महिदपुर रोड श्रीराम हनुमान मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर प्राकृतिक फूलों और हरी पत्तियों से सजी बालकृष्ण की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। रात 12 बजे जन्मोत्सव के साथ मंदिर जयकारों से गूंज उठा।
महिदपुर रोड श्रीकृष्ण जन्मोत्सव 2026: भव्य इको-फ्रेंडली झांकी ने मोहा मन, आधी रात गूंजे जयकारे
इको-फ्रेंडली झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, मध्यरात्रि में मंगल आरती के साथ हुआ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव
महिदपुर रोड। महिदपुर रोड श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर श्रीराम हनुमान मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में भगवान बालकृष्ण की मनोहारी इको-फ्रेंडली झांकी की सुंदर सजावट की गई, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शाम से लेकर मध्यरात्रि तक मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। परिवार सहित पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान बालकृष्ण के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
प्राकृतिक पुष्पों और हरी पत्तियों से सजी इको-फ्रेंडली झांकी
महिदपुर रोड श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की सबसे खास बात भगवान बालकृष्ण की इको-फ्रेंडली झांकी रही। झांकी को प्राकृतिक पुष्पों एवं हरी पत्तियों से आकर्षक रूप प्रदान किया गया। पर्यावरण के अनुकूल सजावट ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
अंशिका पोरवाल, अवनी पोरवाल, परी धनोतिया एवं चाहत परमार ने पुष्प एवं पत्तियों से झांकी की साज-सज्जा की। वहीं आम्र पत्तों से बनाए गए सुंदर तोरण द्वार ने मंदिर परिसर की शोभा को और बढ़ा दिया। प्राकृतिक सामग्री से की गई सजावट के कारण पूरे मंदिर परिसर में धार्मिकता के साथ प्रकृति से जुड़ा सुंदर वातावरण दिखाई दिया।
भगवान बालकृष्ण का हुआ अभिषेक और मनोहारी श्रृंगार
जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान बालकृष्ण का विधिवत अभिषेक एवं पूजन किया गया तथा उन्हें नवीन वस्त्र धारण करवाकर मनोहारी श्रृंगार किया गया। सजे हुए बालकृष्ण के स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
संध्याकाल से ही श्रद्धालुओं का परिवार सहित मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर जन्माष्टमी पर्व की एक-दूसरे को शुभकामनाएं भी दीं।
रात 12 बजे गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो’
महिदपुर रोड श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का सबसे भावपूर्ण क्षण मध्यरात्रि में देखने को मिला। रात्रि ठीक 12 बजे जैसे ही भगवान बालकृष्ण का जन्म हुआ, मंदिर परिसर भक्तिमय उल्लास से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं ने हर्षोल्लास के साथ “आलकी के पालकी, जय कन्हैया लाल की”, “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” तथा “कृष्ण कन्हैया लाल की जय हो” जैसे जयघोष किए। चारों ओर कृष्ण जन्म की खुशी और भक्ति का अद्भुत वातावरण दिखाई दिया।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय होते ही मौजूद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी श्रद्धालु भगवान कृष्ण की भक्ति में सराबोर दिखाई दिए।
पं. पुरुषोत्तम भट्ट ने संपन्न कराया पूजन और मंगल आरती
भगवान बालकृष्ण के जन्मोत्सव के पश्चात उनकी मंगल आरती की गई। श्रद्धालुओं ने आरती में सम्मिलित होकर भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
भगवान बालकृष्ण का अभिषेक, पूजन एवं मंगल आरती मंदिर के पुजारी पं. पुरुषोत्तम भट्ट द्वारा विधिवत संपन्न कराई गई। धार्मिक विधि-विधान के बीच संपन्न हुए पूजन ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया।
परिवार सहित दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु
पूरे आयोजन के दौरान श्रीराम हनुमान मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर जन्माष्टमी पर्व को भक्तिभाव से मनाया।
इको-फ्रेंडली झांकी से लेकर भगवान बालकृष्ण के अभिषेक, नवीन वस्त्रों में श्रृंगार, मध्यरात्रि जन्मोत्सव और मंगल आरती तक प्रत्येक धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सहभागिता देखने को मिली।
महिदपुर रोड श्रीकृष्ण जन्मोत्सव ने एक ओर भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा और आस्था का संदेश दिया, वहीं प्राकृतिक फूलों, हरी पत्तियों और आम्र पत्तों से तैयार इको-फ्रेंडली सजावट ने पर्यावरण संरक्षण का भी सुंदर संदेश दिया।
आयोजन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से मंदिर परिसर लगातार गूंजता रहा। मध्यरात्रि में भगवान के जन्म के बाद श्रद्धालुओं के चेहरे पर उत्साह और प्रसन्नता साफ दिखाई दी।
इस प्रकार श्रीराम हनुमान मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाज और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। उक्त जानकारी नगर के सामाजिक कार्यकर्ता सचिन भंडारी ने दी।

