—Advertisement—

LPG संकट, मिडिल-ईस्ट युद्ध, राजस्थान फैक्ट्री बंद, मुंबई कतारें, सूरत पलायन, कालाबाजारी, मजदूर, घर लौटना, गैस कमी, उद्योग प्रभावित

Author Picture
Published On: 31 March 2026
MP lpg
— “MP में एलपीजी संकट: शादी सीजन से पहले सिलेंडर की कमी, सप्लाई सिर्फ 50%, साइबर ठगी का अलर्ट जारी”

—Advertisement—

मिडिल-ईस्ट युद्ध का असर: भारत में LPG संकट ने उद्योग और आम जनता को झकझोर दिया

मिडिल-ईस्ट में जारी जंग का असर अब भारत के कई राज्यों में स्पष्ट रूप से दिख रहा है। इस युद्ध की वजह से एलपीजी (LPG) की आपूर्ति में भारी कमी आई है, जिसने न सिर्फ उद्योगों को प्रभावित किया है बल्कि आम जनता के रोजमर्रा के जीवन को भी प्रभावित किया है।

राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में गैस की कमी ने उद्योगों और घरों दोनों को हिला दिया है। कमर्शियल और घरेलू एलपीजी की भारी कमी के चलते फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं और मजदूर घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

राजस्थान में उद्योग और मजदूर प्रभावित

राजस्थान में कमर्शियल एलपीजी की कमी ने कपड़ा, मार्बल, सेरामिक और केमिकल फैक्ट्रियों को प्रभावित किया है। कई फैक्ट्रियों में काम पूरी तरह ठप हो गया है। हज़ारों मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं और घर लौटने को मजबूर हैं।

अजमेर-सियालदह और अजमेर-किशनगंज एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में जयपुर स्टेशन पर मजदूर भारी संख्या में जमा हो रहे हैं। प्लेटफार्म पर मारामारी और भगदड़ जैसी स्थिति बनी हुई है क्योंकि लोग अपने सामान के साथ ट्रेन में चढ़कर घर लौटना चाहते हैं।

कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में गड़बड़ी

रींगस में स्थित बोरोसिल फैक्ट्री और जयपुर के सीतापुरा इंडस्ट्रियल इलाक़े की केमिकल फैक्ट्री बंद हो गई हैं। मालिकों का कहना है कि युद्ध और सप्लाई संकट के कारण फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ा। इससे न केवल मजदूरों की रोज़गार सुरक्षा खतरे में है बल्कि घरेलू एलपीजी की कमी ने खाने-पीने में भी मुश्किलें पैदा कर दी हैं।

मुंबई: आर्थिक राजधानी में सिलेंडर के लिए लंबी कतारें

मुंबई में एलपीजी संकट ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोग केवल एक सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। कालाबाजारी के चलते सिलेंडर की कीमतें 900-1000 रुपये से बढ़कर 2500-3000 रुपये तक हो गई हैं।

नवी मुंबई में लोग खाली सिलेंडरों के साथ लाइन में खड़े रहते हैं, ताकि भरे हुए सिलेंडर मिल सकें। लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर हालात छुट्टियों के बजाय ‘मजबूरी के पलायन’ वाले दिखाई दे रहे हैं।

सूरत और गुजरात में प्रवासी मजदूरों का पलायन

गुजरात के सूरत में भी घरेलू एलपीजी की भारी कमी दर्ज की गई है। प्रवासी मजदूर गैस की कमी के कारण बड़े पैमाने पर गांव लौटने लगे हैं। कई मजदूर अपने बर्तन, चूल्हा और अन्य सामान लेकर ट्रेन में सवार हो रहे हैं।

मजदूरों का कहना है कि जब खाना बनाना ही मुश्किल हो गया है, तो शहर में रहना बेकार है। गैस की आपूर्ति सामान्य होने तक वे वापस नहीं आएंगे।

सरकारी हेल्पलाइन का इंतज़ार और असमर्थता

राजस्थान में इंडस्ट्रियल एलपीजी के लिए सरकार और राज्य सरकार की हेल्पलाइन (14435) की कॉल पर कोई ठोस सहायता नहीं मिल रही है। बगरू इंडस्ट्री एसोसिएशन के महासचिव नवनीत झालानी ने बताया कि हेल्पलाइन पर कई बार कॉल करने के बावजूद कोई स्पष्ट प्रक्रिया नहीं बताई गई।

आम जनता की प्रतिक्रिया और मांग

लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध का असर सीधे उनके घरों और रसोई पर पड़ रहा है। कई लोगों ने कहा, “युद्ध दुनिया के किसी भी कोने में हो, हमारे घर का चूल्हा नहीं बुझना चाहिए।”

सिलेंडर न मिलने और कालाबाजारी के कारण आम जनता के आक्रोश में लगातार वृद्धि हो रही है। लोग चाहते हैं कि सरकार तुरंत वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करे और कालाबाजारी पर नियंत्रण लगाए।

भविष्य की स्थिति

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में ईंधन की किल्लत और बढ़ सकती है। उद्योग, मजदूर और आम जनता—सभी की समस्याएं गंभीर स्तर पर बढ़ सकती हैं।

राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात में पलायन और फैक्ट्रियों की बंदी जैसी घटनाएं आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं। सरकार को युद्ध स्तर पर एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

मिडिल-ईस्ट में युद्ध और एलपीजी संकट ने भारत के कई राज्यों को हिला दिया है। उद्योग ठप हैं, मजदूर घर लौट रहे हैं और आम लोग सिलेंडर की कमी से परेशान हैं।

सरकार और राज्य प्रशासन को तत्काल कदम उठाकर वैकल्पिक आपूर्ति, कालाबाजारी पर नियंत्रण और उद्योगों के संचालन को सुचारू बनाने की जरूरत है। आम जनता की मांग साफ है—रसोई और रोज़मर्रा की जिंदगी को युद्ध या अंतरराष्ट्रीय संकट से प्रभावित नहीं होने देना।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp