सारंगपुर के कपिलेश्वर तीर्थ में संचालित राम नाम बैंक में एक करोड़ से अधिक राम नाम जमा हो चुके हैं। मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने रक्षाबंधन पर राम नाम लिखा और संग्रह को अयोध्या पहुंचाने की योजना बताई।
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल की अनूठी पहल: राम नाम बैंक में 1 करोड़ से अधिक राम नाम संग्रह, अयोध्या भेजने की तैयार
सारंगपुर। मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल राम नाम बैंक अभियान के तहत “राम से बड़ा राम का नाम है… कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिर-सुमिर नर उतरहिं पारा।” इसी भाव के साथ सारंगपुर में कपिलेश्वर तीर्थ विकास एवं भजन मंडल द्वारा संचालित राम नाम बैंक में अब तक एक करोड़ से अधिक राम नाम का संग्रह हो चुका है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने भूतभावन भगवान भोलेनाथ का पूजन-अभिषेक करने के बाद अपने साथियों के साथ राम नाम बैंक पहुंचकर राम नाम लिखा।
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने की थी राम नाम बैंक की शुरुआत
राम नाम बैंक की शुरुआत मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल द्वारा करीब एक वर्ष पूर्व की गई थी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के नाम का लेखन करने के लिए प्रेरित करना और सनातन संस्कृति में नाम-स्मरण की परंपरा को आगे बढ़ाना है। देखते ही देखते इस अभियान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुड़ते गए और बैंक में एक करोड़ से अधिक राम नाम का संग्रह हो गया।
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि “राम से बड़ा राम का नाम है।” भगवान श्रीराम का नाम स्वयं में शक्ति, श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। रामचरितमानस की चौपाई “कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा” हमें बताती है कि कलयुग में प्रभु के नाम का स्मरण ही मनुष्य के लिए सबसे बड़ा सहारा है।
अयोध्या की राम नाम बैंक में जमा कराने की तैयारी
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि राम नाम बैंक में श्रद्धालुओं द्वारा लिखे गए राम नाम को शीघ्र ही श्रीधाम अयोध्या स्थित राम नाम बैंक में जमा कराया जाएगा। इसके लिए आगामी योजना जल्द तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सारंगपुर से एकत्रित राम नाम को अयोध्या धाम तक पहुंचाना अपने आप में श्रद्धा और आस्था से जुड़ा अनूठा कार्य होगा।
एक साल में एक करोड़ से अधिक राम नाम का संग्रह
राम नाम बैंक की शुरुआत के बाद से ही श्रद्धालुओं में इसे लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला है। धार्मिक आयोजनों, पर्वों और विभिन्न अवसरों पर श्रद्धालु राम नाम लिखकर बैंक में जमा कराते रहे हैं। इसका परिणाम है कि करीब एक वर्ष की अवधि में एक करोड़ से अधिक राम नाम का संग्रह हो चुका है।
राम नाम लेखन से जुड़ने का किया आह्वान
मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि राम नाम लेखन केवल धार्मिक गतिविधि नहीं, बल्कि मन की शांति, आत्मिक ऊर्जा और संस्कारों से जुड़ा साधन भी है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में राम नाम लेखन अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
सारंगपुर के कपिलेश्वर तीर्थ से शुरू हुआ राम नाम लेखन का यह अभियान अब अयोध्या धाम तक पहुंचाने की तैयारी में है। एक करोड़ से अधिक राम नाम का संग्रह इस धार्मिक अभियान की व्यापकता और श्रद्धालुओं की आस्था को दर्शाता है।
