LPG Cylinder Price Cut: कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 200 रुपये से ज्यादा सस्ता, दिल्ली-कोलकाता समेत कई शहरों में घटे दाम
LPG Cylinder Price Cut: केंद्र सरकार ने व्यावसायिक इस्तेमाल वाले एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपये से अधिक की कटौती कर दी है। नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
इस फैसले से होटल, रेस्तरां, ढाबा, कैटरिंग कारोबार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि इन क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अभी कोई राहत नहीं दी गई है। घरों में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दिल्ली और कोलकाता में सबसे ज्यादा कटौती
नई कीमतों के अनुसार राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 202 रुपये की कमी की गई है। वहीं कोलकाता में इसकी कीमत 209 रुपये तक घटाई गई है।
कोलकाता में अब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 2,872.50 रुपये में उपलब्ध होगा। कीमतों में इस कमी से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि गैस खर्च उनके कुल संचालन खर्च का एक बड़ा हिस्सा होता है।
दिल्ली, कोलकाता के अलावा अन्य प्रमुख शहरों में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया गया है। तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से इसमें बदलाव किया जाता है।
लगातार दूसरी बार मिली कीमतों में राहत
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में यह लगातार दूसरी कटौती है। इससे पहले जुलाई महीने में भी व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम कम किए गए थे।
पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी। अब वैश्विक परिस्थितियों में कुछ सुधार आने के बाद सरकार ने कारोबारियों को राहत देने के लिए कीमतों में कटौती का फैसला लिया है।
ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट का पड़ा था असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर वैश्विक घटनाओं का सीधा प्रभाव पड़ता है। हाल के समय में ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई थी।
आपूर्ति प्रभावित होने के कारण एलपीजी सहित कई ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में तेजी आई थी। इसका असर भारत में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर भी पड़ा था।
अब हालात में कुछ सुधार के बाद कीमतों में कमी की गई है, जिससे कारोबारियों को बढ़ते खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है।
घरेलू उपभोक्ताओं को अभी इंतजार
सरकार के इस फैसले से जहां व्यवसायिक क्षेत्र को राहत मिली है, वहीं घरेलू गैस उपभोक्ताओं को अभी इंतजार करना होगा। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल देशभर में करोड़ों परिवार खाना पकाने के लिए करते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की नजरें आने वाले महीनों में होने वाली कीमत समीक्षा पर बनी रहेंगी।
कारोबारियों को मिलेगी राहत
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती का सीधा असर छोटे और बड़े कारोबारियों पर पड़ेगा। होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें, स्ट्रीट फूड विक्रेता और कैटरिंग व्यवसाय लंबे समय से गैस की बढ़ती कीमतों से प्रभावित थे।
कमर्शियल गैस सस्ती होने से इन व्यवसायों का मासिक खर्च कम हो सकता है। कारोबारियों को उम्मीद है कि इससे खाने-पीने की चीजों की लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
तेल कंपनियां करती हैं हर महीने समीक्षा
भारत में LPG सिलेंडर की कीमतें सरकारी तेल कंपनियों द्वारा हर महीने संशोधित की जाती हैं। कीमतों का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमत, विदेशी मुद्रा दर और अन्य वैश्विक कारकों को ध्यान में रखकर किया जाता है।
कमर्शियल और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें अलग-अलग होती हैं। कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से व्यापारिक गतिविधियों के लिए किया जाता है, जबकि घरेलू सिलेंडर परिवारों की जरूरतों के लिए होता है।
कीमतों में कटौती से अर्थव्यवस्था को भी फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में कमी से छोटे व्यवसायों को फायदा मिलेगा। इससे उत्पादन और सेवा क्षेत्र की लागत घट सकती है, जिसका असर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
खासकर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग में गैस खर्च कम होने से कारोबारियों को राहत मिलेगी। आने वाले दिनों में इसका फायदा उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।
फिलहाल सरकार का यह फैसला व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जबकि घरेलू उपभोक्ता अभी कीमतों में कमी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
