व्याख्याता जुबैर खान की सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई, शॉल-श्रीफल से किया सम्मान
39 वर्ष 7 माह 29 दिन की सेवाओं को किया याद, विद्यालय परिवार ने दी भावभीनी विदाई
दैनिक स्वराज वाणी ब्यूरो रिपोर्ट | खलील मंसूरी
जोबट। पी.एम. श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जोबट में लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने वाले व्याख्याता जुबैर खान के सेवानिवृत्त होने पर विद्यालय परिवार की ओर से भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। खान ने विद्यालय में 39 वर्ष 7 माह 29 दिन तक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देकर विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित समारोह में विद्यालय के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों सहित बड़ी संख्या में स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्राचार्य नरेंद्र रावत, शिक्षक जयंतिलाल वाणी, रतनसिंह चौहान, कृष्ण किशोर जोशी, सुरेशचंद्र नागर, आमिन खान, श्रीमती कलावती डावर, अर्जुन सिंह वर्मा तथा विद्यालय के प्राचार्य प्रभु पवार सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उपस्थित होकर खान के सेवाकाल को याद किया और उनके योगदान की सराहना की।
मां सरस्वती के पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
विदाई समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों एवं विद्यालय परिवार ने मां सरस्वती का पूजन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इसके बाद विद्यालय परिवार की ओर से सेवानिवृत्त हो रहे व्याख्याता जुबैर खान का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि खान का लंबा सेवाकाल केवल नौकरी करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए निरंतर समर्पण एवं निष्ठा के साथ कार्य किया। उनके सहकर्मियों ने उनके शांत, सहयोगी एवं जिम्मेदार स्वभाव को भी याद किया।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को किया याद
समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रभु पवार सहित उदयभानु सिंह धाकरे, अरविंद सिंह ठाकुर, सी.एस. बघेल, विवेक वाणी, श्रीमती ज्योति जैन तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों ने जुबैर खान के शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को स्मरण किया।
वक्ताओं ने कहा कि जुबैर खान का सेवाकाल विद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित ज्ञान नहीं दिया, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने, अनुशासन अपनाने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए भी प्रेरित किया।
शिक्षकों ने कहा कि खान का सेवाकाल हमारे लिए महज नौकरी का कालखंड नहीं, बल्कि समर्पण, सेवा, निष्ठा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की प्रेरणादायक यात्रा रहा है। उनके अनुभव और कार्यशैली से विद्यालय के अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी प्रेरित हुए हैं।

शिक्षक बनकर आए, इसी विद्यालय से सेवानिवृत्त होकर विदा हुए
समारोह को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त व्याख्याता जुबैर खान भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि वे कभी इस विद्यालय में शिक्षक बनकर आए थे और आज उसी विद्यालय से सेवानिवृत्त होकर विदा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए शिक्षक की नौकरी केवल नौकरी नहीं थी, बल्कि यह मेरे जीवन का उद्देश्य और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का माध्यम रही है।”
खान ने कहा कि अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ विद्यार्थियों के हित में कार्य करने का प्रयास किया। विद्यालय, सहकर्मियों और विद्यार्थियों से जुड़ी यादें उनके जीवन की अमूल्य धरोहर हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे शिक्षा एवं विद्यार्थियों से स्वयं को अलग नहीं करेंगे। अपने अनुभवों का लाभ वे आगे भी निःशुल्क रूप से विद्यार्थियों एवं जरूरतमंदों को प्रदान करते रहेंगे।
सहकर्मियों के प्रति जताया आभार
जुबैर खान ने अपने विदाई संबोधन में विद्यालय के सभी सहकर्मियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सहकर्मियों के सहयोग, स्नेह और आत्मीयता के कारण उनका सेवाकाल यादगार बन सका।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में बिताए वर्षों के दौरान उन्हें अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन साथी शिक्षकों के सहयोग से हर परिस्थिति का सामना करने में आसानी हुई। विद्यालय परिवार से मिले सम्मान और अपनत्व को वे हमेशा याद रखेंगे।
उन्होंने विद्यालय के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के साथ बिताया समय उनके जीवन की महत्वपूर्ण स्मृतियों में शामिल रहेगा।
सम्मान के दौरान भावुक हुआ विद्यालय परिवार
विदाई समारोह के दौरान जब विद्यालय परिवार ने जुबैर खान को शॉल, श्रीफल एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया, तब वातावरण भावुक हो गया। लंबे समय तक एक ही संस्थान में सेवाएं देने वाले शिक्षक की विदाई ने उनके सहकर्मियों एवं विद्यार्थियों को भावुक कर दिया।
विद्यालय परिवार के सदस्यों ने उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके अनुभवों एवं मार्गदर्शन का लाभ विद्यालय तथा समाज को मिलता रहे, ऐसी शुभकामनाएं दीं।
वरिष्ठ शिक्षिका कविता वाणी ने किया संचालन
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षिका कविता वाणी ने किया। उन्होंने समारोह की पूरी रूपरेखा को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाते हुए उपस्थित अतिथियों एवं वक्ताओं का परिचय कराया। कार्यक्रम के अंत में उच्च श्रेणी शिक्षक अरविंद सिंह ठाकुर ने सभी उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवाकाल की यादें रहेंगी सदैव स्मरणीय
जुबैर खान की सेवानिवृत्ति के साथ उनके लंबे सेवाकाल का औपचारिक रूप से समापन हुआ, लेकिन विद्यालय के लिए उनका योगदान और उनसे जुड़ी यादें लंबे समय तक स्मरणीय रहेंगी। करीब चार दशक तक शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहकर उन्होंने अनेक विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने का कार्य किया।
विदाई समारोह में उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि किसी शिक्षक की वास्तविक उपलब्धि उसके द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थियों की सफलता और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों से मापी जाती है। इस दृष्टि से जुबैर खान का सेवाकाल निश्चित रूप से प्रेरणादायक रहा है।
विद्यालय परिवार ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। समारोह सौहार्दपूर्ण एवं भावुक वातावरण में संपन्न हुआ।
