इंडियन स्पेस ओलंपियाड में मंडलेश्वर के श्रीजीत ने लहराया परचम, हासिल की 328वीं ऑल इंडिया रैंक
Mandlaeshwar । नगर के प्रतिभाशाली और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा रखने वाले छात्र श्रीजीत सिंह तंवर ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इंडियन स्पेस ओलंपियाड 2026 में शानदार प्रदर्शन कर मंडलेश्वर का नाम रोशन किया है। श्रीजीत ने देशभर में 328वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की है। परीक्षा का परिणाम 23 अगस्त को घोषित किया गया।
कक्षा तीसरी के छात्र ने हासिल की उपलब्धि
श्रीजीत सिंह तंवर श्री कंवरतारा स्कूल में कक्षा तीसरी में अध्ययनरत हैं। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में उल्लेखनीय प्रदर्शन करना उनकी प्रतिभा और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को दर्शाता है।
श्रीजीत को बचपन से ही अंतरिक्ष, सौर मंडल के ग्रहों और ब्रह्मांड से जुड़े विषयों को जानने में विशेष रुचि रही है। वे अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां पढ़ने और नई चीजों को समझने के लिए उत्सुक रहते हैं।
परिवार और विद्यालय में खुशी का माहौल
श्रीजीत की इस उपलब्धि से उनके परिवार, शिक्षकों और विद्यालय में खुशी का माहौल है। राष्ट्रीय स्तर पर 328वीं रैंक हासिल करने पर परिजनों और नगरवासियों ने छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
परिजनों का कहना है कि श्रीजीत की सफलता केवल एक रैंक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उसके भीतर मौजूद जिज्ञासा और बड़े सपनों की शुरुआत है।
दादा ने बताया गर्व का क्षण
श्रीजीत के दादा यशवंत सिंह तंवर ने पोते की सफलता पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में इतनी अच्छी रैंक हासिल करना पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है।
उन्होंने श्रीजीत के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उसकी रुचि और मेहनत उसे आगे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
पिता ने कहा- रैंक से ज्यादा जरूरी बच्चे की जिज्ञासा
श्रीजीत के पिता प्रेमांकु सिंह तंवर ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक रैंक नहीं, बल्कि बच्चे के बड़े सपनों की एक खूबसूरत शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल परीक्षा में मिलने वाली रैंक तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उनके अंदर मौजूद जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और रुचि को पहचानकर उन्हें उसी दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया जाना चाहिए।

अंतरिक्ष के रहस्यों में विशेष रुचि
श्रीजीत को अंतरिक्ष और ब्रह्मांड से जुड़े विषयों में विशेष दिलचस्पी है। सौर मंडल के ग्रहों से लेकर अंतरिक्ष की विभिन्न घटनाओं को समझने की उनकी उत्सुकता ने उन्हें इंडियन स्पेस ओलंपियाड जैसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कम उम्र में इस तरह की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सफलता हासिल करना यह भी बताता है कि बच्चों की रुचि को सही दिशा और प्रोत्साहन मिले तो वे छोटी उम्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
नगर के लिए गौरव का विषय
श्रीजीत की उपलब्धि से मंडलेश्वर के लोगों में भी उत्साह है। नगरवासियों और विद्यालय परिवार ने छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मंडलेश्वर के एक छोटे से छात्र का बेहतर प्रदर्शन पूरे नगर के लिए गर्व की बात है। ऐसी उपलब्धियां दूसरे विद्यार्थियों को भी पढ़ाई के साथ-साथ विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
शिक्षकों और परिजनों ने दी शुभकामनाएं
श्रीजीत की सफलता में उसके परिवार के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उपलब्धि के बाद परिजनों, शिक्षकों और नगरवासियों ने उसे शुभकामनाएं दीं और भविष्य में इससे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की उम्मीद जताई।
श्रीजीत की यह सफलता यह संदेश देती है कि बच्चों की प्राकृतिक रुचियों और सवाल पूछने की आदत को प्रोत्साहित करना उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
छोटी उम्र, बड़ा सपना
कक्षा तीसरी के छात्र श्रीजीत सिंह तंवर की उपलब्धि विशेष इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने बेहद कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। इंडियन स्पेस ओलंपियाड 2026 में 328वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर उन्होंने अपने परिवार और विद्यालय के साथ पूरे मंडलेश्वर का गौरव बढ़ाया है।
श्रीजीत के पिता का कहना है कि यह उपलब्धि उसके बड़े सपनों की शुरुआत है। अब उम्मीद की जा रही है कि अंतरिक्ष और विज्ञान के प्रति उसकी रुचि भविष्य में उसे नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
रिपोर्ट: स्वराज वाणी संवाददाता, जिला ब्यूरो चीफ, मंडलेश्वर
