महाकालेश्वर धाम वार्षिक महोत्सव के दूसरे वार्षिक आयोजन में भीनमाल में भव्य वरघोड़ा, धर्म ध्वजा रोहण, संत सम्मान, भजन संध्या और महाप्रसादी का आयोजन हुआ। पढ़ें मुकेश सोलंकी की पूरी रिपोर्ट।
महाकालेश्वर धाम वार्षिक महोत्सव: भव्य वरघोड़े में उमड़ा आस्था का सैलाब, संतों का सम्मान और महाप्रसादी के साथ संपन्न हुआ दूसरा वार्षिक महोत्सव
भीनमाल | संवाददाता: मुकेश सोलंकी
महाकालेश्वर धाम वार्षिक महोत्सव के दूसरे वार्षिक आयोजन का समापन मंगलवार को धार्मिक उल्लास, श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत वातावरण में हुआ। शहर के क्षेमंकरी माताजी तलहटी स्थित महाकालेश्वर धाम में आयोजित दो दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा वार्षिक महोत्सव में भीनमाल सहित आसपास के गांवों और कस्बों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान भगवान महाकाल के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
महाकालेश्वर धाम वार्षिक महोत्सव का दूसरा दिन
महाकालेश्वर धाम वार्षिक महोत्सव के अंतिम दिन सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा वातावरण शिवमय हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकला भव्य वरघोड़ा
महोत्सव के दूसरे दिन सुबह मंदिर परिसर से भगवान महाकाल का भव्य वरघोड़ा (शोभायात्रा) गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों के साथ रवाना हुआ।
धाम के महंत नवीनगिरि महाराज ने बताया कि शोभायात्रा महाकालेश्वर धाम से प्रारंभ होकर घांचियों का चौहट्टा, पुराना पूनासा बस स्टैंड, माघ चौक और खारी रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली।
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के जयकारों के साथ शोभायात्रा का स्वागत किया। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों एवं आम नागरिकों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान महाकाल का अभिनंदन किया। पूरा शहर शिवभक्ति में रंगा नजर आया।
संतों का सान्निध्य और धर्म ध्वजा रोहण
महाकालेश्वर धाम वार्षिक महोत्सव के दौरान क्षेत्र के अनेक संत-महात्माओं का सान्निध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।महोत्सव में
- दत्तगिरी महाराज
- किशनगिरीजी महाराज
- गोविंदगिरी महाराज
- गोविंदानंद गिरि महाराज
- अलकेश गिरी महाराज
- नवीन गिरी महाराज
- साध्वी राधाजी महाराज
- मुन्ना महाराज
सहित अनेक संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही।मंगलवार दोपहर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा रोहण किया गया। इसके पश्चात सभी संतों का शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भजन संध्या में भक्तिमय हुआ पूरा वातावरण
सोमवार रात्रि आयोजित विशाल भजन संध्या महाकालेश्वर धाम वार्षिक महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रही।राजस्थान के सुप्रसिद्ध कलाकार
- राकेश मंडोरा एंड पार्टी
- अनिता जांगिड़ एंड पार्टी
- रमेश माली एंड पार्टी
- लिलेश राठौड़ एंड पार्टी
ने भगवान शिव एवं भक्ति से ओतप्रोत एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं।भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।वहीं प्रसिद्ध हास्य कलाकार जगिया पिंटिया एंड पार्टी ने अपनी हास्य प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को खूब गुदगुदाया और पूरे पंडाल में हंसी का माहौल बना दिया।
महाआरती एवं महाप्रसादी के साथ हुई पूर्णाहूति
धार्मिक अनुष्ठानों, संत सम्मान और महाआरती के पश्चात विशाल महाप्रसादी (भंडारा) का आयोजन किया गया।हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की तथा धर्म लाभ प्राप्त किया।पूरे आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों ने व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखा। श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए इसे भीनमाल का एक भव्य एवं सफल धार्मिक आयोजन बताया।
महाकालेश्वर धाम वार्षिक महोत्सव की प्रमुख विशेषताएं
- दो दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन
- भगवान महाकाल का विशाल वरघोड़ा
- हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता
- संतों का सम्मान समारोह
- धर्म ध्वजा रोहण
- विशाल भजन संध्या
- हास्य कलाकारों की प्रस्तुति
- महाआरती एवं विशाल महाप्रसादी
- शहरभर में पुष्पवर्षा कर स्वागत
निष्कर्ष
महाकालेश्वर धाम वार्षिक महोत्सव ने एक बार फिर यह साबित किया कि भीनमाल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं आज भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ जीवंत हैं। भगवान महाकाल की भव्य शोभायात्रा, संतों का सान्निध्य, भक्तिमय भजन संध्या, धर्म ध्वजा रोहण और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। महाप्रसादी के साथ संपन्न हुआ यह दूसरा वार्षिक महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा।



