मडावदी दुपड़ावदा सड़क निर्माण पदयात्रा के तहत बसंत मालपानी ग्रामीणों के साथ 25 मार्च को पदयात्रा निकालेंगे, सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन तेज।
मडावदी दुपड़ावदा सड़क निर्माण पदयात्रा क्या है
सड़क की समस्या और ग्रामीणों की परेशानी
मडावदी और दुपड़ावदा एक ही पंचायत के अंतर्गत आते हैं, लेकिन दोनों गांवों के बीच पक्की सड़क का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है।
- रास्ता कच्चा और खराब है
- बारिश के समय आवागमन लगभग बंद हो जाता है
- पंचायत भवन दुपड़ावदा में होने से मडावदी के लोगों को 8 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है
- मरीजों और छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी
यह स्थिति केवल असुविधा ही नहीं बल्कि विकास में भी बाधा बन रही है।
बसंत मालपानी की भूमिका
युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष लखन सिंह ठाकुर के अनुसार, मडावदी दुपड़ावदा सड़क निर्माण पदयात्रा का नेतृत्व कांग्रेस नेता बसंत मालपानी करेंगे।
उनका उद्देश्य है:
- प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना
- ग्रामीणों की आवाज को मजबूत करना
- सड़क निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराना
पदयात्रा का पूरा कार्यक्रम
दिनांक: 25 मार्च 2026
समय: सुबह 10 बजे
रूट:
- प्रारंभ: ग्राम मडावदी
- समाप्ति: ग्राम दुपड़ावदा
इसके बाद:खाचरोद तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा जाएगा |यह पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित की जाएगी।
प्रशासन पर बढ़ता दबाव
लगातार मांग और अब पदयात्रा के आयोजन से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि:
- कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं
- लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
- अब आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचा है
सड़क निर्माण का महत्व
मडावदी दुपड़ावदा सड़क निर्माण पदयात्रा केवल एक सड़क की मांग नहीं, बल्कि विकास की मांग है।
क्यों जरूरी है यह सड़क?
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच
- व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- गांवों का समग्र विकास
- समय और दूरी की बचत
निष्कर्ष
मडावदी दुपड़ावदा सड़क निर्माण पदयात्रा अब एक महत्वपूर्ण जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। यह केवल 2.5 किलोमीटर सड़क का मुद्दा नहीं, बल्कि ग्रामीणों के अधिकार और सुविधाओं का सवाल है।अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई करता है, तो यह क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ा कदम होगा।

