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MP Cabinet Reshuffle 2026: राज्यमंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग वापस, अब सिर्फ आनंद विभाग की जिम्मेदारी; मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास 11 विभाग

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Published On: 15 July 2026
Chief Minister Mohan Yadav portfolio change and Lakhan Patel MP government department update
— Chief Minister Mohan Yadav portfolio change and Lakhan Patel MP government department update

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MP Cabinet Reshuffle 2026: राज्यमंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग वापस, अब सिर्फ आनंद विभाग की जिम्मेदारी; मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास 11 विभाग

मध्य प्रदेश सरकार ने विभागों के आवंटन में किया अहम बदलाव

मध्य प्रदेश सरकार ने मंत्रियों के विभागों के आवंटन में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी नवीन गजट अधिसूचना के अनुसार स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। अब इस विभाग की जिम्मेदारी स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संभालेंगे।

इस बदलाव के बाद लखन पटेल के पास अब केवल आनंद विभाग का प्रभार रहेगा। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास कुल 11 महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी हो गई है। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पशुपालन एवं डेयरी विभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था, दुग्ध उत्पादन और पशुधन विकास से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन

मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी गजट अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि मंत्रिपरिषद में विभागों के आवंटन में संशोधन किया गया है। अधिसूचना के अनुसार स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग का कार्यभार वापस लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंप दिया गया है।

सरकार की ओर से इस बदलाव के पीछे कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि विभागीय पुनर्वितरण को सरकार की प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

अब मुख्यमंत्री मोहन यादव संभालेंगे 11 विभाग

नए विभागीय आवंटन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास अब कुल 11 विभागों की जिम्मेदारी है। इनमें कई ऐसे विभाग शामिल हैं जो राज्य सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

मुख्यमंत्री के पास वर्तमान में निम्नलिखित विभाग हैं—

  • सामान्य प्रशासन विभाग
  • गृह विभाग
  • जेल विभाग
  • औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग
  • जनसंपर्क विभाग
  • नर्मदा घाटी विकास विभाग
  • विमानन विभाग
  • खनिज विभाग
  • लोक सेवा प्रबंधन विभाग
  • प्रवासी भारतीय विभाग
  • पशुपालन एवं डेयरी विभाग

इन विभागों की जिम्मेदारी किसी अन्य मंत्री को नहीं दी गई है। ऐसे में मुख्यमंत्री स्वयं इन विभागों की कार्यप्रणाली और नीतिगत फैसलों की निगरानी करेंगे।

लखन पटेल के पास अब केवल आनंद विभाग

विभागीय फेरबदल के बाद स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री लखन पटेल के पास अब केवल आनंद विभाग का कार्यभार रहेगा। आनंद विभाग मध्य प्रदेश सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य नागरिकों के जीवन में सकारात्मकता, सामाजिक सहभागिता, मानसिक संतुलन और सामुदायिक खुशहाली को बढ़ावा देना है।

हालांकि पहले उनके पास आनंद विभाग के साथ-साथ पशुपालन एवं डेयरी विभाग भी था, लेकिन अब वे केवल आनंद विभाग की योजनाओं और गतिविधियों पर ध्यान देंगे।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग क्यों है महत्वपूर्ण?

पशुपालन एवं डेयरी विभाग मध्य प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। राज्य के लाखों किसान और पशुपालक अपनी आय का बड़ा हिस्सा डेयरी एवं पशुपालन गतिविधियों से अर्जित करते हैं।

इस विभाग के माध्यम से सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन करती है, जिनमें शामिल हैं—

  • दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना
  • पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं
  • टीकाकरण अभियान
  • नस्ल सुधार कार्यक्रम
  • डेयरी उद्योग का विस्तार
  • पशुपालकों को आर्थिक सहायता
  • दुग्ध सहकारी समितियों को प्रोत्साहन
  • पशु चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री द्वारा इस विभाग को अपने पास रखने को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रशासनिक दृष्टि से क्या हो सकते हैं मायने?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा किसी विभाग को स्वयं संभालना यह संकेत देता है कि सरकार उस क्षेत्र में विशेष फोकस करना चाहती है।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग किसानों, ग्रामीण विकास और रोजगार से जुड़ा हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री स्तर पर इसकी निगरानी से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और तेज निर्णय प्रक्रिया की उम्मीद की जा सकती है।

हालांकि सरकार की ओर से इस बदलाव के पीछे किसी विशेष कारण की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

कौन हैं राज्यमंत्री लखन पटेल?

कृषि शिक्षा से लेकर बैंकिंग तक का सफर

लखन पटेल का राजनीतिक जीवन काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने जबलपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से बीएससी (एग्रीकल्चर) की पढ़ाई पूरी की। कृषि शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में कई वर्षों तक नौकरी की।

बैंकिंग क्षेत्र में कार्य करने के बावजूद उनकी रुचि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में बनी रही। अंततः उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर पूर्णकालिक रूप से राजनीति का रास्ता चुना।

सहकारी बैंक से राजनीति में मजबूत पहचान

राजनीति में सक्रिय होने के बाद लखन पटेल ने सहकारिता क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रहे।

इस दौरान उन्होंने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया, जिससे उनकी राजनीतिक पहचान लगातार मजबूत होती गई।

2013 में पहली बार बने विधायक

भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से लखन पटेल को उम्मीदवार बनाया था।

उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया और क्षेत्र में अपनी सक्रियता के कारण तेजी से पहचान बनाई।

2018 में रामबाई से मिली हार

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में लखन पटेल को हार का सामना करना पड़ा। पथरिया सीट पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रत्याशी रामबाई ने उन्हें पराजित किया।

यह चुनाव उनके राजनीतिक करियर के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने क्षेत्र में अपनी सक्रियता बनाए रखी।

2023 में शानदार वापसी

भारतीय जनता पार्टी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर लखन पटेल पर भरोसा जताया।

उन्होंने पथरिया विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर दूसरी बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। उनकी इस जीत को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि उन्होंने पिछली हार के बाद मजबूत वापसी की।

दूसरी बार विधायक बनने के बाद मिला मंत्री पद

2023 में दोबारा विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया।

उन्हें स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के रूप में पशुपालन एवं डेयरी विभाग तथा आनंद विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब नए विभागीय आवंटन के बाद उनके पास केवल आनंद विभाग का कार्यभार रह गया है।

सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत

मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा पशुपालन एवं डेयरी विभाग अपने पास रखना सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत माना जा रहा है। राज्य में डेयरी क्षेत्र के विस्तार, पशुपालकों की आय बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से इस विभाग की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

सरकार आने वाले समय में इस क्षेत्र में नई योजनाएं, निवेश और सुधारात्मक कदम उठा सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री स्तर पर विभाग की निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे क्या रहेगा फोकस?

विभागीय बदलाव के बाद अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पशुपालन एवं डेयरी विभाग के माध्यम से कौन-कौन से नए फैसले लेते हैं। वहीं लखन पटेल आनंद विभाग की योजनाओं को आगे बढ़ाने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करेंगे।

राज्य सरकार द्वारा जारी इस नए विभागीय आवंटन से स्पष्ट है कि प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। आने वाले समय में इन बदलावों का असर विभागों की कार्यप्रणाली, योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों पर देखने को मिल सकता है।

 

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