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टांडा से खाटू धाम के लिए निकली भव्य पैदल यात्रा, भजन संध्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना के साथ रवाना हुए श्याम भक्त

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Published On: 20 July 2026
Khatu Shyam devotees begin the grand foot pilgrimage from Tanda, Dhar, with a decorated chariot, religious flags, and devotional chants during the annual Padayatra to Khatu Dham
— Khatu Shyam devotees begin the grand foot pilgrimage from Tanda, Dhar, with a decorated chariot, religious flags, and devotional chants during the annual Padayatra to Khatu Dham

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टांडा से खाटू धाम के लिए निकली भव्य पैदल यात्रा, भजन संध्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना के साथ रवाना हुए श्याम भक्त

रिपोर्ट: कौशिक पण्डित | टांडा, जिला धार

दूसरे वर्ष भी निकली आस्था की पदयात्रा, रथ और निशान के साथ श्याम भक्तों ने किया खाटू धाम का प्रस्थान

टांडा (धार)। मध्य प्रदेश के धार जिले के टांडा नगर में भगवान श्री श्याम के प्रति भक्तों की अटूट आस्था और समर्पण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। नगर के श्याम प्रेमियों द्वारा खाटू श्याम धाम पैदल यात्रा का भव्य शुभारंभ किया गया। यात्रा से एक दिन पूर्व विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें देर रात तक बाबा श्याम के भजनों की मधुर स्वर लहरियां गूंजती रहीं। भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

इस वर्ष यात्रा को पिछले वर्ष की तुलना में और अधिक भव्य स्वरूप दिया गया। श्रद्धालु हाथों में निशान, आगे सुसज्जित रथ, बैंड-बाजों की मधुर धुन और जय श्री श्याम के जयघोष के साथ खाटू धाम के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान भक्तों ने क्षेत्र में अच्छी वर्षा, किसानों की समृद्धि, प्रदेश और देश की खुशहाली तथा सभी नागरिकों के स्वस्थ जीवन की कामना की।

भजन संध्या में गूंजे बाबा श्याम के मनमोहक भजन

पदयात्रा के शुभारंभ से पूर्व आयोजित भव्य भजन संध्या श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायकों अभिषेक पलवार (धार), प्रदीप कुमावत (धार) और निलेश डूंगरवाल (टांडा) ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भजन संध्या के दौरान प्रस्तुत किया गया भावपूर्ण भजन—

“क्या लगता हूं बाबा, जो तू मेरी हर मुसीबत में दौड़ा चला आता है…”

ने उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं। कई श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबकर भावविभोर हो गए और पूरा पंडाल जय श्री श्याम के उद्घोष से गूंज उठा।

इसके अलावा बाबा श्याम की महिमा, कृपा और भक्तों के प्रति उनके स्नेह पर आधारित अनेक भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिन पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।

नरसिंह मंदिर से आरती के साथ हुआ यात्रा का शुभारंभ

खाटू धाम पैदल यात्रा का शुभारंभ नगर के प्राचीन नरसिंह मंदिर से किया गया। यात्रा प्रारंभ होने से पहले भगवान की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई।

इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम का स्मरण करते हुए यात्रा प्रारंभ की। यात्रा में सबसे आगे सुसज्जित रथ, उसके पीछे हाथों में निशान लिए श्याम भक्त और उनके साथ बैंड-बाजों की मधुर धुन पर गूंजते धार्मिक जयघोष आकर्षण का केंद्र बने।

नगर के प्रमुख मार्गों से निकली भव्य शोभायात्रा

यात्रा नरसिंह मंदिर से प्रारंभ होकर टांडा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई।

रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, आरती और पूजा-अर्चना के माध्यम से यात्रियों का स्वागत किया। जगह-जगह लोगों ने शीतल पेयजल, फल और प्रसाद की व्यवस्था कर यात्रियों की सेवा की।

नगर के नागरिक बड़ी संख्या में अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर बाबा श्याम की यात्रा का स्वागत करते दिखाई दिए। पूरा नगर “जय श्री श्याम” के जयघोष से गूंज उठा।

