PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 125वें एपिसोड और स्वतंत्रता दिवस भाषण में आत्मनिर्भर भारत का नया मंत्र दिया। मोदी ने कहा- “वोकल फॉर लोकल ही रास्ता है, दाम कम और दम ज्यादा से भारत बनेगा विकसित राष्ट्र।” उन्होंने त्योहारों पर स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और प्राकृतिक आपदाओं के बीच स्वच्छता पर जोर देते हुए देशवासियों से आत्मनिर्भरता की अपील की।
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 125वें एपिसोड में देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत बनाने की अपील दोहराई। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ वॉर के बीच पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत को अपनी सामर्थ्य और स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए लोकल उत्पादों को बढ़ावा देना होगा।
त्योहारों में स्वदेशी अपनाने का संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में गणेश उत्सव और आने वाले त्योहारों की धूम है। ऐसे अवसरों पर हर भारतीय को स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा –
“उपहार वही जो भारत में बना हो, पहनावा वही जो भारत में बुना हो, सजावट और रोशनी भी स्वदेशी हो। गर्व से कहो – ये स्वदेशी है।”
आत्मनिर्भर भारत का नया मंत्र – “दाम कम, दम ज्यादा”
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आत्मनिर्भरता को केवल आयात-निर्यात या करेंसी तक सीमित न मानकर सामर्थ्य से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा –
“जो देश दूसरों पर ज्यादा निर्भर रहते हैं, उनकी आज़ादी और सामर्थ्य दोनों पर प्रश्नचिह्न लग जाता है। भारत को उच्च गुणवत्ता वाले, किफायती और टिकाऊ उत्पाद बनाने पर ध्यान देना चाहिए। यही है – दाम कम, दम ज्यादा का मंत्र।”
प्राकृतिक आपदाओं पर चिंता और स्वच्छता का संदेश
मोदी ने लगातार बारिश से आई बाढ़ और भूस्खलन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं देश की परीक्षा ले रही हैं, लेकिन ऐसे समय में हमें एकजुट होकर स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखना चाहिए।
“जहां स्वच्छता है, वहां त्योहारों का आनंद भी और बढ़ जाता है।”
आत्मनिर्भर भारत – समृद्ध भारत का संकल्प
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के नागरिकों को अब मजबूरी में नहीं, बल्कि मजबूती के साथ स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेना होगा।
“भारत की मिट्टी से बनी चीजें, भारतवासियों के पसीने से बनी चीजें ही हमारी पहली पसंद होनी चाहिए। जब हर व्यापारी और हर उपभोक्ता स्वदेशी उत्पादों को अपनाएगा, तब दुनिया भारत की ओर देखेगी और हम विकसित भारत का सपना पूरा करेंगे।”

