पर्यूषण महापर्व के पंचम दिवस महावीर जन्म वाचन पर निकली भव्य रथयात्रा
महिदपुर रोड। पर्यूषण महापर्व के स्वर्णिम पंचम दिवस नगर में शासन नायक 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन समारोह श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। परम पूज्य साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा की पावन निश्रा में आयोजित इस धार्मिक समारोह में सकल जैन समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ लिया। भगवान महावीर के जन्म वाचन के अवसर पर पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय नजर आया।
प्रवचन के बाद हुआ 14 स्वप्नों का वाचन
सुबह प्रवचन कार्यक्रम के पश्चात भगवान महावीर स्वामी की माता त्रिशला देवी द्वारा देखे गए 14 स्वप्नों का वाचन किया गया। जैन धर्म की मान्यताओं में भगवान महावीर के जन्म से जुड़े इन 14 स्वप्नों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। जन्म वाचन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
इसके बाद भगवान के पालना जी सहित विभिन्न धार्मिक चढ़ावों का लाभ समाजजनों ने लिया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार चढ़ावे लेकर पुण्यार्जन किया। भगवान महावीर के पालना जी का लाभ रमेशचंद, दिनेश जैन बोथरा, राजेशकुमार, राहुलकुमार, मनोजकुमार, अजीतकुमार और हर्षकुमार बोथरा परिवार ने लिया।
वहीं लक्ष्मी जी का लाभ सुभाषचंद्र, संदीपकुमार, गौरवकुमार भंडारी परिवार बप्पैया वाला ने प्राप्त किया। आयोजन के दौरान समाजजनों ने भगवान महावीर के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट की।
ढोल-नगाड़ों के साथ निकली भव्य रथयात्रा
भगवान महावीर के जन्म वाचन के बाद मधुर बैंड, ढोल और नगाड़ों के साथ भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा में बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला-पुरुष और बच्चे शामिल हुए। श्रद्धालु नाचते-गाते और भगवान महावीर के जयकारे लगाते हुए भक्ति में भावविभोर नजर आए।
रथयात्रा के दौरान पूरा नगर भगवान महावीर के जयघोष से गूंज उठा। समाजजन केसर के छापों से केसरिया रंग में रंगे हुए नजर आए। श्रद्धालुओं में धार्मिक उत्साह और उमंग देखने को मिली। रथयात्रा के मार्ग में जगह-जगह समाजजनों द्वारा भगवान की गवली की गई और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया।

प्रमुख मार्गों से होकर बोथरा निवास पहुंची यात्रा
भव्य रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बोथरा निवास पहुंची। यहां भगवान की आराधना और भक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजन समिति के अनुसार रात्रि में बोथरा निवास पर परमात्मा की भक्ति का विशेष कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें समाजजन शामिल होकर धार्मिक लाभ प्राप्त करेंगे।
रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, संयम और त्याग के संदेश को याद किया। पूरे आयोजन में धार्मिक अनुशासन और उत्सव का माहौल दिखाई दिया।
स्नात्र पूजा और अंगरचना का भी हुआ आयोजन
जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने बताया कि पंचम दिवस के अवसर पर स्नात्र पूजा, अंगरचना और प्रभावना का आयोजन भी किया गया। इन धार्मिक आयोजनों का लाभ अशोककुमार बापुलाल कोचर मावावाला परिवार तथा संदीपकुमार-वर्षिलकुमार डूंगरवाल परिवार ने लिया।
धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान महावीर के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। साध्वी श्रीजी के प्रवचन से समाजजनों को धर्म, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
समाजजनों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
पूरे आयोजन में सकल जैन श्रीसंघ के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। क्षेत्रीय विधायक एवं जैन समाज गौरव दिनेश जैन बोथरा सहित चातुर्मास समिति के सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और धर्मलाभ प्राप्त किया।
पर्यूषण महापर्व के पंचम दिवस आयोजित महावीर जन्म वाचन और रथयात्रा ने नगर में धार्मिक वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। समाजजनों ने भगवान महावीर के जीवन और उनके सिद्धांतों को स्मरण करते हुए त्याग, संयम, अहिंसा और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
