मातृशक्ति प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण का आधार : कृष्णा गायकी
आठनेर के बरखेड़ में ‘शक्ति से सृजन’ कार्यक्रम आयोजित, जलस्रोतों और वृक्षों का पूजन कर दो स्थानों पर किया बोरी बंधान
आठनेर। प्रकृति, संस्कृति के संरक्षण और नवसृजन में मातृशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और पारिवारिक संस्कारों को मजबूत बनाने के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। यह बात भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा गायकी ने ग्राम बरखेड़ में आयोजित ‘शक्ति से सृजन’ नवांकुर सखी प्रकृति-संस्कृति संरक्षण कार्यक्रम में कही।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर के निर्देशन में जागृति ग्राम विकास समिति, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बरखेड़ और ग्राम पंचायत बरखेड़ के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। गायकी ने कहा कि जब नारी संकल्प लेती है, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने महिलाओं से ग्राम विकास, संस्कृति संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जल संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
जल संरक्षण के लिए दो स्थानों पर बोरी बंधान
कार्यक्रम के दौरान मंत्रोच्चार के साथ गांव के कुएं, भूमि और वृक्षों का पूजन किया गया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। वर्षा जल को व्यर्थ बहने से रोकने और भूजल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गांव में दो स्थानों पर बोरी बंधान किया गया।
नगर मंडल आठनेर अध्यक्ष एवं परामर्शदाता गोवर्धन राने ने कहा कि बोरी बंधान प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प है। जल की प्रत्येक बूंद अनमोल है और उसका संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से जल संचयन के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की।

मां दुर्गा के भजनों के साथ संस्कृति संरक्षण का संदेश
ग्राम के सामुदायिक भवन में विराजित मां दुर्गा के समक्ष नवांकुर सखियों और ग्रामीणों ने संकीर्तन एवं देवी भजनों का आयोजन किया। इस दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बरखेड़ की सरपंच निशा धुर्वे और पंचायत सचिव संध्या अडलक को शासकीय योजनाओं के उचित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन में योगदान के लिए तिलक लगाकर, पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की विकासखंड समन्वयक मधु चौहान, नवांकुर संस्था अध्यक्ष देवीदास गावंडे, प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष सुनील गावंडे, पत्रकार प्रकाश मुन्ना आवठे, ग्राम पंचायत पंच बलदेव ठाकरे, सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष सिंह चौहान, परामर्शदाता दिनेश साकरे, दीपिका पातुलकर, प्रियांशु धाकड़े, अंकित सातपुते सहित सीएमसीएलडीपी के विद्यार्थी और इंटर्न उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लेकर किया गया। आयोजन के माध्यम से ग्रामीणों को जल बचाने, पौधों की रक्षा करने और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
