शहडोल। रिपोर्ट— संभागीय ब्यूरो प्रमुख सुनील रैदास, दैनिक स्वराज वाणी।
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशव्यापी श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं कलश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संत रविदास महाराज के जीवन, विचारों और उनके द्वारा दिए गए समता, भक्ति, सेवा, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को प्रदेश के गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाना है।
अभियान के माध्यम से समाज में आपसी भाईचारे, समानता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने के साथ संत रविदास महाराज के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
भोपाल से हुआ अभियान का शुभारंभ
राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ 18 अगस्त 2026 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए पावन कलश रवाना किए गए। कार्यक्रम में संत समाज, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
सरकार की ओर से अभियान को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक समरसता और जनजागरूकता से जोड़ने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
20 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर होगा कलश वंदन
अभियान के अगले चरण में 20 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कलश वंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद पावन कलशों को विशेष रूप से सजाए गए कलश रथों के माध्यम से जिलों के विभिन्न क्षेत्रों, गांवों और स्थानीय रविदास मंदिरों तक पहुंचाया जाएगा।
कलश रथ यात्रा के दौरान स्थानीय स्तर पर समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने की योजना है। इससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिलने की उम्मीद है।
20 अगस्त से 10 सितंबर तक चलेगी कलश रथ यात्रा
प्रदेशभर में 20 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक कलश रथ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा निर्धारित मार्गों से होकर विभिन्न गांवों और कस्बों तक पहुंचेगी। इस दौरान धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रमों में सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ, भजन-कीर्तन और समरसता से जुड़े आयोजन प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे। इन आयोजनों के जरिए समाज में समानता, भाईचारे, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश दिया जाएगा।
गांव-गांव पहुंचेगा संत रविदास का संदेश
संत रविदास महाराज ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज को जाति-पाति और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता तथा समानता का संदेश दिया। उनके विचारों में सामाजिक समरसता, श्रम की गरिमा, भक्ति और मानव कल्याण को विशेष स्थान मिला।
इन्हीं विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार ने अभियान को जिला मुख्यालयों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने की योजना बनाई है। प्रदेश, जिला और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध तरीके से सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
सामाजिक एकता को मजबूत करने का प्रयास
अभियान के आयोजकों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता और सद्भाव को मजबूत करना है। कलश रथ यात्रा के दौरान स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं की भागीदारी से संत रविदास महाराज के विचारों को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा।
अभियान के माध्यम से विशेष रूप से युवा पीढ़ी को संत रविदास महाराज के जीवन और उनके सामाजिक संदेश से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
अक्टूबर-नवंबर में प्रस्तावित समरसता यात्रा
कलश रथ यात्राओं के बाद 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा आयोजित किए जाने की योजना भी प्रस्तावित है। जानकारी के अनुसार यह यात्रा जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लन से प्रारंभ होकर मध्यप्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
इस यात्रा के माध्यम से भी संत रविदास महाराज के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
‘समता, सेवा और मानवता’ का संदेश
मध्यप्रदेश सरकार का कहना है कि संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती को सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को मजबूत करने के अवसर के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और संत रविदास जी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
20 अगस्त से शुरू होने वाली कलश रथ यात्रा के जरिए संत रविदास महाराज का ‘समता, सेवा और मानवता’ का संदेश प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी है। अभियान के माध्यम से सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और समानता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
