दमोह। समता सैनिक दल के राष्ट्रीय नेतृत्व ने मध्यप्रदेश में संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। दमोह के अंबेडकरवादी कार्यकर्ता Komal Ahirwar को समता सैनिक दल का मध्यप्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मार्शल डॉ. गुलाबराव राजे की अनुशंसा और राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सहमति के बाद की गई।
कोमल अहिरवार की नियुक्ति को संगठन के मध्यप्रदेश में विस्तार और गतिविधियों को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने उम्मीद जताई है कि वे प्रदेश में संगठन की राज्य कार्यकारी समिति का गठन कर कार्यकर्ताओं को एकजुट करेंगे और समता सैनिक दल के उद्देश्यों को अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
राष्ट्रीय नेतृत्व ने सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
समता सैनिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मार्शल डॉ. गुलाबराव राजे के निर्देश पर राष्ट्रीय महासचिव मार्शल संजय ओरके और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मार्शल रामानंद की अनुशंसा पर Komal Ahirwar को मध्यप्रदेश प्रभारी बनाया गया है।
संगठन की ओर से कहा गया कि Komal Ahirwar के लंबे समय से किए जा रहे सामाजिक कार्यों, अंबेडकरवादी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और विभिन्न मुद्दों को लेकर किए गए संघर्षों को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।
प्रदेश प्रभारी के रूप में अब उनकी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की होगी। इसके लिए विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं को जोड़ने, संगठनात्मक समितियों का गठन करने और प्रदेश स्तर पर टीम तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की विचारधारा से जुड़ा संगठन
समता सैनिक दल का इतिहास डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के सामाजिक आंदोलन से जुड़ा हुआ है। संगठन के अनुसार, वर्ष 1927 में बहुजन समाज के अधिकारों की सुरक्षा और शोषण के खिलाफ अनुशासित तरीके से आंदोलन करने के उद्देश्य से महार रेजिमेंट से सेवानिवृत्त सैनिकों को संगठित कर समता सैनिक दल का गठन किया गया था।
संगठन का उद्देश्य सामाजिक समानता, अधिकारों की सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाना बताया जाता है। समता सैनिक दल के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।
संगठन से जुड़े कार्यकर्ता डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की विचारधारा और उनके सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर गतिविधियां संचालित करते हैं।
मध्यप्रदेश में संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस
Komal Ahirwar को मध्यप्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद अब प्रदेश में संगठन के विस्तार को लेकर गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनसे जल्द ही मध्यप्रदेश की राज्य कार्यकारी समिति का गठन करने की अपेक्षा जताई है।
इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में संगठन की इकाइयों को सक्रिय करना, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना और सामाजिक मुद्दों पर संगठन की भूमिका को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।
मध्यप्रदेश एक बड़ा राज्य होने के कारण यहां संगठन को जिला और ब्लॉक स्तर तक विस्तार देने के लिए मजबूत कार्यकर्ता नेटवर्क की आवश्यकता होगी। ऐसे में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद कोमल अहिरवार के सामने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी।
Komal Ahirwar ने जताया राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार
मध्यप्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद Komal Ahirwar ने समता सैनिक दल के राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे संगठन की विचारधारा को मध्यप्रदेश के जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों और उनके सामाजिक न्याय के संदेश को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। कोमल अहिरवार ने कहा कि संगठन को मजबूत करने और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए वे लगातार प्रयास करेंगे।
उनके अनुसार, संगठन की विचारधारा को केवल शहरों तक सीमित रखने के बजाय समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है। इसके लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया जाएगा।
कार्यकर्ताओं ने दी बधाई
Komal Ahirwar की नियुक्ति की जानकारी सामने आने के बाद मध्यप्रदेश के संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और अंबेडकर मिशन के साथियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।
कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश में समता सैनिक दल की गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी और संगठन का विस्तार तेजी से होगा। साथियों ने संगठन को मजबूत करने के लिए कोमल अहिरवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का भरोसा भी दिलाया।
इन लोगों ने दी शुभकामनाएं
Komal Ahirwar को बधाई देने वालों में अंबेडकर मिशन के साथी प्रमोद दिनकर, रोहित अहिरवार, नसीर खान, फारुख खान, सोहन लाल निखिलदीप, गजेंद्र अहिरवार, देवराज सूर्यवंशी, निर्भय जयकर, मोती बंसल, हीरा जाटव, जीतेन्द्र जाटव और शारदा अहिरवार शामिल रहे।
इसके अलावा इमरान खान, पुष्पेंद्र कुशवाहा, अमीर खान, मोंटू राठौर, रज्जन पटेल, जुम्मन खान, मजीत खान, गोलू रैकवार, मूलचंद अहिरवार, भगवान दास, अन्नी रैकवार, आशीष लोधी, शिवा सेन, वीरेश सेन, रज्जाक खान, आकाश भारती, परम बंसल, वीरू अहिरवार और विक्रम सूर्यवंशी सहित अन्य साथियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।

राज्य कार्यकारिणी गठन की होगी बड़ी जिम्मेदारी
प्रदेश प्रभारी के तौर पर कोमल अहिरवार के सामने सबसे पहली बड़ी जिम्मेदारियों में राज्य कार्यकारिणी का गठन शामिल है। एक मजबूत राज्य टीम के जरिए संगठन की गतिविधियों को जिलों और स्थानीय स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।
इसके लिए अनुभवी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ युवाओं और नए सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन की मौजूदगी मजबूत करने के लिए स्थानीय स्तर पर समितियों का गठन भी किया जा सकता है।
सामाजिक मुद्दों पर सक्रियता बढ़ाने की उम्मीद
समता सैनिक दल का जोर सामाजिक समानता और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर रहा है। ऐसे में मध्यप्रदेश प्रभारी की नई जिम्मेदारी के बाद संगठन की सामाजिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश में शिक्षा, सामाजिक समानता, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को लेकर संगठन अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ा सकता है। हालांकि, आने वाले समय में संगठन की प्राथमिकताएं और कार्यक्रम राज्य स्तर पर गठित होने वाली कार्यकारिणी और राष्ट्रीय नेतृत्व के दिशा-निर्देशों के आधार पर स्पष्ट होंगे।
संगठन के लिए नई शुरुआत
Komal Ahirwar की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब संगठन मध्यप्रदेश में अपने नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से उन्हें दी गई जिम्मेदारी से यह संकेत मिलता है कि प्रदेश में संगठनात्मक विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि कोमल अहिरवार राज्य कार्यकारिणी का गठन किस तरह करते हैं और मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में संगठन को किस तरह सक्रिय करते हैं।
कोमल अहिरवार ने भी राष्ट्रीय नेतृत्व के भरोसे पर खरा उतरने और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की विचारधारा को प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प जताया है। ऐसे में उनकी नई जिम्मेदारी आने वाले समय में समता सैनिक दल के मध्यप्रदेश संगठन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
