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लाड़ली बहना योजना पर दिग्विजय सिंह का हमला: “क्या ₹1250 मामा के घर से आता है?”

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Published On: 13 September 2025
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लाड़ली बहना योजना पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का तंज: “क्या यह पैसा मामा के घर से आता है?”

भोपाल, सितंबर 2025।
मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना एक बार फिर राजनीति के केंद्र में आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस योजना के तहत हर महीने दी जाने वाली ₹1250 की आर्थिक सहायता राशि को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का असली समाधान मानने के बजाय केवल “राजनीतिक शोर” करार दिया।

दिग्विजय सिंह का सवाल: “क्या पैसा मामा के घर से आता है?”

शनिवार को दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स (X)’ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा:

👉 “इतनी कम रकम से महिलाएँ न तो अपने परिवार का इलाज निजी अस्पतालों में करा सकती हैं, न बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा सकती हैं और न ही बिजली का बिल चुका सकती हैं। ₹1250 देकर जो शोर मचाया जा रहा है, वह कई अहम सवाल खड़े करता है। क्या यह पैसा इनके मामा के घर से आता है?”

यहां ‘मामा’ शब्द से दिग्विजय ने अप्रत्यक्ष तौर पर मध्य प्रदेश की राजनीति में सीएम से जुड़े लोकप्रिय संबोधन पर कटाक्ष किया।

ladli behana Yojana 26th Installment1250 रुपए में क्या संभव है? दिग्विजय ने गिनाए सवाल

दिग्विजय सिंह ने पोस्ट में बिंदुवार तरीके से सवाल उठाते हुए कहा कि:

  • क्या 1250 रुपए में महिलाएँ अपने परिवार का इलाज महंगे प्राइवेट अस्पतालों में करा सकती हैं?

  • क्या इतनी राशि से तीन बच्चों की शिक्षा अच्छे प्राइवेट स्कूलों में संभव है?

  • क्या 1250 रुपए में बच्चों को पौष्टिक आहार और दूध उपलब्ध कराकर कुपोषण से बचाया जा सकता है?

  • क्या यह रकम बिजली का बिल या त्यौहार के खर्च पूरे कर सकती है?

  • क्या महिलाएँ इस राशि से अपने परिवार की बुनियादी ज़रूरतें पूरी कर सकती हैं?

उन्होंने कहा कि “आज के महंगाई के दौर में यह रकम केवल औपचारिकता और नाक में दम करने के बराबर है।”

रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि महिलाओं को वास्तव में आत्मनिर्भर बनाना है, तो उन्हें केवल नकद राशि देकर सीमित न रखा जाए। बल्कि, उन्हें स्थायी रोजगार, अच्छा वेतन, और सरकारी व सार्वजनिक संस्थानों में सुरक्षित भविष्य वाली नौकरियाँ दी जानी चाहिए।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके समय में लाखों युवाओं और परिवारों को सरकारी नौकरियाँ दी गईं, जिससे देश की आर्थिक और सामाजिक नींव मजबूत हुई।

मोहन भागवत के बयान का जिक्र

अपने बयान में दिग्विजय सिंह ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने महिलाओं से तीन संतानों को जन्म देने का अनुरोध किया था। दिग्विजय ने सवाल किया कि “जब संघ और सरकार इस तरह के बयान देते हैं, तो क्या 1250 रुपए महीने में महिलाएँ तीन बच्चों को पाल सकती हैं?”

राजनीतिक हलकों में चर्चा

दिग्विजय सिंह ने अपनी पोस्ट के अंत में “सुशील सिंह, अंजना सिंह जबलपुर” नाम भी लिखा, जिससे राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि उन्होंने इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।

पृष्ठभूमि: क्या है लाड़ली बहना योजना?

मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 1.26 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में ₹1250 प्रतिमाह भेजे हैं। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर करना है।
लेकिन विपक्ष लगातार इस योजना को “चुनावी स्टंट” और “सीमित आर्थिक मदद” बताते हुए आलोचना करता रहा है।

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