इंदौर Plastic दाना फैक्ट्री में भीषण आग, 5 घंटे बाद भी नहीं पाया जा सका काबू
धार रोड स्थित डीयू ड्रॉप एरिगेशन फैक्ट्री में अचानक लगी आग
इंदौर, 16 मई 2026।
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में गर्मी बढ़ने के साथ ही आगजनी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा उस समय हुआ जब शहर के धार रोड स्थित Plastic दाना बनाने वाली फैक्ट्री डीयू ड्रॉप एरिगेशन में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे परिसर में धुआं और आग की लपटें फैल गईं।
घटना के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और तुरंत ही फैक्ट्री को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रशासन ने एहतियातन आसपास के इलाकों को भी खाली करवा लिया ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
सुबह 7 बजे शुरू हुई आग, घंटों बाद भी स्थिति नियंत्रण में नहीं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह आग सुबह करीब 7 बजे के आसपास अचानक लगी। शुरुआती समय में कर्मचारियों ने इसे नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही मिनटों में उसने पूरे प्लांट को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, जिसके बाद कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि, आग की तीव्रता और प्लास्टिक सामग्री के कारण आग पर काबू पाना बेहद कठिन साबित हुआ। समाचार लिखे जाने तक करीब 5 घंटे बीत जाने के बाद भी आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं की जा सकी थी।
आग इतनी भीषण थी कि फैक्ट्री से उठता काला धुआं और आग की ऊंची लपटें कई किलोमीटर दूर से स्पष्ट दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बना रहा।
Plastic फैक्ट्री परिसर और आसपास का क्षेत्र कराया गया खाली
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री परिसर को खाली कराया। इसके साथ ही आसपास के रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों को भी एहतियातन खाली कराया गया।
पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात किए गए हैं, जो लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है और उन्हें आग से उत्पन्न धुएं से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दमकल विभाग की कई टीमें आग बुझाने में जुटी
फायर ब्रिगेड की कई टीमें लगातार आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी हुई हैं। दमकल कर्मियों द्वारा पानी और फोम का उपयोग कर आग को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन प्लास्टिक दाने और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग बार-बार भड़क रही है।
दमकल अधिकारियों के अनुसार, आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने में अभी और समय लग सकता है। आग की तीव्रता को देखते हुए आसपास के अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया
स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने के बाद फैक्ट्री से निकलने वाला काला धुआं आसमान में काफी ऊंचाई तक फैल गया, जो कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। इससे आसपास के क्षेत्रों में भी धुंध और घुटन जैसी स्थिति बन गई।
लोगों ने बताया कि सुबह के समय अचानक तेज आवाज के साथ धुआं उठना शुरू हुआ, जिसके बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। कई लोगों ने तुरंत अपने घरों और दुकानों को बंद कर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया।
गर्मी में बढ़ती आग की घटनाएं बनी चिंता का विषय
इंदौर सहित पूरे प्रदेश में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है। अत्यधिक गर्मी और सूखी परिस्थितियों के कारण औद्योगिक क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी मानकों का ठीक से पालन नहीं किया जाता, जिसके कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। यह घटना भी औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस भीषण आग ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा उपाय अपनाए जाते तो इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता था।
फैक्ट्री में प्लास्टिक दाना जैसे ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग तेजी से फैली, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
जांच के आदेश, नुकसान का आकलन जारी
प्रशासन द्वारा घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही है।
फैक्ट्री में हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है, जो प्रारंभिक रूप से काफी बड़ा बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल
घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डर और दहशत का माहौल है। लोग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। आग को पूरी तरह बुझाने के लिए अतिरिक्त संसाधनों को भी मौके पर बुलाया गया है।
निष्कर्ष
इंदौर की यह घटना एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्लास्टिक जैसी ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और घंटों बाद भी इसे पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सका है।
प्रशासन की प्राथमिकता अब आग को पूरी तरह बुझाने, किसी भी प्रकार की जनहानि रोकने और घटना की गहन जांच करने पर केंद्रित है। यह हादसा भविष्य के लिए एक चेतावनी है कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कितना आवश्यक है।
