मनावर किसान आक्रोश महारैली 7 सितंबर को होगी। किसान C2+50% MSP गारंटी, कपास खरीदी, ऋणमुक्ति, बिजली, मुआवजा और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध सहित कई मांगें उठाएंगे।
7 सितंबर को मनावर किसान आक्रोश महारैली: C2+50% MSP गारंटी समेत किसानों की 20+ बड़ी मांगें
कपास की C2+50% MSP गारंटी से लेकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने की मांग
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की आक्रोश महारैली 7 सितंबर को मनावर में, मंडी से SDM कार्यालय तक निकलेगी रैली
मनावर, जिला धार। मनावर किसान आक्रोश महारैली 7 सितंबर, सोमवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ एवं देश बचाओ मोर्चा निमाड़ प्रांत के आह्वान पर आयोजित की जाएगी। किसान-मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर होने वाले इस प्रदर्शन की शुरुआत सुबह 11 बजे अनाज मंडी प्रांगण में महासभा से होगी। इसके बाद किसानों की महारैली अनाज मंडी से एसडीएम कार्यालय तक पहुंचेगी, जहां प्रशासन को विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
महासंघ के मुख्य प्रवक्ता गोपाल पाटीदार खरगोन, मालवा-निमाड़ प्रांत अध्यक्ष रामेश्वर गुर्जर महेश्वर तथा उपाध्यक्ष कैलाश पाटीदार खरगोन मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
महासंघ ने किसानों से वर्ष में केवल एक दिन चार घंटे किसान शक्ति प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी समस्याओं और मांगों की आवाज बुलंद करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि वह किसानों की आवाज गांव की चौपाल से लेकर दिल्ली तक उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा।
मनावर किसान आक्रोश महारैली में विदेशी कृषि उत्पादों का मुद्दा
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (ट्रेड डील) का विरोध करते हुए कहा है कि यदि बिना टैक्स कपास, मक्का, सोयाबीन, दुग्ध उत्पाद और फल जैसे कृषि उत्पाद विदेशों से भारत में आते हैं तो इससे देश के किसानों और कृषि आधारित व्यापार-व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
इसी मुद्दे को लेकर महारैली में “स्वदेशी नीति—विदेशी नहीं चलेगी” का नारा दिया जाएगा।
संगठन का कहना है कि महासंघ के कार्यकर्ता बिजली, खाद, बैंक, राजस्व, मंडी, कपास, मक्का, सोयाबीन और सहकारी खरीदी सहित किसानों की समस्याओं को लेकर समय-समय पर केंद्र और राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के समक्ष आवाज उठाते रहे हैं।
C2+50% MSP गारंटी सहित केंद्र सरकार से प्रमुख मांगें
मनावर किसान आक्रोश महारैली में केंद्र सरकार से जुड़ी कई मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। महासंघ ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C2+50% के आधार पर MSP लागू करने की मांग की है।
इसके साथ भारत-अमेरिका ट्रेड डील नहीं करने, किसानों को संपूर्ण ऋणमुक्त करने, CCI द्वारा कपास खरीदी जल्द शुरू करने और रेशे के आधार पर कपास खरीदी करने की मांग रखी गई है।
कपास उत्पादक किसानों के लिए MSP और CCI खरीदी का मुद्दा महारैली की प्रमुख मांगों में शामिल रहेगा।
कृषि भूमि अधिग्रहण और किसान सम्मान निधि पर भी मांग
महासंघ ने कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण नहीं करने की मांग की है। संगठन के अनुसार अत्यावश्यक स्थिति में यदि भूमि अधिग्रहण किया जाता है तो किसानों को बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजा दिया जाना चाहिए।
इसके अलावा किसान सम्मान निधि बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने तथा जनप्रतिनिधियों एवं शीर्ष संवैधानिक पदों के वेतन को समाप्त करने जैसी मांगें भी संगठन द्वारा रखी गई हैं।
राज्य सरकार से किसानों की प्रमुख मांगें
