चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों की जांच करे कांग्रेस: चंचल पाटीदार
मनावर में भाजपा की प्रेस वार्ता, SIR, मतदाता सूची, Form-6 और ECINET को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर जिला अध्यक्ष ने रखी बात
Manawar । भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण धार जिला कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष चंचल पाटीदार ने चुनाव आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस तथा राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले संबंधित तथ्यों और आधिकारिक स्पष्टीकरण की पूरी तरह जांच की जानी चाहिए।
प्रेस वार्ता में भाजपा ग्रामीण जिला मीडिया प्रभारी विजय राठौर और जिला सह मीडिया प्रभारी अंकित शुक्ला भी मौजूद रहे।
चंचल पाटीदार ने कहा कि पिछले कुछ समय से कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे आरोपों से लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति बन सकती है।
SIR के फैसले पर भाजपा ने उठाए सवाल
पाटीदार ने हाल में चुनाव आयोग की ओर से SIR को लेकर जारी स्पष्टीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग ने अपने फैसले को तीनों चुनाव आयुक्तों का सर्वसम्मत निर्णय बताया है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद भी आरोपों को जारी रखने का आधार क्या है।
हालिया घटनाक्रम में चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मत बताया है और मतदाताओं की सुविधा के लिए कुछ प्रक्रियात्मक बदलावों की भी घोषणा की है। आयोग ने ECINET की नियमों के अनुपालन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक समिति बनाने की बात भी कही है।
मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आरोपों पर सवाल
भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और SIR को लेकर जिस मीडिया रिपोर्ट का संदर्भ दिया गया, उसके आधार पर संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाने से पहले रिपोर्ट में मौजूद तथ्यों की पुष्टि की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं के फैसलों से असहमति व्यक्त करने का अधिकार राजनीतिक दलों को है, लेकिन गंभीर आरोपों के लिए तथ्यात्मक आधार भी स्पष्ट होना चाहिए।
Form-6 के मुद्दे पर भी कांग्रेस से सवाल
पाटीदार ने SIR प्रक्रिया में Form-6 से जुड़े Declaration को लेकर उठाए जा रहे सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर न्यायिक निर्णय और चुनाव आयोग की ओर से स्पष्टीकरण सामने आया है, इसलिए राजनीतिक आरोपों के बजाय उपलब्ध तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
Form-6 से जुड़ा यह मुद्दा हाल के चुनावी विवाद का हिस्सा रहा है। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को कहा कि SIR के संदर्भ में Form-6 से जुड़े Declaration को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का आधार मौजूद है।
कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे पत्र का भी जिक्र
चंचल पाटीदार ने कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे गए एक पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से इस पत्र को SIR और चुनाव प्रक्रिया से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि उनके अनुसार चुनाव आयोग ने इसे एक अधिकारी से संबंधित आंतरिक प्रशासनिक विषय बताया है।
पाटीदार ने कहा कि किसी प्रशासनिक पत्र को चुनाव प्रक्रिया से जोड़कर प्रस्तुत करने से पहले उसके वास्तविक संदर्भ की जांच की जानी चाहिए।
ECINET की सुरक्षा पर विशेषज्ञ जांच का हवाला
ECINET को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग की डिजिटल व्यवस्था की सुरक्षा और नियमों के अनुपालन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ स्तर पर प्रक्रिया मौजूद है। उन्होंने आयोग द्वारा IIT/IIIT विशेषज्ञों को शामिल करते हुए ECINET की समीक्षा के लिए समिति बनाए जाने का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस से पूछे पांच सवाल
प्रेस वार्ता में चंचल पाटीदार ने कांग्रेस और राहुल गांधी से पांच सवाल भी पूछे। उन्होंने SIR से जुड़े फैसले को लेकर आयोग की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण, Form-6 से संबंधित न्यायिक निर्णय, मीडिया रिपोर्ट के आधार पर संवैधानिक संस्था पर लगाए गए आरोपों की तथ्यात्मकता, चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं के प्रति कांग्रेस के रुख और आयोग के स्पष्टीकरण के बाद आरोपों पर पुनर्विचार जैसे मुद्दों पर कांग्रेस से जवाब मांगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार या किसी संवैधानिक संस्था के फैसले से असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन राजनीतिक दलों को अपने दावों के समर्थन में तथ्य भी रखने चाहिए।
चुनावी परिणामों के विश्लेषण की बात
पाटीदार ने कांग्रेस की चुनावी राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी परिणामों का विश्लेषण और आत्ममंथन भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जनता के बीच जाकर सेवा, कार्य और नीतियों के आधार पर जनसमर्थन हासिल करने की प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर राजनीतिक बहस तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी से चुनाव आयोग तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
प्रेस वार्ता में भाजपा ग्रामीण जिला मीडिया प्रभारी विजय राठौर और जिला सह मीडिया प्रभारी अंकित शुक्ला सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
