कुशवाह मैरिज गार्डन अशोकनगर बिना अनुमति संचालन, पार्किंग व्यवस्था न होने से सड़क पर जाम, एनओसी और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी पर उठे गंभीर सवाल।
कुशवाह मैरिज गार्डन अशोकनगर: बिना अनुमति संचालन पर उठे गंभीर सवाल, सड़क पर पार्किंग से घंटों जाम
अशोकनगर। कुशवाह मैरिज गार्डन अशोकनगर इन दिनों प्रशासनिक नियमों की अनदेखी के आरोपों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। जनपद पंचायत अशोकनगर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पड़रिया में संचालित इस मैरिज गार्डन के संबंध में स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां आवश्यक अनुमतियों के बिना व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण मुख्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बिना अनुमति संचालन पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुशवाह मैरिज गार्डन अशोकनगर के संचालन के लिए आवश्यक विभागीय अनुमतियों और अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) की स्थिति स्पष्ट नहीं है। नियमानुसार किसी भी मैरिज गार्डन के संचालन के लिए संबंधित विभागों की स्वीकृति आवश्यक होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए परिसर का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
पार्किंग व्यवस्था नहीं, सड़क पर लग रहा जाम
सड़क पर पार्क हो रहे वाहन
कुशवाह मैरिज गार्डन अशोकनगर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण विवाह समारोह और अन्य आयोजनों में आने वाले मेहमानों के वाहन मुख्य सड़क पर खड़े किए जाते हैं।
इससे सड़क संकरी हो जाती है और कई बार घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी के सीजन में दो किलोमीटर का रास्ता तय करने में भी काफी समय लग जाता है।
एनओसी और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी
ग्रामीणों का आरोप है कि मैरिज गार्डन के संचालन में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि किसी भी व्यावसायिक परिसर के संचालन के लिए विभिन्न विभागों की अनुमति जरूरी होती है, लेकिन कुशवाह मैरिज गार्डन अशोकनगर के संबंध में इन अनुमतियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ध्वनि प्रदूषण से स्थानीय लोग परेशान
स्थानीय निवासियों के अनुसार विवाह समारोहों के दौरान देर रात तक तेज आवाज में डीजे और लाउडस्पीकर बजाए जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे बुजुर्गों, विद्यार्थियों और बीमार लोगों को परेशानी होती है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
इतने बड़े स्तर पर संचालित हो रही गतिविधियों के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक संबंधित विभागों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सभी अनुमतियां उपलब्ध हैं तो प्रशासन सार्वजनिक रूप से इसकी जानकारी दे, अन्यथा नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें
- मैरिज गार्डन की सभी विभागीय अनुमतियों की जांच हो।
- पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य कराई जाए।
- सड़क पर वाहन खड़े करने पर रोक लगे।
- ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन कराया जाए।
- यदि अनियमितता मिले तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
निष्कर्ष
कुशवाह मैरिज गार्डन अशोकनगर को लेकर उठे सवाल अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुके हैं। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें ताकि आम लोगों को जाम, ध्वनि प्रदूषण और अन्य समस्याओं से राहत मिल सके।
(नोट: यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
