“नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के तहत मनावर बस स्टैंड पर पुलिस ने किया जनजागरूकता कार्यक्रम
लोकेशन: मनावर
रिपोर्ट: नरेंद्र सिरवी
नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकर पुलिस की पहल
Manawar। समाज को नशे की बुराई से मुक्त करने और आम नागरिकों को मादक पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में पूरे प्रदेश में “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत धार जिले के मनावर में पुलिस द्वारा विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
दिनांक 16 जुलाई 2026 को थाना प्रभारी मनावर निरीक्षक श्री राजेश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नगर के प्रमुख स्थान बस स्टैंड मनावर पर पहुंचकर यात्रियों, वाहन चालकों, व्यापारियों और आम नागरिकों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को बताया गया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए नुकसानदायक है।
बस स्टैंड पर पुलिस ने लोगों से किया सीधा संवाद
मनावर बस स्टैंड क्षेत्र में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से संवाद स्थापित किया और उन्हें नशे से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। थाना प्रभारी श्री राजेश यादव एवं पुलिस स्टाफ ने लोगों को बताया कि शराब, गुटखा, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों का सेवन धीरे-धीरे व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बनाता है।
पुलिस ने समझाया कि नशे की आदत केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका प्रभाव उसके परिवार और आसपास के वातावरण पर भी पड़ता है। नशे के कारण कई बार परिवारों में आर्थिक परेशानियां, आपसी विवाद और सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।
युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहें और अपने भविष्य को बेहतर बनाने पर ध्यान दें। पुलिस ने कहा कि युवा देश और समाज की ताकत हैं, इसलिए उनका स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीना बेहद आवश्यक है।
पुलिस ने नागरिकों को बताया कि नशे से मिलने वाला क्षणिक आनंद जीवनभर की परेशानियों का कारण बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि लोग नशे से दूरी बनाएं और अपने परिवार के साथ स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन व्यतीत करें।
नशामुक्त मध्यप्रदेश बनाने की दिलाई शपथ
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को “नशामुक्त मध्यप्रदेश” के निर्माण में सहयोग देने की शपथ दिलाई गई। नागरिकों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशामुक्त समाज केवल प्रशासन के प्रयासों से नहीं बनाया जा सकता, इसके लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। जब आम लोग जागरूक होंगे और नशे के खिलाफ आवाज उठाएंगे, तभी समाज में बड़ा बदलाव संभव होगा।

अवैध नशे के कारोबार की सूचना देने की अपील
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
थाना प्रभारी श्री राजेश यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे पुलिस का सहयोग करें और समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि समय पर मिली सूचना से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है और कई लोगों को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सकता है।
नशे के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणाम बताए
पुलिस टीम ने लोगों को जानकारी दी कि नशे का सेवन कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। शराब और तंबाकू जैसे पदार्थों के लगातार सेवन से शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
इसके अलावा नशे के कारण व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे कई बार दुर्घटनाएं और अपराध जैसी घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। पुलिस ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और खेल, शिक्षा तथा सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की सलाह दी।
व्यापारियों और वाहन चालकों ने भी लिया संकल्प
बस स्टैंड पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद व्यापारियों, वाहन चालकों और यात्रियों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि नशे के खिलाफ इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंच सके।
वाहन चालकों को विशेष रूप से समझाया गया कि नशे की हालत में वाहन चलाना बेहद खतरनाक है। इससे न केवल चालक की जान को खतरा होता है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जिंदगी भी खतरे में पड़ सकती है।
पुलिस स्टाफ और नागरिकों की रही सहभागिता
इस जनजागरूकता कार्यक्रम में थाना मनावर का समस्त पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और पत्रकार बंधुओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
पुलिस द्वारा आयोजित इस अभियान को नागरिकों का सकारात्मक समर्थन मिला। लोगों ने पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए नशामुक्त समाज बनाने में सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
लगातार जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के तहत भविष्य में भी विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूल, कॉलेज, सार्वजनिक स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को नशे के नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा।
पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक कर नशे की समस्या को जड़ से खत्म करना है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग आवश्यक है।
नशा छोड़ें, परिवार जोड़ें
कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने नागरिकों को संदेश दिया कि “नशा छोड़ें, परिवार जोड़ें। स्वस्थ जीवन अपनाएं और नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।”
मनावर पुलिस की यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
