Manawar क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई
मध्य प्रदेश के धार जिले के Manawar क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध बालू और रेत उत्खनन पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मनावर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चौकी बाकानेर में खनिज विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में इस्तेमाल हो रहे भारी मशीनरी और वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब क्षेत्र में नर्मदा नदी किनारे से अवैध रूप से रेत निकालकर बिना रॉयल्टी के परिवहन किया जा रहा था।
स्थानीय स्तर पर यह मामला काफी समय से चर्चा में था, लेकिन अब विभागीय कार्रवाई के बाद इस पूरे नेटवर्क पर प्रशासनिक दबाव बढ़ गया है।
अवैध उत्खनन का नेटवर्क और गतिविधियां
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मनावर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन एक संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था। यह गतिविधि नर्मदा नदी किनारे स्थित कई स्थानों जैसे बड़ा बड़दा, ग्राम दगड़पुरा (पटवार क्षेत्र) और रतवा नर्मदा तट से जुड़ी हुई बताई जा रही है।
इन क्षेत्रों से अवैध रूप से रेत निकालकर उसे बिना किसी वैध अनुमति या रॉयल्टी के आसपास के जिलों और कस्बों में बेचा जा रहा था। बताया जाता है कि सुबह लगभग 4 बजे से ही डंपर और भारी वाहन सक्रिय हो जाते थे और अलग-अलग मार्गों से रेत का परिवहन शुरू हो जाता था।
डंपरों के गुजरने के प्रमुख मार्गों में गांधी चौराहा, गंधवानी, सिंघाना, चिकली, अवलदा और जिंदाबाद जैसे इलाके शामिल हैं। इन रास्तों से होकर रेत का अवैध परिवहन धार जिले तक पहुंचता था।
अवैध परिवहन का पूरा रूट सिस्टम
स्थानीय जानकारी के अनुसार, अवैध रेत परिवहन का एक पूरा नेटवर्क तैयार किया गया था, जिसमें वाहनों की आवाजाही तय रूट के अनुसार होती थी। डंपर सुबह-सुबह गांधी चौराहा से निकलते और फिर गंधवानी, सिंघाना और चिकली के रास्ते आगे बढ़ते हुए अवलदा और जिंदाबाद होते हुए धार की ओर जाते थे।
यह पूरा सिस्टम काफी संगठित बताया जा रहा है, जिसमें हर वाहन की अलग-अलग जिम्मेदारी और तय समय पर आवाजाही होती थी। आरोप यह भी हैं कि इस पूरे नेटवर्क को बिना किसी डर के संचालित किया जा रहा था, जिससे स्थानीय प्रशासन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे।
अवैध वसूली और आर्थिक गतिविधियों के आरोप
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे अवैध खनन कारोबार में आर्थिक लेन-देन भी बड़े स्तर पर किया जा रहा था। आरोप है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोग प्रति माह एक निश्चित राशि वसूलते थे, जिसके आधार पर अवैध रेत परिवहन को बिना किसी रोक-टोक के चलने दिया जाता था।
हालांकि, इस संबंध में अभी तक आधिकारिक तौर पर पूरी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से यह गतिविधि खुलेआम चल रही थी, लेकिन अब जाकर प्रशासन ने इस पर सख्त कार्रवाई की है।
खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई
आज मनावर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाकानेर चौकी में खनिज विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में उपयोग किए जा रहे संसाधनों को जब्त किया।
इस कार्रवाई के दौरान कई भारी मशीनों और वाहनों को मौके पर ही रोककर कब्जे में लिया गया।
जब्त किए गए संसाधन
- 3 पोकलेन मशीन
- 1 जेसीबी मशीन
- 1 डंपर
इन सभी वाहनों को बाकानेर पुलिस चौकी परिसर में खड़ा कराया गया है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी
इस पूरे अभियान में खनिज विभाग की टीम सक्रिय रूप से शामिल रही। कार्रवाई का नेतृत्व निम्न अधिकारियों ने किया:
- खनिज अधिकारी संदेश पिपलोदिया
- माइनिंग इंस्पेक्टर
- धार जिला खनिज अधिकारी श्री परमार
इन अधिकारियों की टीम ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर अवैध खनन गतिविधियों की जांच की और तुरंत कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्रशासनिक सख्ती और आगे की प्रक्रिया
खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई दगड़पुरा और रतवा नर्मदा तट क्षेत्र से की गई है, जहां लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआती कार्रवाई है और आगे भी ऐसे अवैध खनन गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यदि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रभाव और प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। कई स्थानों पर अचानक वाहनों की आवाजाही कम हो गई है और गतिविधियों में गिरावट देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई समय-समय पर होती रही तो अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लग सकती है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के नेटवर्क की पूरी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
पर्यावरण और नदी तट पर प्रभाव
नर्मदा नदी क्षेत्र से हो रहे अवैध उत्खनन का पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। लगातार रेत निकालने से नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है और तटीय क्षेत्रों में कटाव की समस्या बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह का अवैध खनन जारी रहा तो आने वाले समय में जल संसाधनों और नदी पारिस्थितिकी पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
निष्कर्ष
मनावर क्षेत्र में खनिज विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है। भारी मशीनों और वाहनों की जब्ती से यह साफ संदेश गया है कि प्रशासन अब इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह सख्त हो चुका है।
यह कार्रवाई न केवल अवैध कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आने वाले समय में नर्मदा तट और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी और अधिक कड़ी की जाएगी। यदि इस तरह की कार्रवाइयां लगातार जारी रहती हैं, तो अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकता है।
