मनावर में महिला कांग्रेस उमरबन ब्लॉक अध्यक्ष सुमन पटेल बर्मन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और मताधिकार की सुरक्षा की मांग उठाई।
मनावर में महिला कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, लोकतांत्रिक मूल्यों और मताधिकार की सुरक्षा की उठाई मांग
दैनिक स्वराज वाणी
मनावर (धार)। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस के निर्देशानुसार महिला कांग्रेस धार की ओर से लोकतांत्रिक मूल्यों, जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। महिला कांग्रेस ने 8 अक्टूबर 2026 को ‘भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिवस’ बताते हुए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी: सुमन पटेल बर्मन
महिला कांग्रेस उमरबन ब्लॉक अध्यक्ष सुमन पटेल बर्मन ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती संविधान, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था तथा जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का मत महत्वपूर्ण है। निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठने पर उनका निष्पक्ष, पारदर्शी और संवैधानिक तरीके से परीक्षण होना आवश्यक है।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा उठाए मुद्दों का किया उल्लेख
ज्ञापन में बताया गया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और INDIA गठबंधन के सांसदों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया एवं कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं।
महिला कांग्रेस ने कहा कि इन विषयों की निष्पक्ष जांच से आम नागरिकों का लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास मजबूत होगा।
मताधिकार की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
महिला कांग्रेस ने राष्ट्रपति से निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित सवालों का पारदर्शी परीक्षण कराने, लोकतांत्रिक संस्थाओं की संवैधानिक गरिमा बनाए रखने और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में विपक्ष और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए जा रहे संवैधानिक मुद्दों पर उचित संज्ञान लेने तथा चुनाव प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई।
राष्ट्रपति से संवैधानिक कार्रवाई की अपेक्षा
महिला कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ज्ञापन में उठाए गए विषयों पर गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेकर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संबंधित संस्थाओं को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित करेंगी।