मनावर किसान आक्रोश महारैली में मध्य प्रदेश सरकार के सामने भी किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए जाएंगे।
संगठन ने प्रत्येक तहसील स्तर पर नकली खाद एवं कीटनाशकों की जांच के लिए प्रयोगशाला खोलने की मांग की है। इसके साथ MSP गारंटी के साथ संपूर्ण कृषि उपज की सहकारी खरीदी करने की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल है।
महासंघ ने हाईटेंशन बिजली लाइन के प्रत्येक टॉवर से प्रभावित किसानों को 8 से 10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की शेष 75 प्रतिशत मुआवजा राशि तत्काल खातों में जमा करने, ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में वृद्धि करने, सिंचाई के लिए 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने तथा विद्युत पंप तक 440 वोल्ट करंट पहुंचाने की मांग भी उठाई जाएगी।
डिफाल्टर किसानों पर कार्रवाई और स्मार्ट मीटर का मुद्दा
महासंघ ने बैंकों द्वारा डिफाल्टर किसानों के खिलाफ न्यायालयीन कार्रवाई, भूमि कुर्की और मनमानी वसूली पर रोक लगाने की मांग की है।
इसके अलावा गौमाता के दूध का मूल्य 200 रुपए प्रति लीटर करने, खेतों के कुओं पर लगाए गए स्मार्ट मीटर एवं तीन फेस कनेक्शन की व्यवस्था निरस्त करने की मांग भी रखी गई है।
संगठन का कहना है कि किसानों से जुड़े बैंकिंग, बिजली और कृषि संबंधी मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।
ओंकारेश्वर नहर चतुर्थ चरण में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग
ओंकारेश्वर नहर चतुर्थ चरण का मुद्दा भी किसान आक्रोश महारैली में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
महासंघ के अनुसार ओंकारेश्वर नहर चतुर्थ चरण का कार्य वर्ष 2014 में शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाया है।
संगठन ने कुक्षी तहसील क्षेत्र में कम बारिश का हवाला देते हुए नहर में जल्द पानी छोड़ने की मांग की है। महासंघ चाहता है कि ओंकारेश्वर नहर चतुर्थ चरण में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाए, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।
किसान-मजदूरों से वाहनों के साथ मनावर पहुंचने की अपील
निमाड़ प्रांत अध्यक्ष जगदीश यादव, महामंत्री रामदास मुकाती, उपाध्यक्ष रमेश पटेल, मालवा-निमाड़ प्रांत मीडिया प्रभारी वल्लभ पटेल तथा जिला कार्यकारिणी मनावर जिलाध्यक्ष रामेश्वर हवेलीवाला ने किसान-मजदूरों से बड़ी संख्या में महारैली में शामिल होने की अपील की है।
पदाधिकारियों ने किसानों से अपने-अपने दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों से मनावर पहुंचकर किसान शक्ति का प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
आयोजकों के अनुसार 7 सितंबर को सुबह 11 बजे अनाज मंडी प्रांगण में महासभा आयोजित होगी। इसके बाद किसानों की आक्रोश महारैली अनाज मंडी से निकलकर एसडीएम कार्यालय पहुंचेगी और प्रशासन को मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
गांव की चौपाल से दिल्ली तक आवाज उठाने का दावा
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ का कहना है कि किसानों की समस्याएं केवल किसी एक क्षेत्र या फसल तक सीमित नहीं हैं। बिजली, खाद, बैंक, राजस्व, मंडी व्यवस्था, कपास, मक्का, सोयाबीन, सहकारी खरीदी, सिंचाई और मुआवजे जैसे मुद्दों पर संगठन लगातार आवाज उठाता रहा है।
महासंघ ने किसानों से अपील की है कि वे 7 सितंबर को मनावर में होने वाली आक्रोश महारैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी मांगों की आवाज बुलंद करें।
संगठन के मुताबिक C2+50% MSP गारंटी, किसानों की ऋणमुक्ति, CCI से कपास खरीदी, विदेशी कृषि उत्पादों के आयात का विरोध, अतिवृष्टि मुआवजा, सिंचाई के लिए बिजली, नकली खाद-कीटनाशक की जांच और ओंकारेश्वर नहर में पानी जैसे मुद्दे महारैली के केंद्र में रहेंगे।


