क्षुल्लिका उत्तीर्ण मति माता जी समाधि समाचार: टीकमगढ़ के बड़ागांव धसान स्थित उदारसागर जनकल्याण तीर्थ में 20 दिसंबर को सुबह 10 बजे समाधि डोला निकलेगा। संपूर्ण जानकारी पढ़ें।
क्षुल्लिका उत्तीर्ण मति माता जी समाधि: जैन समाज के लिए श्रद्धा का क्षण
भूमिका
क्षुल्लिका उत्तीर्ण मति माता जी समाधि का समाचार संपूर्ण जैन समाज के लिए अत्यंत भावुक और श्रद्धा से भरा हुआ है। त्याग, तपस्या और साधना की प्रतीक माता जी का समाधि मरण जैन धर्म की गौरवशाली परंपरा को और अधिक उजागर करता है।
क्षुल्लिका उत्तीर्ण मति माता जी का समाधि मरण
टीकमगढ़ जिले के श्री उदारसागर जनकल्याण तीर्थ, बड़ागांव (धसान) में विराजमान
परम पूज्य आचार्य श्री 108 उदारसागर जी महाराज (7 पिच्छी) के ससंघ सानिध्य में
परम पूज्य क्षुल्लिका श्री 105 उत्तीर्ण मति माता जी (उम्र 85 वर्ष) का
दिनांक 19 दिसंबर, समय दोपहर 3:05 बजे
समतापूर्वक समाधि मरण हो गया।
यह क्षुल्लिका उत्तीर्ण मति माता जी समाधि जैन साधना मार्ग की सर्वोच्च उपलब्धि मानी जाती है।

20 दिसंबर को समाधि डोला कार्यक्रम
क्षुल्लिका उत्तीर्ण मति माता जी समाधि डोला
दिनांक: 20 दिसंबर
समय: सुबह 10 बजेस्थान: श्री उदारसागर जनकल्याण तीर्थ, बड़ागांव (धसान)
ढोल-नगाड़ों एवं जैन विधि-विधान के साथ डोला यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु सम्मिलित होंगे।
आचार्य श्री उदारसागर जी का सानिध्य
पूरे समाधि संस्कार का संचालन
परम पूज्य आचार्य श्री 108 उदारसागर जी महाराज के दिव्य सानिध्य में किया जाएगा।
उनका मार्गदर्शन जैन साधना परंपरा को सुदृढ़ करता है।
जैन समाज में शोक और श्रद्धा
क्षुल्लिका उत्तीर्ण मति माता जी समाधि की सूचना मिलते ही
टीकमगढ़, छतरपुर, सागर एवं आसपास के क्षेत्रों में
जैन समाज में शोक के साथ-साथ गहन श्रद्धा का वातावरण व्याप्त हो गया।
जैन परंपरा में समाधि का महत्व
जैन धर्म में समाधि मरण को आत्मशुद्धि और मोक्ष मार्ग का श्रेष्ठ सोपान माना गया है।
क्षुल्लिका उत्तीर्ण मति माता जी समाधि इस परंपरा का जीवंत उदाहरण है।

आयोजन स्थल की जानकारी
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तीर्थ: श्री उदारसागर जनकल्याण तीर्थ
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ग्राम: बड़ागांव (धसान)
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जिला: टीकमगढ़, मध्यप्रदेश
निष्कर्ष
क्षुल्लिका उत्तीर्ण मति माता जी समाधि केवल एक समाचार नहीं, बल्कि जैन धर्म की तपस्वी परंपरा का गौरवशाली अध्याय है। 20 दिसंबर को निकलने वाला समाधि डोला माता जी के त्याग, तप और आत्मबल का स्मरण कराएगा।
