Indore में भीषण आग: नीचे इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम जला, ऊपर गेस्ट हाउस में धुएं से मचा हड़कंप;
Indore , 5 जून 2026 – इंदौर के निरंजनपुर स्थित खालसा चौक के पास गुरुवार सुबह एक इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेज थी कि उसका घना धुआं ऊपर स्थित गेस्ट हाउस तक पहुंच गया, जिससे वहां ठहरे लोगों का दम घुटने लगा। इस दौरान गेस्ट हाउस में मौजूद 5 महिलाओं सहित कुल 10 लोगों को दमकल विभाग की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए। फायर ब्रिगेड ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सुबह साढ़े सात बजे लगी आग
जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 7:30 बजे स्कीम 136 स्थित काइनेटिक ग्रीन के इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में लगी। प्रारंभिक तौर पर आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी इसकी वजह हो सकती है।
आग लगते ही शोरूम में रखे इलेक्ट्रिक वाहन तेजी से जलने लगे और कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया।
ऊपर गेस्ट हाउस में फैला धुआं, लोग फंसे
शोरूम के ठीक ऊपर स्थित गेस्ट हाउस में उस समय कई लोग ठहरे हुए थे। जैसे ही आग का धुआं ऊपर पहुंचा, पूरे भवन में घना धुआं भर गया। इससे वहां मौजूद लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी होने लगी और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दम घुटने की स्थिति बनने पर कुछ लोग बालकनी और सीढ़ियों की मदद से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।
दमकल विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सबसे पहले गेस्ट हाउस में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस दौरान 5 महिलाओं सहित कुल 10 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। कुछ लोगों को सीढ़ियों और आसपास की इमारतों के रास्ते बाहर निकाला गया।
भारी नुकसान, इलेक्ट्रिक वाहन जलकर खाक
आग की इस घटना में शोरूम में खड़े 8 इलेक्ट्रॉनिक ऑटो रिक्शा और कई इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पूरी तरह जलकर खाक हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।
दमकल विभाग ने आग पर काबू पाने के लिए करीब 10 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल किया। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सका।
स्थानीय लोगों की भीड़, प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना के बाद क्षेत्रीय पार्षद पति अंकित चौधरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। आग और धुएं की भयावह स्थिति को देखकर आसपास के क्षेत्रों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हुआ और वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग की टीमों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की गई।
स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने और राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से पूरे क्षेत्र में घेराबंदी की गई। आग बुझाने और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान इलाके में कुछ समय के लिए यातायात भी पूरी तरह से प्रभावित रहा, जिससे राहगीरों को असुविधा का सामना करना पड़ा। बाद में स्थिति सामान्य होने पर यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया गया।
बंद मकान में भी आग की दूसरी घटना
इसी बीच खंडवा रोड स्थित ग्राम लिंबोदी में देर रात एक बंद मकान में आग लगने की दूसरी घटना भी सामने आई है। इस आग में घर का सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
फिलहाल दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।
निष्कर्ष
इंदौर में हुई यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों और मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में लगी भीषण आग ने न केवल भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि ऊपर स्थित गेस्ट हाउस में ठहरे लोगों की जान को भी खतरे में डाल दिया। धुआं फैलने से कई लोग दम घुटने की स्थिति में पहुंच गए, जिससे आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा।
इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि बहुमंजिला इमारतों में व्यावसायिक और आवासीय उपयोग के संयोजन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन कितनी गंभीरता से किया जा रहा है, इस पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई थी। ऐसी घटनाओं से भविष्य में सख्त निगरानी की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हो जाती है।
