लाड़ली बहना योजना का बदलेगा नाम, अब कहलाएगी देवी सुभद्रा योजना | मुख्यमंत्री मोहन यादव जल्द करेंगे घोषणा
भोपाल / सिवनी, 11 नवंबर 2025:
मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लाड़ली बहना योजना (Laadli Behna Yojana)’ का नाम अब बदलने जा रहा है। प्राप्त सूत्रों के अनुसार, इस लोकप्रिय महिला सशक्तिकरण योजना का नया नाम ‘देवी सुभद्रा योजना (Devi Subhadra Yojana)’ रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 नवंबर को सिवनी में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान इसकी औपचारिक घोषणा कर सकते हैं।
लाड़ली बहना योजना अब देवी सुभद्रा योजना के नाम से लागू होगी
राज्य सरकार ने इस योजना के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। अब यह योजना देवी सुभद्रा के नाम पर “देवी सुभद्रा योजना” के रूप में पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव 12 नवंबर को सिवनी में लाभार्थी महिलाओं के खाते में राशि स्थानांतरित करते हुए इस नए नाम की घोषणा करेंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री महिलाओं को एक बड़ी सौगात भी देने जा रहे हैं — अब तक जहां लाड़ली बहनाओं को ₹1250 प्रति माह की राशि मिलती थी, वहीं देवी सुभद्रा योजना के अंतर्गत ₹1500 प्रति माह दिए जाएंगे। यानी महिलाओं को अब ₹250 की अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
महिलाओं के खातों में सीधे पहुंचेगा ₹1500
मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के तहत ₹20,450 करोड़ 99 लाख रुपये के बजट का अनुमान लगाया है। बढ़ी हुई राशि के कारण सरकार को ₹1793 करोड़ 75 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी।
फिलहाल, पूरे प्रदेश में 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनाएं इस योजना से जुड़ी हुई हैं, जिन्हें अब तक लगभग ₹44 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
महिलाओं के लिए नई बीमा योजना की भी तैयारी
मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार महिलाओं को न सिर्फ आर्थिक, बल्कि सामाजिक सुरक्षा भी देने के लिए एक नई पहल करने जा रही है।
सरकार अब लाड़ली बहना / देवी सुभद्रा योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए एक नई बीमा योजना (Mahila Bima Yojana) शुरू करने की तैयारी में है।
इस प्रस्तावित योजना के तहत:
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लाभार्थी महिलाओं से केवल नाममात्र का प्रीमियम लिया जाएगा।
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शेष प्रीमियम राशि सरकार स्वयं वहन करेगी।
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बीमा योजना में स्वास्थ्य सुविधाएं और आकस्मिक दुर्घटना कवरेज शामिल होने की संभावना है।
इस कदम का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा के रूप में एक “सम्पूर्ण सुरक्षा कवच” प्रदान करना है।
लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य और अब तक की यात्रा
‘लाड़ली बहना योजना’ की शुरुआत मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई थी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य था —
1. राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना,
2.परिवारों में उनकी भूमिका को सम्मान देना,
3.और आत्मनिर्भरता की दिशा में उन्हें प्रोत्साहित करना।
शुरुआत में महिलाओं को ₹1000 प्रति माह की राशि दी गई थी।
सितंबर 2023 में इसे बढ़ाकर ₹1250 प्रति माह कर दिया गया।
अब देवी सुभद्रा योजना के रूप में यह राशि ₹1500 प्रति माह होगी।
इस योजना से ग्रामीण एवं शहरी, दोनों क्षेत्रों की महिलाएं जुड़ी हैं। इससे करोड़ों परिवारों की महिलाओं को घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली है।
क्यों रखा गया नाम देवी सुभद्रा योजना
राज्य सरकार ने इस योजना का नाम “देवी सुभद्रा योजना” इसलिए रखा है ताकि भारतीय संस्कृति और नारी सम्मान दोनों का प्रतीक प्रस्तुत किया जा सके।