संतों के सान्निध्य में निकली यात्रा

इस भव्य पैदल यात्रा का आयोजन परम पूज्य आशीष जी शर्मा (श्याम हवेली, मल्हारगढ़) एवं परम पूज्य गुरुदेव गोविंद दास जी महाराज (वृंदावन) के सान्निध्य में संपन्न हुआ।

संतों ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि खाटू श्याम की भक्ति व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करती है।

उन्होंने कहा कि पदयात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आत्मअनुशासन, सेवा, संयम और समर्पण का भी प्रतीक है।

दूसरे वर्ष भी बढ़ा श्रद्धालुओं का उत्साह

यात्रा में शामिल भक्तों ने बताया कि यह टांडा से खाटू धाम तक निकाली जा रही पैदल यात्रा का दूसरा वर्ष है।

पहले वर्ष की सफलता और बाबा श्याम की कृपा से प्रेरित होकर इस बार यात्रा को अधिक भव्य स्वरूप दिया गया है।

भक्तों ने बताया कि इस बार यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए हैं तथा सभी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ खाटू धाम की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

कई शहरों और गांवों से जुड़ेंगे श्रद्धालु

यात्रा में शामिल आयोजकों ने बताया कि इस बार केवल टांडा ही नहीं बल्कि आसपास के अनेक क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे।

इनमें प्रमुख रूप से रिंगनोद, राजगढ़, लाबरिया, राजोद, बदनावर तथा रतलाम के श्याम भक्त शामिल होंगे।

यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु दल इस पदयात्रा से जुड़ते जाएंगे, जिससे यह यात्रा और अधिक विशाल स्वरूप धारण करेगी।

रथ और निशान बने यात्रा का प्रमुख आकर्षण

इस वर्ष यात्रा में विशेष रूप से आकर्षक ढंग से सजाया गया बाबा श्याम का रथ और भक्तों के हाथों में सजे रंग-बिरंगे निशान लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।

श्रद्धालु जय श्री श्याम के जयघोष के साथ पूरे उत्साह से आगे बढ़ते रहे। अनेक श्रद्धालु भजन गाते हुए पदयात्रा कर रहे थे, जबकि कई भक्त ढोल और बैंड की धुन पर नृत्य करते हुए बाबा की भक्ति में लीन दिखाई दिए।

क्षेत्र में अच्छी बारिश और समृद्धि की कामना

यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार बाबा श्याम के दरबार में विशेष प्रार्थना की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वे बाबा से प्रार्थना करेंगे कि पूरे क्षेत्र में समय पर अच्छी वर्षा हो, किसानों की फसल लहलहाए, प्रदेश और देश में सुख-समृद्धि बनी रहे तथा सभी नागरिक स्वस्थ और खुशहाल जीवन व्यतीत करें।

भक्तों ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक संतुलन और किसानों की समृद्धि पूरे समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए बाबा के चरणों में यही प्रार्थना की जाएगी कि सभी पर उनकी कृपा बनी रहे।

बाबा श्याम की भक्ति से बढ़ रहा सामाजिक और आध्यात्मिक जुड़ाव

खाटू श्याम के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्त पैदल यात्रा कर खाटू धाम पहुंचते हैं और बाबा के दर्शन कर अपने जीवन की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

इस प्रकार की यात्राएं केवल धार्मिक आयोजन नहीं होतीं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे, सेवा भावना, अनुशासन और आध्यात्मिक जागरूकता को भी मजबूत करती हैं।

टांडा से निकली यह यात्रा भी सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आई।

श्रद्धा, सेवा और समर्पण का बना संदेश

पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में अनुशासन, सेवा और समर्पण की भावना देखने को मिली। रास्ते भर नागरिकों ने यात्रियों की सेवा कर भारतीय संस्कृति की अतिथि सेवा परंपरा का परिचय दिया।

भक्तों ने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा श्याम की कृपा से यह यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न होगी और सभी श्रद्धालु खाटू धाम पहुंचकर दर्शन एवं पूजन का लाभ प्राप्त करेंगे।

टांडा से प्रारंभ हुई यह भव्य पदयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, एकता और लोककल्याण की भावना का भी संदेश देती नजर आई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि बाबा श्याम के प्रति लोगों की श्रद्धा लगातार बढ़ रही है और उनकी भक्ति लोगों को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रही है।

 

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