मनावर प्राथमिक विद्यालय बंद होने का मामला सामने आया है। ग्राम डाकलीयापुरा के प्राथमिक विद्यालय में ताले लगे मिले। प्रधान पाठक के अवकाश पर होने के दौरान शिक्षक विवेक राठौर विद्यालय नहीं पहुंचे। विकासखंड स्त्रोत समन्वय ने निरीक्षण कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। पढ़ें पूरी खबर।
मनावर प्राथमिक विद्यालय बंद: डाकलीयापुरा स्कूल में मिले ताले, शिक्षक की लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
मनावर। मनावर प्राथमिक विद्यालय बंद होने का एक गंभीर मामला धार जिले की मनावर तहसील के ग्राम सिघाना के समीप स्थित ग्राम डाकलीयापुरा से सामने आया है। यहां शासकीय प्राथमिक विद्यालय निर्धारित समय पर बंद मिला और विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताले लगे हुए थे। विद्यालय बंद मिलने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हुई, जिससे अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली।
जानकारी के अनुसार विद्यालय के प्रधान पाठक अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति में विद्यालय संचालित करने और स्कूल खोलने की जिम्मेदारी शिक्षक विवेक राठौर को सौंपी गई थी। लेकिन निर्धारित समय पर शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचे और स्कूल के ताले भी नहीं खोले गए। परिणामस्वरूप विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बिना पढ़ाई किए वापस लौटना पड़ा।
मनावर प्राथमिक विद्यालय बंद का मामला
धार जिले की मनावर तहसील के ग्राम सिघाना के पास स्थित ग्राम डाकलीयापुरा के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में निर्धारित समय पर विद्यालय बंद मिला। विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताले लगे होने के कारण छात्र-छात्राएं बाहर ही इंतजार करते रहे। काफी देर तक विद्यालय नहीं खुलने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।
विद्यालय में क्यों लगे मिले ताले?
प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय के प्रधान पाठक अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति में विद्यालय खोलने और संचालन की जिम्मेदारी शिक्षक विवेक राठौर को सौंपी गई थी। इसके बावजूद शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचे और विद्यालय बंद ही रहा।
विद्यालय समय पर नहीं खुलने से बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हुई, जिससे अभिभावकों ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
बच्चों की शिक्षा पर पड़ा सीधा असर
विद्यालय बंद रहने से कई छात्र-छात्राओं को बिना पढ़ाई किए घर लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और विद्यालय का समय पर संचालित होना शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
विकासखंड स्त्रोत समन्वय ने किया निरीक्षण
मामले की जानकारी मिलते ही विकासखंड स्त्रोत समन्वय को तत्काल सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय बंद मिला तथा विद्यालय के मुख्य द्वार पर लगे ताले के फोटो भी लिए गए।अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने की बात कही है।
शिक्षक पर कार्रवाई का आश्वासन
निरीक्षण के बाद विकासखंड स्त्रोत समन्वय ने संबंधित शिक्षक विवेक राठौर के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विभागीय स्तर पर मामले की जांच के बाद आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना सरकारी विद्यालयों में समयबद्ध संचालन और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। यदि विद्यालय समय पर नहीं खुलेंगे तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि नियमित निरीक्षण किए जाएं और लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निष्कर्ष
मनावर प्राथमिक विद्यालय बंद होने का यह मामला शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी और निगरानी की आवश्यकता को दर्शाता है। बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग को ऐसे मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समय पर मिल सके।
रिपोर्टर
कौशिक पण्डित कुशाग्र
समाचार सेवा, मनावर, जिला धार (मध्य प्रदेश)

