लता अलंकरण सम्मान 2025 : गायक सोनू निगम हुए भावुक, बोले- “लताजी मेरे लिए मां के समान थीं”
इंदौर।
भारतीय संगीत जगत के लोकप्रिय और ख्यात गायक सोनू निगम को इस वर्ष का “लता अलंकरण सम्मान” प्रदान किया गया। रविवार को इंदौर में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें यह सम्मान दिया। पुरस्कार प्राप्त करते हुए सोनू निगम भावुक हो उठे और कहा कि “लता मंगेशकर जी मेरे लिए सिर्फ प्रेरणा नहीं थीं, वे मेरे लिए मां जैसी थीं।”
सोनू निगम की भावुक यादें
समारोह में मंच पर संबोधित करते हुए सोनू निगम ने कहा,
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“मेरे लिए यह सौभाग्य की बात रही कि लता जी हमारे घर आती थीं, हमारे साथ गाती थीं, मेरे बच्चे को प्यार करती थीं। हम उन्हें हंसाते थे और वो हमेशा मां जैसी ममता देती थीं।”
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उन्होंने आगे कहा कि “आज यह सम्मान पाकर मुझे इसलिए भी विशेष खुशी है क्योंकि 30 साल पहले, इसी लता अलंकरण समारोह में मैं एक प्रतिभागी के तौर पर इंदौर आया था। लेकिन आज उसी मंच से लता अलंकरण पुरस्कार प्राप्त कर रहा हूं। यह मेरे जीवन का सबसे खास क्षण है।”
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अपने संगीत सफर को याद करते हुए सोनू निगम ने कहा कि “मैं 45 साल पहले अपने पापा के साथ मुंबई आया था। तब से लेकर अब तक की मेरी यात्रा अद्भुत रही है और यह सम्मान उस यात्रा का सर्वोच्च गौरव है।”

मुख्यमंत्री मोहन यादव की भावनाएँ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लता मंगेशकर जी को स्मरण करते हुए कहा,
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“हमने सरस्वती मां को देखा नहीं, लेकिन जब लता जी को सुनते हैं तो लगता है जैसे उनके गले में सरस्वती मां का अंश हो। उनके स्वर ने भारतीय संगीत को विश्व स्तर पर नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया।”
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सोनू निगम को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा कि “आज ऐसा लग रहा है मानो अमावस्या की रात में पूनम का चांद आ गया हो। हम गर्वित हैं कि हमें विश्वप्रसिद्ध गायक सोनू निगम को सम्मानित करने का अवसर मिला।”
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उन्होंने इंदौर की संगीत परंपरा को भी याद किया और कहा कि “इंदौर की संगीत परंपरा अद्वितीय है और यह सम्मान संगीत की उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।”

समारोह की विशेषताएँ
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कार्यक्रम की शुरुआत संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि “आज का दिन हमारे लिए विशेष है क्योंकि यह समारोह भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी की जयंती पर आयोजित किया जा रहा है।”
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सांस्कृतिक विभाग के संचालक एस.पी. नामदेव ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया और लता मंगेशकर जी के योगदान का स्मरण कराया।
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कार्यक्रम में सोनू निगम ने अपने कुछ प्रसिद्ध गीत भी प्रस्तुत किए, जिन्हें सुनकर दर्शक भावविभोर हो उठे।
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समारोह देर रात तक चला और पूरे आयोजन में कला और संगीत की भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
निष्कर्ष
“लता अलंकरण सम्मान” केवल एक पुरस्कार नहीं बल्कि भारतीय संगीत जगत की सबसे महान शख्सियत लता मंगेशकर को नमन है। इस वर्ष यह सम्मान सोनू निगम को देकर न केवल उनके योगदान को मान्यता दी गई, बल्कि संगीत की उस विरासत को भी सलाम किया गया जिसे लता जी ने अपने स्वरों से अमर बना दिया।
