि 29 जुलाई को कनाडिया तहसील के ग्राम बिसनखेड़ा में विशेष राजस्व शिविर आयोजित किया जाएगा।
इस शिविर में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, खसरा-खतौनी, बी-1 नक्शे की प्रतिलिपि, भू-राजस्व संबंधी जानकारी, राजस्व वसूली और शिकायतों के निराकरण जैसे कार्य मौके पर ही किए जाएंगे। विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
आगे की राह
लवकुश चौराहे पर डबल डेकर ब्रिज का निर्माण इंदौर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूरा होने के बाद यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि निर्माण अवधि के दौरान प्रशासन, निर्माण एजेंसी और यातायात विभाग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
सोमवार को हुए ट्रैफिक जाम ने यह स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों के साथ प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन भी उतना ही जरूरी है। यदि समय रहते उचित योजना बनाई जाए और जनता को पहले से जानकारी दी जाए, तो विकास कार्य बिना अनावश्यक असुविधा के भी पूरे किए जा सकते हैं। फिलहाल नागरिकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्माण एजेंसी और प्रशासन भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने देने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
