इंदौर में घी की बड़ी कार्रवाई: मां बगलामुखी एंटरप्राइजेज से 1750 लीटर घी जब्त, जांच के लिए लिए जा रहे 18 नमूने
स्कीम नंबर 51 स्थित प्रतिष्ठान पर मंथन और श्री आनंद ब्रांड का घी मिला, जब्त स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब 6.80 लाख रुपये; नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
इंदौर। शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर की जा रही जांच के क्रम में स्कीम नंबर 51 स्थित मां बगलामुखी एंटरप्राइजेज पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्रतिष्ठान में विक्रय के लिए रखे गए विभिन्न पैकिंग साइज के घी की जांच करते हुए करीब 1750 लीटर घी जब्त किया गया है। जब्त किए गए घी की कुल अनुमानित कीमत करीब 6 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही प्रतिष्ठान से घी के 18 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार प्रतिष्ठान पर मंथन ब्रांड और श्री आनंद ब्रांड के नाम से विभिन्न पैकिंग साइज में घी बिक्री के लिए रखा हुआ था। बताया गया है कि दोनों ब्रांड का घी गुजरात से बनकर आया था। कार्रवाई के दौरान स्टॉक और विभिन्न पैकिंग की जांच की गई तथा गुणवत्ता की पुष्टि के लिए नमूने लेने की प्रक्रिया अपनाई गई।
नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद ही घी की गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य मानकों के संबंध में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मंथन और श्री आनंद ब्रांड का घी मिला
मां बगलामुखी एंटरप्राइजेज पर जांच के दौरान दो अलग-अलग ब्रांड के घी का स्टॉक पाया गया। इनमें मंथन ब्रांड और श्री आनंद ब्रांड का घी शामिल है। दोनों ब्रांड के घी की अलग-अलग पैकिंग प्रतिष्ठान में बिक्री के उद्देश्य से रखी हुई थी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घी गुजरात में निर्मित होकर इंदौर पहुंचा था। जांच के दौरान प्रतिष्ठान में उपलब्ध स्टॉक, पैकिंग और अन्य आवश्यक विवरणों को देखा गया।
अधिकारियों द्वारा अलग-अलग पैकिंग और बैच से नमूने एकत्रित करने की प्रक्रिया इसलिए अपनाई जा रही है, ताकि प्रयोगशाला जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाजार में बिक्री के लिए रखा गया घी निर्धारित खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है या नहीं।
करीब 1750 लीटर घी किया गया जब्त
कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान पर मौजूद करीब 1750 लीटर घी को जब्त किया गया। इसकी बाजार कीमत लगभग 6 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई है।
इतनी बड़ी मात्रा में घी जब्त किए जाने के बाद मामला महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने से पहले घी की गुणवत्ता को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। जांच रिपोर्ट में निर्धारित मानकों के आधार पर ही यह तय होगा कि आगे किस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है।
जब्ती की कार्रवाई का उद्देश्य जांच प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित स्टॉक को नियमानुसार सुरक्षित रखना है। आगे की कार्रवाई जांच परिणाम और लागू नियमों के अनुसार की जाएगी।
जांच के लिए लिए जा रहे 18 नमूने
प्रतिष्ठान से कुल 18 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए जा रहे हैं। अलग-अलग प्रकार और पैकिंग में उपलब्ध घी के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
खाद्य पदार्थों की जांच में प्रयोगशाला रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है। नमूनों की जांच में उत्पाद की संरचना, गुणवत्ता तथा निर्धारित मानकों से संबंधित विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया जाता है। रिपोर्ट के आधार पर ही संबंधित विभाग आगे का निर्णय करता है।
यदि जांच में सभी नमूने मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं तो नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वहीं यदि किसी नमूने में मानकों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित खाद्य सुरक्षा प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
गुजरात से बनकर आया था घी
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतिष्ठान में मिला मंथन और श्री आनंद ब्रांड का घी गुजरात से निर्मित होकर इंदौर पहुंचा था। इस कारण जांच में उत्पाद के निर्माण और आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
खाद्य उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला में निर्माता से लेकर वितरक और विक्रेता तक विभिन्न स्तर होते हैं। किसी भी जांच में जरूरत पड़ने पर बिल, बैच नंबर, निर्माण संबंधी जानकारी और आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जा सकता है।
नमूनों की रिपोर्ट के बाद आवश्यकता पड़ने पर घी के स्रोत और निर्माता स्तर तक भी संबंधित जानकारी की जांच की जा सकती है।
त्योहारों और मांग के दौरान घी की गुणवत्ता महत्वपूर्ण
घी भारतीय घरों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला खाद्य पदार्थ है। मिठाइयों, धार्मिक आयोजनों, घरेलू भोजन और व्यावसायिक खाद्य निर्माण में इसका बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में बाजार में उपलब्ध घी की गुणवत्ता सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ा विषय है।
विशेष रूप से त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के आसपास घी सहित दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बाजार में निगरानी और नमूना जांच का महत्व बढ़ जाता है।
उपभोक्ताओं के हित में यह जरूरी है कि बाजार में बेचे जाने वाले खाद्य उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और पैकेजिंग पर दी गई जानकारी सही हो।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मां बगलामुखी एंटरप्राइजेज से लिए जा रहे नमूनों की प्रयोगशाला जांच इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण चरण होगा। अभी घी को लेकर केवल नमूना संग्रह और जब्ती की कार्रवाई की गई है। इसे जांच रिपोर्ट आने से पहले मिलावटी या अमानक घोषित नहीं किया जा सकता।
प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद यह स्पष्ट होगा कि मंथन और श्री आनंद ब्रांड के संबंधित नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। रिपोर्ट में यदि किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो उसके आधार पर संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
करीब 6.80 लाख रुपये का स्टॉक जांच के दायरे में
इस पूरी कार्रवाई में करीब 6 लाख 80 हजार रुपये कीमत का 1750 लीटर घी जांच के दायरे में आया है। मात्रा और कीमत दोनों को देखते हुए यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फिलहाल संबंधित घी के 18 नमूनों की जांच प्रक्रिया पर नजर रहेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। संबंधित विभाग द्वारा रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से जुड़े मामलों में उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे में यह कार्रवाई बाजार में उपलब्ध खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि जब्त किए गए घी के नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या उनमें किसी प्रकार की गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है।
