लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा अभियान में अटल वृद्धा आश्रम में तिल-गुड़ व फल वितरण, पुष्पमालाओं से सम्मान और मानवीय संवेदना की मिसाल।
नागदा जं. निप्र। मकर संक्रांति का पर्व केवल धार्मिक या सांस्कृतिक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सद्भाव, सेवा और मानवता का प्रतीक भी है। इसी भावना को साकार करते हुए लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा अभियान के अंतर्गत अटल वृद्धा आश्रम में वरिष्ठजनों के लिए एक स्नेहिल सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
संवाददाता जीवनलाल जैन, नागदा की रिपोर्ट के अनुसार यह आयोजन लायन्स इंटरनेशनल के निर्देशानुसार ‘हंगर सेवा सप्ताह’ के तहत हुआ, जिसमें अध्यक्ष लॉयन डॉ. हिमांशुदत्त पाण्डेय के नेतृत्व में क्लब के सभी पदाधिकारी और सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे।
लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा की शुरुआत
लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा की शुरुआत अटल वृद्धा आश्रम में निवासरत वरिष्ठजनों के स्वागत से हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में सभी वृद्धजनों को पुष्पमालाएँ पहनाकर आत्मीय सम्मान दिया गया, जिससे वातावरण भावुक और गरिमामय बन गया।
वरिष्ठजनों के चेहरे पर मुस्कान और आँखों में अपनत्व की चमक स्पष्ट रूप से बताती थी कि यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिल से जुड़ी सेवा है।
सेवा कार्यक्रम का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठजनों को यह एहसास कराना था कि समाज उन्हें भूला नहीं है। लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा का संदेश था—
- भूख मिटाना
- अकेलेपन को दूर करना
- सम्मान और अपनत्व देना
हंगर सेवा सप्ताह के अंतर्गत यह पहल उन बुजुर्गों के लिए समर्पित रही जो जीवन के इस पड़ाव पर सबसे अधिक स्नेह और सहारे की जरूरत महसूस करते हैं।
अटल वृद्धा आश्रम का माहौल
अटल वृद्धा आश्रम में जैसे ही लायंस क्लब नागदा ग्रेटर की टीम पहुँची, पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंग गया। आश्रम प्रबंधन ने भी कार्यक्रम के लिए विशेष व्यवस्था की थी।
लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा के दौरान आश्रम का वातावरण—
- भावनात्मक
- गरिमामय
- मानवीय संवेदनाओं से भरपूर
नज़र आया।
पुष्पमाला से सम्मान की परंपरा
कार्यक्रम की सबसे भावुक घड़ी तब आई जब क्लब पदाधिकारियों ने एक-एक वरिष्ठजन को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया।
यह केवल एक माला नहीं थी, बल्कि यह संदेश था कि—
“आप हमारे लिए सम्माननीय हैं, आपकी उपस्थिति समाज के लिए अमूल्य है।”
लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा में यह दृश्य हर किसी की आँखें नम कर गया।
तिल-गुड़ और फल वितरण का महत्व
मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ का विशेष महत्व होता है, जो मिठास और आपसी सद्भाव का प्रतीक है। इसी परंपरा को निभाते हुए—
- सभी वरिष्ठजनों को तिल-गुड़
- ताजे फल
का वितरण किया गया।
लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा के तहत यह वितरण केवल भोजन नहीं, बल्कि स्नेह का प्रतीक था।
क्लब पदाधिकारियों की भूमिका
इस सेवा कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे थे—
- अध्यक्ष: लॉयन डॉ. हिमांशुदत्त पाण्डेय
- सचिव: इंजी. रोहित प्रजापत
- कोषाध्यक्ष: सलीम खान
इनके साथ—
- लॉयन विनयराज शर्मा
- लॉयन झमक राठी
- लॉयन अशोक बिसानी
- लॉयन प्रतीक गगरानी
- लॉयन मुकेश राठौर
- लॉयन मनोहरलाल शर्मा
एवं अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
सभी ने मिलकर लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा को एक यादगार पहल बनाया।
सदस्यों की सक्रिय सहभागिता
हर सदस्य ने अपनी भूमिका ईमानदारी से निभाई—
- कोई फल बाँट रहा था
- कोई तिल-गुड़ दे रहा था
- कोई बुजुर्गों से बात कर रहा था
यह दृश्य बताता था कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक नहीं, बल्कि दिल से जुड़ा था।
वरिष्ठजनों की भावनात्मक प्रतिक्रिया
वरिष्ठजनों की आँखों में खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। कई बुजुर्गों ने कहा—
“आज हमें अपने बच्चों की कमी महसूस नहीं हुई।”
लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा उनके लिए केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनभर की याद बन गया।
सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश
इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि—
- बुजुर्ग बोझ नहीं, धरोहर हैं
- सेवा केवल दान नहीं, संवेदना है
- त्योहार केवल अपने लिए नहीं, सबके लिए हैं
भविष्य की योजनाएँ
कार्यक्रम के समापन पर क्लब पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि—
- ऐसे सेवा कार्य लगातार होंगे
- वृद्धजनों, जरूरतमंदों और बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाए जाएँगे
लायंस क्लब नागदा ग्रेटर मकर संक्रांति सेवा आने वाले समय में और भी व्यापक रूप लेगी।
निष्कर्ष
मकर संक्रांति पर लायंस क्लब नागदा ग्रेटर की यह पहल यह साबित करती है कि सेवा जब दिल से की जाती है, तो वह समाज में उम्मीद की रोशनी बन जाती है।
संवाददाता: जीवनलाल जैन, नागदा

