Manawar के कोलीपुरा में खेत जोतते समय मिला रहस्यमयी गड्ढा, 10-15 फीट गहरी सुरंग मिलने से इलाके में मची हलचल
लोकेशन: मनावर
कौशिक पण्डित
कुशाग्र समाचार सेवा, मनावर जिला धार (मध्य प्रदेश)
खेत में बैल का पैर फंसने से सामने आया रहस्य
Manawar : धार जिले के मनावर क्षेत्र के समीप ग्राम पंचायत थेम उज्जैनमान के अंतर्गत आने वाले कोलीपुरा गांव में एक रहस्यमयी घटना सामने आई है। यहां एक किसान के खेत में हल चलाते समय अचानक जमीन धंसने और बैल का पैर फंसने के बाद एक गहरा गड्ढा दिखाई दिया। जब ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो वहां करीब 10 से 15 फीट गहरी सुरंगनुमा संरचना मिली।
सुरंग मिलने की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गई। देखते ही देखते आसपास के करीब पांच गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान इस रहस्यमयी स्थान को देखने के लिए पहुंचने लगे। लोगों में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि आखिर जमीन के नीचे यह गहरा गड्ढा या सुरंग किस उद्देश्य से बनी हुई है।
किसान गणेश के खेत में मिला गड्ढा
जानकारी के अनुसार, यह घटना किसान गणेश के करीब डेढ़ बीघा खेत में हुई। किसान गणेश रोज की तरह अपने खेत में बैलों की मदद से हल चला रहे थे। इसी दौरान अचानक एक बैल का पैर जमीन में धंस गया और वह गहरे गड्ढे में फंस गया।
बैल के अचानक फंसने से किसान घबरा गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों की मदद से काफी प्रयास के बाद बैल को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद जब ग्रामीणों ने उस स्थान को ध्यान से देखा तो वहां जमीन के अंदर एक गहरा गड्ढा दिखाई दिया।
जांच करने पर पता चला कि यह गड्ढा करीब 10 से 15 फीट गहरा है और इसका स्वरूप किसी सुरंग जैसा नजर आ रहा है। इस अनोखी घटना के बाद ग्रामीणों में कौतूहल बढ़ गया।
सुरंग के पास निकला बड़ा सांप
ग्रामीणों के अनुसार, गड्ढे की जांच के दौरान कुछ देर बाद उसी स्थान के आसपास से करीब 7 फीट लंबा सांप भी निकलकर झाड़ियों की ओर चला गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर और बढ़ गया।
लोगों ने आशंका जताई कि जमीन के अंदर मौजूद इस सुरंग में जहरीले जीव-जंतु हो सकते हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना देना उचित समझा।
पुलिस ने ग्रामीणों को किया सतर्क
घटना की सूचना बकानेर पुलिस चौकी को दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे सुरंग के अंदर प्रवेश न करें और न ही किसी प्रकार की खुदाई करने का प्रयास करें। पुलिस का कहना है कि जमीन के अंदर जाने से कई तरह के खतरे हो सकते हैं।
पुलिस के अनुसार, ऐसी जगहों पर जहरीली गैस, ऑक्सीजन की कमी या जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा हो सकता है। इसलिए बिना विशेषज्ञ जांच के अंदर जाना सुरक्षित नहीं है।
पुलिस ने ग्रामीणों को इस संबंध में स्थानीय पटवारी और ग्राम पंचायत सरपंच को भी सूचना देने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
सुरंग देखने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
सुरंग मिलने की खबर जैसे-जैसे आसपास के गांवों में पहुंची, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। गुरुवार सुबह से ही ग्रामीणों और किसानों की भीड़ खेत के आसपास दिखाई दी।
कई ग्रामीण इस स्थान को देखने के लिए उत्सुक नजर आए। कुछ लोगों ने सुरंग को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी शुरू कर दीं। वहीं कुछ ग्रामीणों ने वहां पूजा-अर्चना भी की।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की संरचना पहले कभी इस क्षेत्र में देखने को नहीं मिली। इसलिए लोग इसे लेकर काफी उत्साहित और आश्चर्यचकित हैं।
सुरंग के इतिहास को लेकर उठ रहे सवाल
सुरंग मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह संरचना किस समय की है और इसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाता रहा होगा।
कुछ ग्रामीण इसे पुरानी ऐतिहासिक संरचना मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे प्राकृतिक रूप से बनी संरचना भी बता रहे हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञ जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सुरंग मानव निर्मित है या प्राकृतिक प्रक्रिया से बनी है। प्रशासनिक स्तर पर इसकी जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासनिक जांच का इंतजार
फिलहाल मौके पर ग्रामीणों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोगों को सुरंग से दूर रहने की सलाह दी है।
प्रशासन द्वारा जांच के बाद ही इस रहस्यमयी गड्ढे और सुरंग की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। यदि यह कोई पुरानी संरचना निकलती है तो इसके ऐतिहासिक महत्व की भी जांच की जा सकती है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही विशेषज्ञों की टीम भेजकर इस रहस्य से पर्दा उठाएगा। फिलहाल कोलीपुरा गांव में मिली यह सुरंग आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है।
