इंदौर के सात स्कूलों में बनेंगी RRR लाइब्रेरी, मां देवी अन्नपूर्णा स्कूल में 1100 किताबों से शुरुआत
इंदौर। विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत बढ़ाने और उपयोग में न आ रही किताबों को फिर से बच्चों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मां देवी अन्नपूर्णा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में RRR लाइब्रेरी शुरू की गई। पुस्तकालय में बच्चों के लिए दान में मिली 1100 किताबें रखी गई हैं। शहर के सात स्कूलों में इस तरह की लाइब्रेरी तैयार की जा रही है। शुभारंभ कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने विद्यार्थियों को किताबों का उपयोग करने और आने वाले दिनों में संभावित जल संकट को देखते हुए पानी बचाने का संदेश दिया।
RRR का विचार ‘रीड, रीयूज़, रिपीट’ यानी पढ़ें, दोबारा उपयोग करें और आगे साझा करें पर आधारित है। इस पहल के तहत घरों और संस्थानों में रखी ऐसी किताबें जुटाई जा रही हैं, जिनका उपयोग उनके मौजूदा मालिक नहीं कर रहे हैं। इन किताबों को स्कूलों के पुस्तकालयों तक पहुंचाकर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बनाया जा रहा है।
दान में मिली किताबों से विद्यार्थियों को मिलेगा पढ़ने का अवसर
मां देवी अन्नपूर्णा स्कूल में शुरू की गई लाइब्रेरी में 1100 किताबें उपलब्ध कराई गई हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि और जरूरत के अनुसार पुस्तकें पढ़ सकेंगे। पुस्तकालय का उद्देश्य पाठ्यक्रम की किताबों के अलावा अन्य पठन सामग्री तक बच्चों की पहुंच बढ़ाना है। किताबों को उपयोग में लाने से वे घरों या संस्थानों में अनुपयोगी पड़े रहने के बजाय विद्यार्थियों के काम आएंगी।
इस पहल से बच्चों को पढ़ने के लिए अधिक सामग्री उपलब्ध होगी और किताबें साझा करने की आदत को भी प्रोत्साहन मिलेगा। एक ही पुस्तक का उपयोग अलग-अलग विद्यार्थी कर सकेंगे। नगर निगम की इस योजना के तहत शहर के सात स्कूलों में लाइब्रेरी तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।
RRR अभियान का उद्देश्य किताबों का पुनः उपयोग
इंदौर में RRR केंद्रों के माध्यम से नागरिकों से उपयोग में न आने वाली किताबें और प्लास्टिक जमा किए जा रहे हैं। एकत्रित किताबों को जरूरत के अनुसार विद्यार्थियों और अन्य पाठकों तक पहुंचाया जा रहा है। नगर निगम की इस पहल का मकसद पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ वस्तुओं के पुनः उपयोग और संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
पुस्तकालयों में किताबें उपलब्ध कराने से उन विद्यार्थियों को भी पढ़ने का मौका मिलेगा, जिनके पास घर पर अधिक पुस्तकें नहीं हैं। पुरानी किताबों को साझा करने की यह व्यवस्था ज्ञान को अधिक लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।
महापौर ने दिया पानी बचाने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्कूली बच्चों से पानी का सदुपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में जल संकट की आशंका को देखते हुए हर नागरिक को पानी बचाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। विद्यार्थियों से घर और स्कूल में पानी की बर्बादी रोकने तथा परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
बच्चे अपने दैनिक व्यवहार में छोटे-छोटे बदलाव करके पानी बचाने में सहयोग कर सकते हैं। जरूरत न होने पर नल बंद रखना और पानी का उपयोग सावधानी से करना ऐसी आदतें हैं, जिन्हें परिवार और स्कूल दोनों जगह अपनाया जा सकता है। महापौर ने बच्चों से जल संरक्षण के संदेश को अपने घरों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
RRR लाइब्रेरी की शुरुआत शिक्षा और संसाधनों के पुनः उपयोग को जोड़ती है। एक ओर बच्चों को पढ़ने के लिए किताबें मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर इस्तेमाल में न आ रही पुस्तकें फिर से उपयोगी बनेंगी। शहर के सात स्कूलों में पुस्तकालय तैयार होने के बाद अधिक विद्यार्थियों को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है। जल संरक्षण के संदेश के साथ कार्यक्रम ने बच्चों को किताबों और पानी—दोनों संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
