महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन उज्जैन में 3-5 अप्रैल को होगा, जहां भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान पर वैश्विक चर्चा होगी।
महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन उज्जैन
महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन उज्जैन एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी आयोजन के रूप में उभर रहा है, जो भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच सेतु बनाने का कार्य करेगा। 3 से 5 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाला यह सम्मेलन न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे विश्व के लिए ज्ञान और नवाचार का केंद्र बनेगा।
सम्मेलन की मुख्य जानकारी
इस भव्य आयोजन का उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान उपस्थित रहेंगे।यह सम्मेलन उज्जैन के पास डोंगला क्षेत्र में आयोजित होगा और उद्घाटन कार्यक्रम उज्जैन तारामंडल परिसर में होगा।
उज्जैन का ऐतिहासिक महत्व
उज्जैन प्राचीन काल से समय गणना और खगोल विज्ञान का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां के महान विद्वान आचार्य वराहमिहिर ने खगोलीय गणनाओं का आधार यहीं स्थापित किया था।
डोंगला: काल गणना का केंद्र
उज्जैन से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित डोंगला का विशेष महत्व है क्योंकि यहां से कर्क रेखा गुजरती है। यही कारण है कि इसे वैश्विक मेरिडियन के रूप में स्थापित करने की चर्चा इस सम्मेलन का अहम हिस्सा होगी।
सम्मेलन के प्रमुख विषय
इस सम्मेलन में निम्नलिखित विषयों पर गहन चर्चा होगी:
स्पेस इकोनॉमी और भारत
भारत के विकास में अंतरिक्ष क्षेत्र की भूमिका और भविष्य की संभावनाएं।
खगोल विज्ञान और कॉस्मोलॉजी
ब्रह्मांड की संरचना, ग्रह-नक्षत्र और नई खोजों पर चर्चा।
भारतीय काल गणना प्रणाली
प्राचीन समय गणना प्रणाली का वैज्ञानिक विश्लेषण।
कालचक्र की अवधारणा
समय के चक्र और उसके वैज्ञानिक आधार पर विमर्श।
तकनीकी और वैज्ञानिक कार्यक्रम
सम्मेलन में कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे:
- टेक्नोलॉजी एक्सपो
- वैज्ञानिक पैनल चर्चा
- ओपन सेशन
- पुस्तक विमोचन
- प्रदर्शनी
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस सम्मेलन में युवाओं के लिए विशेष रूप से UAV, RC और सैटेलाइट निर्माण जैसी कार्यशालाएं आयोजित होंगी। इससे तकनीकी कौशल और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
वैज्ञानिक संस्थानों की भागीदारी
इस आयोजन में कई प्रतिष्ठित संस्थान शामिल होंगे:
- ISRO
- CSIR
- DRDO
- नीति आयोग
डॉ. विक्रम साराभाई का विजन
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई का सपना था कि भारत अंतरिक्ष विज्ञान में अग्रणी बने। यह सम्मेलन उनके इसी विजन को आगे बढ़ाने का कार्य करेगा।
उज्जैन को टाइम स्केल सेंटर बनाने की पहल
राज्य सरकार उज्जैन को पुनः वैश्विक “टाइम स्केल सेंटर” बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। आधुनिक साइंस सेंटर और प्रस्तावित साइंस सिटी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
सिंहस्थ 2028 से जुड़ाव
आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को यह सम्मेलन नई दिशा देगा। इससे उज्जैन का वैश्विक महत्व और बढ़ेगा।
निष्कर्ष
महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन उज्जैन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन विरासत और आधुनिक विज्ञान का संगम है। यह आयोजन न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा बल्कि युवाओं को नई दिशा भी देगा। उज्जैन एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत करेगा।

