दिल्ली में CJP प्रदर्शन: ममता बनर्जी समेत तीन पूर्व मुख्यमंत्री हिरासत में, जंतर-मंतर जा रहे लोगों ने तोड़े बैरिकेड
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार भी हिरासत में लिए गए नेताओं में शामिल हैं। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड पार करने की कोशिश की। इस दौरान कुछ जगह बैरिकेड टूटने और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की खबरें आईं।
दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। कई इलाकों में बैरिकेड लगाए गए और पुलिस बल तैनात किया गया। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले नेताओं और समर्थकों को अलग-अलग स्थानों पर रोका गया। कुछ नेताओं को उनके आवास के बाहर से हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ को मार्च के दौरान पुलिस ने रोककर अपने साथ ले लिया।
ममता बनर्जी और टीएमसी नेताओं को आवास के बाहर से हिरासत में लिया
ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन को दिल्ली में उनके आवास के बाहर से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने बताया कि पार्टी नेताओं को पुलिस किसी अज्ञात स्थान पर ले जा रही थी। प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर टीएमसी की भागीदारी पर पहले स्थिति स्पष्ट नहीं थी, लेकिन शनिवार को पार्टी नेताओं की हिरासत की खबर सामने आई।
पिनराई विजयन और माणिक सरकार भी हिरासत में
पूर्व केरल मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को जंतर-मंतर रोड के पास हिरासत में लिया गया। CPI(M) के कई अन्य नेताओं को भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आगे बढ़ते समय रोका गया। इनमें पार्टी महासचिव एमए बेबी, सांसद जॉन ब्रिटास, केएन बालगोपाल और वृंदा करात समेत अन्य नेता शामिल बताए गए। पूर्व त्रिपुरा मुख्यमंत्री माणिक सरकार और CPI(M) के कुछ नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी आई।
CJP के संस्थापक दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके गए
प्रदर्शन से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली पहुंचने के बाद विमान से ही हिरासत में लिए जाने की खबरें आईं। पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए थे। इसके बावजूद राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से प्रदर्शन में जाने की कोशिश कर रहे लोगों को हिरासत में लिया गया।
SIR और मतदाता सूची को लेकर विरोध
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और उससे जुड़े कथित बदलावों पर भी सवाल उठाए। ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया इस खबर के लिए उपलब्ध स्रोतों में शामिल नहीं है।
दिल्ली में दिनभर जारी पुलिस कार्रवाई के बीच कई जगहों से प्रदर्शनकारियों को बसों और पुलिस वाहनों में ले जाने की खबरें आईं। कुछ स्थानों पर बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान तनाव बढ़ा। हिरासत में लिए गए सभी नेताओं और प्रदर्शनकारियों को कहां रखा गया, इस बारे में अलग-अलग रिपोर्टों में विभिन्न स्थानों का उल्लेख है। पुलिस की ओर से सभी हिरासतों और आगे की कार्रवाई का एक समेकित विवरण उपलब्ध नहीं था।