देवी सुभद्रा भगवान श्रीकृष्ण और बलराम की बहन थीं।
उनका विवाह अर्जुन से हुआ था, और वे महाभारत के महान योद्धा अभिमन्यु की माता थीं।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी सुभद्रा को योगमाया का स्वरूप माना जाता है — जो साहस, शक्ति और मातृत्व की प्रतिमूर्ति हैं।
इस नामकरण के पीछे सरकार का उद्देश्य यह है कि महिलाएं देवी सुभद्रा की तरह संघर्षशील, शक्तिशाली और आत्मनिर्भर बनें।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महिलाओं के कल्याण को अपनी प्राथमिकता में रखे हुए हैं।
उन्होंने हाल ही में कहा था कि “महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।”
योजना का नाम बदलना और राशि में वृद्धि इस बात का संकेत है कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर दीर्घकालिक नीति पर काम कर रही है।
राज्य सरकार का मानना है कि देवी सुभद्रा योजना के माध्यम से न सिर्फ आर्थिक सहायता, बल्कि सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक प्रेरणा भी महिलाओं तक पहुंचेगी।
देवी सुभद्रा योजना का आर्थिक प्रभाव
विश्लेषकों का कहना है कि इस योजना के तहत बढ़ाई गई राशि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
गांवों और छोटे कस्बों में महिलाओं के हाथ में अधिक नकद आय आने से:
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स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ेगी,
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छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी,
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और महिलाओं की वित्तीय भागीदारी में सुधार आएगा।
योजना का कुल व्यय अनुमानित ₹20,450 करोड़ 99 लाख रहेगा, जिससे मध्यप्रदेश की महिला आबादी का बड़ा वर्ग लाभान्वित होगा।
लाभार्थियों की प्रतिक्रिया
योजना के संभावित नाम परिवर्तन और राशि वृद्धि को लेकर महिलाओं में उत्साह है।
भोपाल की एक लाभार्थी सुमन तिवारी ने कहा –
“सरकार ने महिलाओं के लिए जो काम किया है, वह सराहनीय है। ₹1500 की राशि मिलने से घरेलू खर्च में बड़ी राहत मिलेगी।”
वहीं सिवनी की रीता बघेल का कहना है –
“देवी सुभद्रा का नाम हमारी आस्था से जुड़ा है। इससे योजना को और सम्मान मिलेगा।”
12 नवंबर को सिवनी में बड़ा कार्यक्रम
राज्य सरकार 12 नवंबर को सिवनी जिले में एक विशाल लाभार्थी सम्मेलन आयोजित कर रही है।
इस कार्यक्रम में:
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे।
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वे महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे।
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और “देवी सुभद्रा योजना” के नाम से नई पहचान देने की घोषणा करेंगे।
इस अवसर पर महिला समूह, स्व-सहायता संगठन और ग्राम पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
मुख्य बिंदु (Key Highlights of Devi Subhadra Yojana)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पुराना नाम | लाड़ली बहना योजना |
| नया नाम | देवी सुभद्रा योजना |
| घोषणा तिथि (संभावित) | 12 नवंबर 2025 |
| घोषणा स्थल | सिवनी, मध्यप्रदेश |
| मुख्यमंत्री | डॉ. मोहन यादव |
| नई राशि | ₹1500 प्रति माह |
| वृद्धि राशि | ₹250 अतिरिक्त |
| लाभार्थी महिलाएं | लगभग 1.26 करोड़ |
| कुल व्यय (2025-26) | ₹20,450 करोड़ 99 लाख |
| अब तक वितरित राशि | ₹44,000 करोड़ से अधिक |
| नई योजना | महिला बीमा एवं स्वास्थ्य सुरक्षा योजना |
निष्कर्ष: महिलाओं के सशक्तिकरण की नई दिशा
मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल केवल योजना का नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक नए दृष्टिकोण की शुरुआत है।
“देवी सुभद्रा योजना” के रूप में यह योजना नारी सम्मान, शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगी।
अब महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि उन्हें समाज में एक नई पहचान और सम्मान भी प्राप्त होगा।
