लायंस क्लब एलीट ने झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों के साथ मनाया रक्षाबंधन, बांटी खुशियां और दिया सेवा-भाईचारे का संदेश
कार्यक्रम के दौरान क्लब सदस्यों और बच्चों के बीच आत्मीय माहौल देखने को मिला। खाद्य सामग्री और उपहार मिलने पर बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि त्योहार की वास्तविक खुशी तभी सार्थक होती है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को उसमें शामिल किया जाए और जरूरतमंद लोगों के साथ खुशियां बांटी जाएं।
बच्चों के बीच पहुंचकर साझा कीं रक्षाबंधन की खुशियां
लायंस क्लब एलीट के सदस्यों ने रक्षाबंधन के अवसर को अलग अंदाज में मनाने का निर्णय लिया। सामान्य पारिवारिक आयोजन के साथ इस पर्व को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए क्लब सदस्य झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों के बीच पहुंचे।
क्लब के सदस्यों ने बच्चों के साथ बातचीत की और उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। आयोजन के दौरान बच्चों का उत्साह भी देखने लायक था। उनके साथ समय बिताकर सदस्यों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि त्योहार समाज में आपसी प्रेम और संवेदनशीलता बढ़ाने का भी अवसर होते हैं।
मिठाई, समोसे, फल और अन्य सामग्री का वितरण

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए विशेष रूप से नाश्ते और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई थी। क्लब सदस्यों ने बच्चों को मिठाई, समोसे, नमकीन, फल, टॉफी और बिस्किट सहित अन्य सामग्री वितरित की।
खाद्य सामग्री मिलने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह दिखाई दिया। क्लब सदस्यों ने स्वयं बच्चों के बीच रहकर सामग्री वितरित की और उनके साथ आत्मीयता से समय बिताया।
आयोजकों का मानना है कि छोटे-छोटे प्रयास भी जरूरतमंद बच्चों के लिए बड़ी खुशी का कारण बन सकते हैं। इसी भावना के साथ रक्षाबंधन के अवसर पर बच्चों को त्योहार की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
कोई भी बच्चा त्योहार की खुशी से वंचित न रहे: अंजना शिवहरे
लायंस क्लब एलीट की अध्यक्ष अंजना शिवहरे ने कहा कि क्लब का प्रयास समाज के प्रत्येक वर्ग तक खुशियां पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण किसी बच्चे को त्योहार की खुशी से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाने का उद्देश्य केवल खाद्य सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि उनके साथ अपनत्व और स्नेह का रिश्ता स्थापित करना भी है। सेवा के माध्यम से समाज में प्रेम और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया जा सकता है।
अंजना शिवहरे ने कहा कि रक्षाबंधन अपने आप में सुरक्षा, विश्वास और प्रेम का संदेश देने वाला पर्व है। ऐसे अवसर पर जरूरतमंद बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ खुशियां साझा करना इस पर्व की भावना को और व्यापक बनाता है।
सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का दिया संदेश

क्लब के सदस्यों ने कहा कि समाज में कई ऐसे परिवार और बच्चे हैं, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में त्योहारों पर मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं। सामाजिक संस्थाओं और सक्षम नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे लोगों तक पहुंचें और यथासंभव सहयोग करें।
लायंस क्लब एलीट द्वारा आयोजित कार्यक्रम भी इसी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा रहा। सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें यह एहसास दिलाने का प्रयास किया कि समाज उनके साथ खड़ा है।
आयोजन के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि सामाजिक सेवा केवल बड़े स्तर पर किए जाने वाले कार्यों तक सीमित नहीं है। किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना, बच्चों के साथ समय बिताना और त्योहार की खुशियां साझा करना भी सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप है।
बच्चों के साथ बिताए आत्मीय पल
कार्यक्रम के दौरान क्लब सदस्यों ने केवल सामग्री वितरण तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि बच्चों के साथ बातचीत की और उनके साथ समय बिताया। इससे आयोजन में आत्मीयता का माहौल बना रहा।
बच्चों ने भी उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। त्योहार के अवसर पर मिले नाश्ते और अन्य सामग्री से वे काफी प्रसन्न दिखाई दिए। क्लब के सदस्यों के लिए भी बच्चों के साथ बिताए गए ये पल विशेष रहे।
आयोजकों के अनुसार बच्चों की मुस्कान ही कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। रक्षाबंधन के पर्व को इस तरह मनाने से क्लब के सदस्यों को भी सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली।
क्लब के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
इस सेवा कार्यक्रम में लायंस क्लब एलीट की अध्यक्ष अंजना शिवहरे के साथ सचिव अनुराधा गर्ग, कोषाध्यक्ष अंशुल गोलश, कंचन चावला, डॉ. शिवानी तोमर और अंजना गर्ग सहित क्लब के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
सभी सदस्यों ने मिलकर बच्चों के लिए की गई व्यवस्थाओं को संभाला और खाद्य सामग्री का वितरण किया। कार्यक्रम में सामूहिक सहभागिता के माध्यम से सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।
रक्षाबंधन को बनाया यादगार
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के संकल्प का पर्व माना जाता है। लायंस क्लब एलीट ने इस भावना को सामाजिक सेवा से जोड़कर जरूरतमंद बच्चों के बीच खुशियां बांटने की पहल की। इससे त्योहार का उत्साह बच्चों तक पहुंचने के साथ सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश भी सामने आया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने क्लब की पहल की सराहना की। बच्चों के साथ बिताए गए समय, उनकी मुस्कान और सेवा की भावना ने इस रक्षाबंधन को क्लब सदस्यों के लिए भी यादगार बना दिया। क्लब ने इस आयोजन के माध्यम से संदेश दिया कि त्योहारों की खुशी तब और बढ़ जाती है, जब उसे समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ मिलकर साझा किया जाए।
