Maharastra में सूखे के बीच किसानों को राहत, दिवाली से पहले खातों में आएंगे 5,000 रुपये
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में फैसला, राज्य के 305 तालुका सूखाग्रस्त घोषित
मुंबई। Maharastra में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को दिवाली से पहले बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के बैंक खातों में 5,000 रुपये की अग्रिम राशि जमा करने का फैसला लिया गया। सरकार के इस कदम का उद्देश्य सूखे से प्रभावित किसानों को त्योहार से पहले आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने सह्याद्रि गेस्ट हाउस में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि राज्य में सूखे के हालात को देखते हुए इस बार सामान्य समय से पहले ही सूखा घोषित किया गया है। आमतौर पर महाराष्ट्र में नवंबर के अंतिम सप्ताह में सूखा घोषित किया जाता है, लेकिन इस बार अक्टूबर में ही सरकारी आदेश जारी कर दिया गया।
दिवाली से पहले मिलेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि दिवाली नजदीक है और किसानों के सामने आर्थिक चुनौतियां हैं। सूखे से संबंधित राहत प्रक्रिया की सभी औपचारिकताएं त्योहार से पहले पूरी करना मुश्किल है। इसी वजह से सरकार ने किसानों को तत्काल राहत देने के लिए 5,000 रुपये अग्रिम देने का निर्णय लिया है।
सरकार की योजना के अनुसार, दिवाली से पहले किसानों के खातों में यह राशि जमा की जाएगी। हालांकि, राशि के वितरण की विस्तृत प्रक्रिया और पात्र किसानों से संबंधित शर्तों की जानकारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार स्पष्ट होगी।
Maharastra के 305 तालुका सूखाग्रस्त
महाराष्ट्र सरकार ने सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए 40 और तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। इसके साथ ही राज्य में सूखाग्रस्त तालुकों की कुल संख्या बढ़कर 305 हो गई है। इन क्षेत्रों में प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार की ओर से 12 तरह की रियायतें जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इन उपायों का उद्देश्य किसानों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करना और सूखे के कारण प्रभावित कृषि गतिविधियों को सहारा देना है।
सरकार के अनुसार, किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कर्जमाफी की राशि उनके बैंक खातों में जमा करने की प्रक्रिया भी जारी है। सूखे के कारण फसलों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव और खेती से जुड़ी चुनौतियों के बीच यह सहायता किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। राज्य सरकार सूखा प्रभावित क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राहत उपायों को लागू करने पर जोर दे रही है। वहीं, किसानों को मिलने वाली सहायता और रियायतों का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना भी सरकार के सामने अहम जिम्मेदारी है।
मराठवाड़ा में जलस्तर गिरने से बढ़ी चिंता
सूखे का असर राज्य के जल संसाधनों पर भी पड़ रहा है। मराठवाड़ा क्षेत्र में जलस्तर तीन मीटर से नीचे जाने की जानकारी सामने आई है। पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार पानी की आपूर्ति करने वाले टैंकरों की संख्या बढ़ा रही है, ताकि प्रभावित इलाकों में लोगों को पानी उपलब्ध कराया जा सके।
महाराष्ट्र में लगातार बिगड़ते सूखे के हालात के बीच सरकार का 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता देने का फैसला किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि राहत राशि कितनी जल्दी उनके खातों में पहुंचती है और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में अन्य सहायता उपाय किस तरह लागू किए जाते हैं।
