कृष्ण जन्माष्टमी 2025: 15 या 16 अगस्त? जानें इस बार व्रत और पूजा की सही तिथि
इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की सही तिथि को लेकर आम जनमानस में भ्रम की स्थिति देखी जा रही है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या इस वर्ष व्रत और पूजा 15 अगस्त को करनी चाहिए या 16 अगस्त को। आइए, ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज कुमार द्विवेदी से जानते हैं कि इस साल श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कब मनाया जाएगा और पूजा का सही समय क्या है।
कृष्ण जन्माष्टमी 2025 का महत्व
इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का 5252वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। परंपरा के अनुसार, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग इस पर्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन इस बार अष्टमी तिथि दो दिन व्याप्त रहेगी और रोहिणी नक्षत्र अगले दिन सुबह से आरंभ हो रहा है, जिससे व्रत और पूजा की तिथि को लेकर आम लोगों में भ्रम पैदा हो गया है।
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी की व्याख्या
पंडित मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि पंचांग गणना के अनुसार, अष्टमी तिथि 15 अगस्त की रात 11 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 16 अगस्त की रात 9 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। यही कारण है कि आम जनमानस इस बार सही तिथि को लेकर उलझन में है।
कब है अष्टमी तिथि और व्रत कब करें?
- 15 अगस्त को तिथि मध्यरात्रि से प्रारंभ हो रही है।
- शास्त्रानुसार श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि के मध्यकाल में हुआ था।
- अष्टमी तिथि दोनों दिन आधी रात तक व्याप्त होने के कारण, जन्माष्टमी व्रत और पूजा दूसरे दिन यानी 16 अगस्त को करना श्रेष्ठ माना जाता है।
- वैष्णव मत के अनुसार भी अष्टमी तिथि 16 अगस्त को मान्य रहेगी।
- व्रत की पूर्ति अष्टमी के उपवास और पूजा के बाद नवमी के पारण से होती है, यानी पारण 17 अगस्त की सुबह किया जाएगा।
शास्त्रों के अनुसार विशेष बातें
- अर्द्धरात्रि में रहने वाली तिथि अधिक मान्य होती है।
- अगर अष्टमी तिथि सप्तमी विद्धा (संयुक्त) हो तो उसे शास्त्रानुसार त्यागना चाहिए।
- इस बार 15 अगस्त की अष्टमी सप्तमी विद्धा है, इसलिए सर्वार्था त्याज्य है।
- वहीं, 16 अगस्त की अष्टमी नवमीं विद्धा है, जो शास्त्रानुसार ग्राह्य मानी जाती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
श्रद्धालुओं के लिए 16 अगस्त 2025 को ही जन्माष्टमी व्रत और पूजा करना श्रेयस्कर रहेगा।
- पूजा का श्रेष्ठ समय: रात 12:04 बजे से 12:47 बजे तक
- इसे निशीथ काल कहा जाता है और यही श्रीकृष्ण के जन्म का वास्तविक क्षण माना जाता है।
निष्कर्ष
इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त 2025 को ही मनाई जाएगी। इसलिए सभी श्रद्धालु इस दिन अष्टमी व्रत करें, पूजा-अर्चना करें और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद लें।

