मालथौन अस्पताल विकास कार्य के तहत पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने 2.5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डायलिसिस सुविधा, अतिरिक्त कक्ष और नई स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत हुई।
मालथौन अस्पताल विकास कार्य: 2.5 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण
मालथौन अस्पताल विकास कार्य के तहत शनिवार को पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 2.5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में 175.36 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष, 15 लाख रुपये की लागत से स्थापित डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन किया गया, जबकि 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन एवं कैंटीन का भूमिपूजन भी किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मालथौन अस्पताल को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।
मालथौन अस्पताल बना जिले का पहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
मालथौन अस्पताल विकास कार्य की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि यह अब डायलिसिस सुविधा वाला जिले का पहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन गया है।पूर्व में किडनी रोगियों को डायलिसिस के लिए सागर या खुरई जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा मालथौन में ही निःशुल्क उपलब्ध होगी। इससे गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को समय और धन दोनों की बचत होगी।
अस्पताल में मिल रही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि उनके विधायक बनने के बाद पुराने अस्पताल की जगह नया तीन मंजिला भवन बनाया गया, जिसे 50 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल के रूप में विकसित किया गया।वर्तमान में अस्पताल में—
- प्रतिमाह लगभग 6000 मरीज उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
- हर महीने लगभग 200 प्रसव कराए जा रहे हैं।
- प्रतिदिन 20-25 मरीजों की निःशुल्क पैथोलॉजी जांच।
- 40 मरीजों की ब्लड जांच।
- 30 से अधिक मरीजों की नेत्र जांच।
- निःशुल्क सोनोग्राफी।
- डिजिटल एक्स-रे।
- आधुनिक पैथोलॉजी सुविधाएं।
इन सेवाओं के कारण अब ग्रामीणों को बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है।
महिलाओं और गरीब मरीजों को मिली बड़ी राहत
मालथौन अस्पताल विकास कार्य के तहत सामान्य प्रसव की बेहतर व्यवस्था विकसित की गई है।अब अधिकांश प्रसव स्थानीय अस्पताल में ही कराए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को निजी अस्पतालों के भारी खर्च से राहत मिली है।उन्होंने कहा कि अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
जल्द शुरू होंगी ये नई सुविधाएं
भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि आने वाले समय में अस्पताल में निम्न सुविधाएं भी शुरू होंगी—
- ब्लड बैंक
- जन औषधि केंद्र
- मरीज प्रतीक्षालय
- आधुनिक कैंटीन
- पार्किंग
- पार्क
- शौचालय
- बैठने के शेड
- अतिरिक्त एंबुलेंस
- डॉक्टरों के आवास
- सुरक्षा व्यवस्था
उन्होंने बताया कि नगर परिषद द्वारा अस्पताल में आठ सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं तथा रात्रिकालीन सुरक्षा भी मजबूत की गई है।
आयुष्मान भारत योजना का मिलेगा लाभ
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं मध्यप्रदेश सरकार गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है।जल्द ही अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र भी शुरू किया जाएगा, जहां मरीजों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध होंगी।
डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के रिक्त पद भरने की प्रक्रिया
भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों तथा तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया पूरी कर रही है।उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ के कार्यों की सराहना करते हुए घोषणा की कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को मालथौन महोत्सव में सम्मानित किया जाएगा।
आशा कार्यकर्ताओं को भी मिला भरोसा
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और नगर परिषद के माध्यम से उनके लिए रैन बसेरा बनाए जाने की घोषणा भी की।उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष जयंत सिंह बुंदेला, राजेंद्र सिंह दरी, दुर्ग सिंह परिहार, सुरेन्द्र बघेल, बादाम सिंह सिसोदिया, डॉ. आशीष पटेरिया, पुष्पेंद्र सिंह तोमर, अरविंद सिंह लोधी, श्रीमती मालती धर्मेंद्र अहिरवार, आशा जैन, सीमा रॉय, रानी बुंदेला सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
मालथौन अस्पताल विकास कार्य ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डायलिसिस सुविधा, अतिरिक्त भवन और प्रस्तावित ब्लड बैंक, जन औषधि केंद्र तथा अन्य सुविधाओं के शुरू होने से हजारों मरीजों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक इलाज उपलब्ध होगा। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

