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Bhopal रेलवे में बड़ा फर्जीवाड़ा: रिटायर कर्मचारियों को बांटे नकली चांदी के सिक्के, लाखों रुपये का नुकसान

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Published On: 6 January 2026
Major Fraud at Bhopal Railway: Retired Employees Given Fake Silver Coins, Losses Run into Lakhs
— Major Fraud at Bhopal Railway: Retired Employees Given Fake Silver Coins, Losses Run into Lakhs

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Bhopal रेलवे में बड़ा फर्जीवाड़ा: रिटायर कर्मचारियों को बांटे नकली चांदी के सिक्के, लाखों रुपये का नुकसान

Bhopal : पश्चिम रेलवे के भोपाल डिपो में रिटायर कर्मचारियों को सम्मान स्वरूप चांदी के सिक्कों के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। रेलवे द्वारा रिटायर कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह के रूप में दिए जाने वाले इन सिक्कों की जांच में खुलासा हुआ कि ये सिक्के असल में तांबे (कॉपर) के थे और सिर्फ बाहरी रूप से चांदी की पॉलिश की गई थी। इस फर्जीवाड़े में लगभग 3,631 सिक्के शामिल हैं, जिनकी कीमत प्रति सिक्का 2,000 से 2,200 रुपये आंकी गई थी।

यह मामला न केवल कर्मचारियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ का संकेत देता है बल्कि रेलवे के सरकारी खजाने और उसकी प्रतिष्ठा के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।

जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

रेलवे प्रशासन ने सिक्कों की गुणवत्ता पर संदेह जताने के बाद लैब जांच कराई। परिणाम बेहद चौंकाने वाले रहे। 20 ग्राम वजन वाले प्रत्येक सिक्के में केवल 0.23% चांदी पाई गई। यानी सिक्कों का मुख्य घटक तांबा था। हालांकि इन पर शुद्ध चांदी की पॉलिश की गई थी, जिससे इन्हें देखने में चांदी का रूप मिलता था।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस घोटाले में कर्मचारियों के सम्मान के साथ-साथ सरकारी निधियों का भी नुकसान हुआ है। इस तरह के फर्जी सिक्कों को कर्मचारियों को दिए जाने से न केवल उनका सम्मान कम हुआ है बल्कि रेलवे की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं।

इंदौर से भोपाल डिपो भेजे गए 3,631 सिक्के

रेलवे द्वारा कुल 3,631 सिक्के भोपाल डिपो भेजे गए थे। प्रत्येक सिक्के की अनुमानित कीमत 2,000 से 2,200 रुपये थी। इस हिसाब से अनुमान लगाया जा सकता है कि फर्जीवाड़े की कुल राशि लाखों रुपये तक पहुँचती है।

सिक्कों को रिटायर कर्मचारियों के सम्मान के लिए दिया जाता है ताकि उनके वर्षों की मेहनत और सेवा का मूल्यांकन किया जा सके। लेकिन इस प्रकार का धोखाधड़ीपूर्ण कदम कर्मचारियों के प्रति सम्मान की भावना को गंभीर रूप से आघात पहुँचाता है।

रेलवे प्रशासन ने की कार्रवाई

Bhopal रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और बजरिया थाने में इंदौर की फर्म ‘मेसर्स वायबल डायमंड्स’ के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। यह फर्म इन सिक्कों की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार है।

रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी को रोकने के लिए कठोर निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण के कदम उठाए जाएंगे।

कर्मचारी और प्रशासन की प्रतिक्रिया

कर्मचारियों ने इस घटना को शर्मनाक और अपमानजनक बताया। उनका कहना है कि रिटायरमेंट पर सम्मान स्वरूप दिए जाने वाले स्मृति चिन्ह में इस तरह का धोखाधड़ीपूर्ण कदम न केवल उनके सम्मान को ठेस पहुँचाता है बल्कि रेलवे के प्रति भरोसे को भी कमजोर करता है।

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि फर्जी सिक्कों की सप्लाई की पूरी जांच की जाएगी। इसके अलावा, भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी न हो, इसके लिए आपूर्ति प्रक्रिया और गुणवत्ता जाँच को और मजबूत किया जाएगा।

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सरकारी प्रतिष्ठा और कर्मचारियों का विश्वास

यह मामला सरकारी प्रतिष्ठा और कर्मचारियों के विश्वास के लिए गंभीर चुनौती पेश करता है। रिटायर कर्मचारियों को सम्मान देने के लिए चांदी के सिक्के दिए जाते हैं, ताकि उनका योगदान याद रखा जा सके। लेकिन अब यह घटना यह दिखाती है कि सम्मान के नाम पर भी पैसे और सरकारी निधियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के घोटाले न केवल कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करते हैं बल्कि आम जनता के लिए सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता को भी कम करते हैं।

आगे की रणनीति और जांच

रेलवे प्रशासन ने अब पूरी तरह से जांच का आदेश दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, आपूर्ति चैनल और सिक्कों के स्रोत की जांच कर रही है। साथ ही रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ रेलवे भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए आपूर्ति और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं को और कठोर बनाएगा।

निष्कर्ष

Bhopal रेलवे फर्जीवाड़ा मामला यह दर्शाता है कि सरकारी प्रतिष्ठा और कर्मचारियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ कितनी बड़ी समस्या बन सकती है। रिटायर कर्मचारियों को सम्मान देने के नाम पर किए गए इस घोटाले ने लाखों रुपये की ठगी को जन्म दिया।

रेलवे प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उम्मीद है कि दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और भविष्य में इस तरह के मामलों पर रोक लगाई जा सकेगी।

कर्मचारी और नागरिक अब इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं कि प्रशासन कितनी गंभीरता से और समय पर इस घोटाले का निवारण करता है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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